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मोहाली के किसान सौ ट्रैक्टर ट्राली लेकर दिल्ली करेंगे कूच
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मोहाली। कृषि कानूनों के वापस लिए जाने का जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एलान किया, उसके बाद से इलाके में जश्न का माहौल है। वहीं, अब किसानों द्वारा 26 नवंबर को दिल्ली बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन को एक साल पूरे होने के उपलक्ष्य में 100 ट्रैक्टरों के साथ दिल्ली कूच करने की तैयारियां की जा रही हैं।
बेस्टेक पक्का मोर्चा के किसानों का कहना है कि सोशल मीडिया के नोटिफिकेशन के जरिए बताया जा रहा है कि हम जीत की तरफ जा रहे हैं। जब तक संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़ी 32 जत्थेबंदियों को केंद्र सरकार की ओर से लिखित तौर पर पत्र जारी नहीं होता तब तक मोहाली में चल रहे किसान मोर्चा जारी रखे जाएंगे। 29 नवंबर को लोकसभा के सेशन के बाद यह ही निर्णय लिया जाएगा कि सरकार किन शर्तों के साथ कानून रद्द कर रही है।
ऐसे में सरकार की बात पर यकीन नहीं किया जा सकता। लोकसभा सेशन को ध्यान में रखते हुए मोहाली के किसानों ने यह फैसला किया है। ऐसे में मोहाली के साथ लगते गांवों के किसानों को अपील की जा रही है कि वे अपने ट्रैक्टर ट्राली लेकर 26 नवंबर 2020 की तरह इस साल भी रैली में शामिल हों।
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अभी यह हमारी अधूरी जीत
पक्का मोर्चा का नेतृत्व कर रहे गुरप्रीत सिंह धालीवाल ने कहा कि बेस्टेक पक्का मोर्चा के किसानों द्वारा प्रधानमंत्री के बयान के बाद जश्न जरूर मनाया गया, पर यह एक अधूरी जीत है। हमें आंदोलन को मजबूत करना है, जब तक लोकसभा में किसानों की सभी मांगों को मंजूरी नहीं मिल जाती मोर्चा जारी रहेगा। वहीं, यह जीत 700 किसानों कि शहीद हो जाने के बाद मिली है, जो खुशी को आधा कर देती है। उन किसानों की आत्मा को तभी शांति मिलेगी जब किसानों के द्वारा उठाई गई सभी मांगों को केंद्र सरकार लिखित तौर पर मंजूरी नहीं कर देती।
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बेस्टेक पक्का मोर्चा के किसानों का कहना है कि सोशल मीडिया के नोटिफिकेशन के जरिए बताया जा रहा है कि हम जीत की तरफ जा रहे हैं। जब तक संयुक्त किसान मोर्चा से जुड़ी 32 जत्थेबंदियों को केंद्र सरकार की ओर से लिखित तौर पर पत्र जारी नहीं होता तब तक मोहाली में चल रहे किसान मोर्चा जारी रखे जाएंगे। 29 नवंबर को लोकसभा के सेशन के बाद यह ही निर्णय लिया जाएगा कि सरकार किन शर्तों के साथ कानून रद्द कर रही है।
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ऐसे में सरकार की बात पर यकीन नहीं किया जा सकता। लोकसभा सेशन को ध्यान में रखते हुए मोहाली के किसानों ने यह फैसला किया है। ऐसे में मोहाली के साथ लगते गांवों के किसानों को अपील की जा रही है कि वे अपने ट्रैक्टर ट्राली लेकर 26 नवंबर 2020 की तरह इस साल भी रैली में शामिल हों।
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अभी यह हमारी अधूरी जीत
पक्का मोर्चा का नेतृत्व कर रहे गुरप्रीत सिंह धालीवाल ने कहा कि बेस्टेक पक्का मोर्चा के किसानों द्वारा प्रधानमंत्री के बयान के बाद जश्न जरूर मनाया गया, पर यह एक अधूरी जीत है। हमें आंदोलन को मजबूत करना है, जब तक लोकसभा में किसानों की सभी मांगों को मंजूरी नहीं मिल जाती मोर्चा जारी रहेगा। वहीं, यह जीत 700 किसानों कि शहीद हो जाने के बाद मिली है, जो खुशी को आधा कर देती है। उन किसानों की आत्मा को तभी शांति मिलेगी जब किसानों के द्वारा उठाई गई सभी मांगों को केंद्र सरकार लिखित तौर पर मंजूरी नहीं कर देती।