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मनी लॉन्ड्रिंग केस: पूर्व सब पोस्टमास्टर संजीव कुमार को डेढ़ साल की कैद, पहले से काट रहा 4 साल की सजा
Wed, 16 Sep 2026 02:44 PM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली
Published by: Nivedita
Updated Wed, 16 Sep 2026 02:44 PM IST
सार
संजीव कुमार और अन्य निजी व्यक्तियों के खिलाफ केंद्र सरकार को 8 करोड़ 48 लाख 96 हजार 285 रुपये का नुकसान पहुंचाने के आरोप में सीबीआई ने केस दर्ज किया था। आरोपों में धोखाधड़ी, गबन, जालसाजी और पद के दुरुपयोग से जुड़े अपराध शामिल थे।
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अदालत
- फोटो : ANI
विस्तार
मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में स्पेशल जज सीबीआई की अदालत ने तत्कालीन सब पोस्टमास्टर (डीजी नकोदर) संजीव कुमार को डेढ़ साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। यह मामला सीबीआई की जांच के बाद प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दर्ज किया था। संजीव कुमार पहले से ही मामले से जुड़े भ्रष्टाचार और गबन के अपराध में चार साल की सजा काट रहा है।
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जानकारी के अनुसार संजीव कुमार और अन्य निजी व्यक्तियों के खिलाफ केंद्र सरकार को 8 करोड़ 48 लाख 96 हजार 285 रुपये का नुकसान पहुंचाने के आरोप में सीबीआई ने केस दर्ज किया था। आरोपों में धोखाधड़ी, गबन, जालसाजी और पद के दुरुपयोग से जुड़े अपराध शामिल थे। सीबीआई ने मामले में आठ अलग-अलग चार्जशीट दाखिल की थीं।
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मुकदमे के दौरान संजीव कुमार के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत आरोप तय किए गए थे। उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया था और मुकदमा चलाने की मांग नहीं की थी। 11 अक्तूबर 2019 को अदालत ने उसे भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत दो साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई थी। इसके अलावा धारा 409 के तहत छह माह और पीसी एक्ट की धारा 13(2) के तहत चार साल की कैद तथा 25 हजार रुपये जुर्माने की सजा भी सुनाई गई थी। जुर्माना नहीं भरने पर अतिरिक्त कैद का प्रावधान किया गया था।
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ईडी ने ऐसे जोड़ी मनी लॉन्ड्रिंग की कड़ी
सीबीआई की जांच के बाद ईडी ने अपराध से अर्जित रकम की मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू की। जांच के दौरान ईडी ने सीबीआई की चार्जशीट, वित्तीय दस्तावेज और अन्य जानकारी जुटाने के साथ संबंधित लोगों के बयान दर्ज किए। जांच एजेंसी के अनुसार संजीव कुमार ने जालसाजी और गबन से हासिल रकम को विभिन्न बैंक खातों के जरिये इस्तेमाल किया और बाद में इस रकम से निजी खर्च और चल-अचल संपत्तियां खरीदी गईं।
ईडी ने मामले में कुछ आरोपियों की करीब 42 लाख रुपये कीमत की चल-अचल संपत्तियां अस्थायी रूप से कुर्क भी की थीं। जांच पूरी होने के बाद ईडी ने संजीव कुमार और अन्य आरोपियों के खिलाफ अदालत में शिकायत दाखिल की। मौजूदा मनी लॉन्ड्रिंग मामले में संजीव कुमार के खिलाफ 29 मई को आरोप तय किए गए थे। अब अदालत ने उसे डेढ़ साल की कैद और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। संजीव कुमार फिलहाल केंद्रीय जेल होशियारपुर में अपनी पहले की सजा काट रहा है।