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Mohali News: कालका में मच्छर का लारवा चेक करने वाली टीम के साथ हो रही बदसलूकी
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कालका। डेंगू की रोकथाम के लिए लोगों के घरों और दुकानों में मच्छर का लारवा चेक करने के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाई गई सोर्स रिडक्शन की टीमों को अनेक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे कई मामले लगातार सामने आ रहे हैं जब घरों में लारवा की चेकिंग के लिए पहुंच रही टीम से लोग बदसलूकी कर गाली-गलौज तक करते नजर आ रहे हैं। कई बार तो लोग इस ब्रीडर चेकर्स टीम को अपने घरों से भगा देते हैं। जबकि पिंजौर-कालका में लारवा मिल रहा है और डेंगू के चार मामले भी सामने आ चुके हैं।
बता दें कि स्वास्थ्य विभाग के ब्रीडर चेकर रोजाना लारवा की जांच के लिए लोगो के घर पहुंचकर सोर्स रिडक्शन गतिविधि कर रहे हैं। यहां उन्हें कालका-पिंजौर में भारी संख्या में डेंगू का लारवा मिल रहा है। कालका-पिंजौर में लारवा मिलने का मुख्य कारण पानी स्टोर करना है। वहीं, जब ब्रीडर चेकर्स स्टोर किए हुए पानी में घर के सदस्य को लारवा दिखाते हैं और उस पानी को गिराने के लिए बोलते हैं तो वह उत्तेजित हो उठते हैं और जोर-जोर से चिल्लाने लगते हैं कि क्या करें पानी केवल कुछ देर के लिए ही आता है, ऐसे में स्टोर न करेँ तो क्या करें। इतना ही नहीं कई जगह तो लोग ब्रीडर चेकर्स टीम को कहने लगते हैं कि गलियों और नालियों में भी पानी भरा रहता है, वहां पर तो किसी का ध्यान नहीं जाता, जबकि यह काम नगर परिषद का है, न कि ब्रीडर चेकर्स टीम का। लेकिन इसका खामियाजा ब्रीडर चेकर्स टीम को भुगतना पड़ रहा है।
जिन घरों में मिल रहा लारवा, उनकी बन रही सूची
सोर्स रिडक्शन का काम कर रही ब्रीडर चेकर टीम के साथ लगे एमपीएचडब्लयू राहुल और अभिमन्यु ने बताया कि जिस घर में बार-बार लारवा मिल रहा है उसकी सूची तैयार की जा रही है। उक्त घर को असंवेदनशील सूची में डाला जा रहा है, डीएमओ के माध्यम से नगर परिषद को एरिया वाइज यह सूची प्रेषित की जा रही है। यहां यह भी बता दें कि अप्रैल, 20233 से कालका एसडीएच के अंतर्गत आने वाले एरिया में सोर्स रिडक्शन की टीमें लगातार अपना काम कार रही हैं। वहीं, मंगलवार को सोर्स रिडक्शन गतिविधि के दौरान अब्दुलापुर, टिब्बी मोहल्ला, वाल्मीकि बस्की, भैरो की सेर और सारंग मोहल्ला के 1450 घरों में विजिट के दौरान 11500 कंटेनर चेक किए गए। इनमें से 120 में मच्छर का लारवा पाया गया, जो कि कंटेनर इंडेक्स 1.2 प्रतिशत बनता है।
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कालका-पिंजौर में डेंगू के आ चुके चार मामले
कालका स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक कालका-पिंजौर में अब तक डेंगू के कुल चार मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से पपलोहा की एक महिला (46) और शिव काॅलोनी की एक महिला (27) सहित पिंजौर रथपुर के एक (29) वर्षीय युवक और एक बच्चे (11) में डेंगू की पुष्टि हुई थी। फिलहाल इन चारों की हालत सामान्य है। वहीं, दो मामलों में ट्रेवल हिस्ट्री है, जिसमें से पहला मामला बसंत विहार का सामने आया था, यहां एक व्यक्ति (45) को डेंगू हुआ था, उसकी ट्रेवल हिस्ट्री दिल्ली की थी और दूसरा मामला शिव काॅलोनी का था, इसमें एक 22 वर्षीय युवक में डेंगू की पुष्टि हुई थी, इसकी ट्रेवल हिस्ट्री हिमाचल की है। बता दें कि ट्रेवल हिस्ट्री वाले केसों की एरिया की रिपोर्ट में गिनती नहीं की जाती।
काेट
डेंगू का लारवा चेक करने के लिए लगाई गई टीमें बेहतर तरीके से अपना काम कर रही हैं। लोगों को भी इसमें अपना सहयोग देना चाहिए। यह ब्रीडर चेकर्स टीम लोगों के घर से डेंगू का लारवा निकालने का काम करती हैं, ताकि उनका परिवार डेंगू जैसी भयंकर बीमारी की चपेट में न आए और सुरक्षित रहे। फिर भी कुछ लोग इन चीजों को समझने के बजाय टीम के साथ दुर्व्यवहार करते हैं जो कि सही नहीं है, विभाग इन मामलों को लेकर सख्त है, अगर आगे कोई ऐसा मामला सामने आता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। -डाॅ. राजीव नरवाल, एसएमओ एसडीएच कालका।
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स्वास्थ्य विभाग की टीमों के साथ आए दिन गलत व्यवहार के मामले सामने आ रहे हैं जो असहनीय हैं। लेकिन फिर भी हम स्थानीय लोगों से अपील करते हैं कि हमारी टीमों के साथ सहयोग करें यह सभी सोर्स रिडक्शन करने वाले कर्मचारी आपको आने वाली गंभीर जानलेवा डेंगू जैसी बीमारियों के प्रति सचेत करने के साथ-साथ आपके और आपके परिवार में होने वाली जनहानि से बचाने में सहायक होंगे। समाज सेवी संस्थाओं से भी अनुरोध है कि वह भी अपने स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य विभाग की टीमों की ओर से किए जाने वाले जनहित कार्य में सहयोग करने के लिए जागरूक करे। -संदीप कुमार, स्वास्थ्य निरीक्षक।
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बता दें कि स्वास्थ्य विभाग के ब्रीडर चेकर रोजाना लारवा की जांच के लिए लोगो के घर पहुंचकर सोर्स रिडक्शन गतिविधि कर रहे हैं। यहां उन्हें कालका-पिंजौर में भारी संख्या में डेंगू का लारवा मिल रहा है। कालका-पिंजौर में लारवा मिलने का मुख्य कारण पानी स्टोर करना है। वहीं, जब ब्रीडर चेकर्स स्टोर किए हुए पानी में घर के सदस्य को लारवा दिखाते हैं और उस पानी को गिराने के लिए बोलते हैं तो वह उत्तेजित हो उठते हैं और जोर-जोर से चिल्लाने लगते हैं कि क्या करें पानी केवल कुछ देर के लिए ही आता है, ऐसे में स्टोर न करेँ तो क्या करें। इतना ही नहीं कई जगह तो लोग ब्रीडर चेकर्स टीम को कहने लगते हैं कि गलियों और नालियों में भी पानी भरा रहता है, वहां पर तो किसी का ध्यान नहीं जाता, जबकि यह काम नगर परिषद का है, न कि ब्रीडर चेकर्स टीम का। लेकिन इसका खामियाजा ब्रीडर चेकर्स टीम को भुगतना पड़ रहा है।
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जिन घरों में मिल रहा लारवा, उनकी बन रही सूची
सोर्स रिडक्शन का काम कर रही ब्रीडर चेकर टीम के साथ लगे एमपीएचडब्लयू राहुल और अभिमन्यु ने बताया कि जिस घर में बार-बार लारवा मिल रहा है उसकी सूची तैयार की जा रही है। उक्त घर को असंवेदनशील सूची में डाला जा रहा है, डीएमओ के माध्यम से नगर परिषद को एरिया वाइज यह सूची प्रेषित की जा रही है। यहां यह भी बता दें कि अप्रैल, 20233 से कालका एसडीएच के अंतर्गत आने वाले एरिया में सोर्स रिडक्शन की टीमें लगातार अपना काम कार रही हैं। वहीं, मंगलवार को सोर्स रिडक्शन गतिविधि के दौरान अब्दुलापुर, टिब्बी मोहल्ला, वाल्मीकि बस्की, भैरो की सेर और सारंग मोहल्ला के 1450 घरों में विजिट के दौरान 11500 कंटेनर चेक किए गए। इनमें से 120 में मच्छर का लारवा पाया गया, जो कि कंटेनर इंडेक्स 1.2 प्रतिशत बनता है।
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कालका-पिंजौर में डेंगू के आ चुके चार मामले
कालका स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी के मुताबिक कालका-पिंजौर में अब तक डेंगू के कुल चार मामले सामने आ चुके हैं। इनमें से पपलोहा की एक महिला (46) और शिव काॅलोनी की एक महिला (27) सहित पिंजौर रथपुर के एक (29) वर्षीय युवक और एक बच्चे (11) में डेंगू की पुष्टि हुई थी। फिलहाल इन चारों की हालत सामान्य है। वहीं, दो मामलों में ट्रेवल हिस्ट्री है, जिसमें से पहला मामला बसंत विहार का सामने आया था, यहां एक व्यक्ति (45) को डेंगू हुआ था, उसकी ट्रेवल हिस्ट्री दिल्ली की थी और दूसरा मामला शिव काॅलोनी का था, इसमें एक 22 वर्षीय युवक में डेंगू की पुष्टि हुई थी, इसकी ट्रेवल हिस्ट्री हिमाचल की है। बता दें कि ट्रेवल हिस्ट्री वाले केसों की एरिया की रिपोर्ट में गिनती नहीं की जाती।
काेट
डेंगू का लारवा चेक करने के लिए लगाई गई टीमें बेहतर तरीके से अपना काम कर रही हैं। लोगों को भी इसमें अपना सहयोग देना चाहिए। यह ब्रीडर चेकर्स टीम लोगों के घर से डेंगू का लारवा निकालने का काम करती हैं, ताकि उनका परिवार डेंगू जैसी भयंकर बीमारी की चपेट में न आए और सुरक्षित रहे। फिर भी कुछ लोग इन चीजों को समझने के बजाय टीम के साथ दुर्व्यवहार करते हैं जो कि सही नहीं है, विभाग इन मामलों को लेकर सख्त है, अगर आगे कोई ऐसा मामला सामने आता है तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा। -डाॅ. राजीव नरवाल, एसएमओ एसडीएच कालका।
स्वास्थ्य विभाग की टीमों के साथ आए दिन गलत व्यवहार के मामले सामने आ रहे हैं जो असहनीय हैं। लेकिन फिर भी हम स्थानीय लोगों से अपील करते हैं कि हमारी टीमों के साथ सहयोग करें यह सभी सोर्स रिडक्शन करने वाले कर्मचारी आपको आने वाली गंभीर जानलेवा डेंगू जैसी बीमारियों के प्रति सचेत करने के साथ-साथ आपके और आपके परिवार में होने वाली जनहानि से बचाने में सहायक होंगे। समाज सेवी संस्थाओं से भी अनुरोध है कि वह भी अपने स्थानीय लोगों को स्वास्थ्य विभाग की टीमों की ओर से किए जाने वाले जनहित कार्य में सहयोग करने के लिए जागरूक करे। -संदीप कुमार, स्वास्थ्य निरीक्षक।