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आठ घंटे तक खरड़-चंडीगढ़ हाईवे जाम, फंसे रहे वाहन चालक
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मोहाली/खरड़। खरड़ में सोमवार पंजाब भर से आए नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल का असर वीआईपी शहर पर पड़ा और शहर के अलग-अलग हिस्से में लोगों ट्रैफिक जाम की समस्या का सामना करना पड़ा। दूसरी ओर, नर्सिंग स्टाफ की हड़ताल के चलते सिविल अस्पताल में मरीजों को इलाज न मिलने की वजह से मुश्किलों का सामना करना पड़ा। सोमवार को नर्सिंग स्टाफ ने खरड़-चंडीगढ़ हाईवे दोपहर दो बजे जाम कर दिया, जिसके चलते देर शाम 8 बजे तक हाईवे पूरी तरह से जाम रहा।
जानकारी के मुताबिक सोमवार लोग इलाज को लिए फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल पहुंचे, लेकिन नर्सिंग स्टाफ न होने की स्थिति में लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद ज्यादा गंभीर मरीजों को अन्य अस्पताल में रेफर कर दिया। आलम यह हुआ कि मरीज इलाज के लिए कभी इस कमरे तो कभी उस कमरे में इलाज को लेकर घूमते नजर आए। जबकि इससे भी ज्यादा परेशानी शहरवासियों को उठानी पड़ी, क्योंकि खरड़-चंडीगढ़ हाईवे जाम होने की वजह से सारा ट्रैफिक मोहाली के अंदर दाखिल हो गया। जिसके चलते एयरपोर्ट रोड, इंडस्ट्रियल एरिया, स्पाइस चौक, लांडरां रोड पर भारी जाम की स्थिति बन गई और भारी जाम के चलते वाहन चालकों को अपने रास्ते बदल-बदल कर निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी एयरपोर्ट रोड, खरड़-चंडीगढ़ हाईवे और लांडरा-खरड़ हाईवे की हुई, जहां लोगों को भारी ट्रैफिक जाम के चलते घंटों इंतजार करना पड़ा।
सीएम के स्पेशल प्रिंसिपल सचिव से मीटिंग तीन बजे
जानकारी के मुताबिक पुलिस की आरे से रोष रैली को देखते हुए अलग-अलग जगहों पर बैरिकेड्स और ट्रक लगाकर सड़कों को रोका गया था। लेकिन पंजाब भर के कर्मचारियों के रोष के आगे पुलिस के प्रबंध नजर नहीं आए और कर्मचारी पुलिस की ओर से लगाए बैरिकेड्स को हटाते हुए आगे बढ़ गए और खरड़-चंडीगढ़ हाईवे पर रोष धरना देकर हाईवे को जाम कर दिया। इस अवसर पर सुषमा शर्मा, आशा, कांता, दिलप्रीत कौर, बलविंदर कौर, पलविंदर कौर, कमलदीप कौर, गुरविंदर सिंह, श्री राम बेदी आनंद समेत कई अन्य प्रवक्ताओं ने रोष रैली को संबोधित करते हुए पे-पेरिटी बहाल करने की मांग की। इसके अलावा 5वें पे-कमीशन के अनुसार ही 6ठां पे-कमीशन देने की मांग की गई। कर्मचारियों को बनते भत्ते, नर्सिग केयर भत्ता, यूनिफार्म, वाशिंग भत्ता और डाइट भत्ता आदि समेत कई अन्य मांगों को मानने से सरकार मांग रही हैं। उन्होंने कहा कि रोष धरना तभी खत्म करेंगे, जब सरकार अधिवेशन जारी करेगी। रोष रैली वाली जगह पर प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन प्रदर्शनकारियों को मीटिंग के लिए सरकार से समय दिलाने की अपील करते रहे और धरना खत्म करने के लिए कहते रहे परंतु प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि उनकी मांगों को लेकर सरकार अधिवेशन जारी करें। एसडीएम की ओर से यूनियन के नेताओं को 28 दिसंबर को मुख्यमंत्री के स्पेशल प्रिंसिपल सचिव के साथ मीटिंग करवाने का पत्र सौंपा गया तो उसके बाद प्रदर्शनकारियों की ओर से एक तरफ का यातायात खोल दिया गया, जबकि दूसरी ओर हाईवे पर यातायात जाम था और देर तक वाहन फंसे रहे।
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जानकारी के मुताबिक सोमवार लोग इलाज को लिए फेज-6 स्थित सिविल अस्पताल पहुंचे, लेकिन नर्सिंग स्टाफ न होने की स्थिति में लोगों को प्राथमिक उपचार के बाद ज्यादा गंभीर मरीजों को अन्य अस्पताल में रेफर कर दिया। आलम यह हुआ कि मरीज इलाज के लिए कभी इस कमरे तो कभी उस कमरे में इलाज को लेकर घूमते नजर आए। जबकि इससे भी ज्यादा परेशानी शहरवासियों को उठानी पड़ी, क्योंकि खरड़-चंडीगढ़ हाईवे जाम होने की वजह से सारा ट्रैफिक मोहाली के अंदर दाखिल हो गया। जिसके चलते एयरपोर्ट रोड, इंडस्ट्रियल एरिया, स्पाइस चौक, लांडरां रोड पर भारी जाम की स्थिति बन गई और भारी जाम के चलते वाहन चालकों को अपने रास्ते बदल-बदल कर निकलने के लिए मजबूर होना पड़ा। सबसे ज्यादा परेशानी एयरपोर्ट रोड, खरड़-चंडीगढ़ हाईवे और लांडरा-खरड़ हाईवे की हुई, जहां लोगों को भारी ट्रैफिक जाम के चलते घंटों इंतजार करना पड़ा।
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सीएम के स्पेशल प्रिंसिपल सचिव से मीटिंग तीन बजे
जानकारी के मुताबिक पुलिस की आरे से रोष रैली को देखते हुए अलग-अलग जगहों पर बैरिकेड्स और ट्रक लगाकर सड़कों को रोका गया था। लेकिन पंजाब भर के कर्मचारियों के रोष के आगे पुलिस के प्रबंध नजर नहीं आए और कर्मचारी पुलिस की ओर से लगाए बैरिकेड्स को हटाते हुए आगे बढ़ गए और खरड़-चंडीगढ़ हाईवे पर रोष धरना देकर हाईवे को जाम कर दिया। इस अवसर पर सुषमा शर्मा, आशा, कांता, दिलप्रीत कौर, बलविंदर कौर, पलविंदर कौर, कमलदीप कौर, गुरविंदर सिंह, श्री राम बेदी आनंद समेत कई अन्य प्रवक्ताओं ने रोष रैली को संबोधित करते हुए पे-पेरिटी बहाल करने की मांग की। इसके अलावा 5वें पे-कमीशन के अनुसार ही 6ठां पे-कमीशन देने की मांग की गई। कर्मचारियों को बनते भत्ते, नर्सिग केयर भत्ता, यूनिफार्म, वाशिंग भत्ता और डाइट भत्ता आदि समेत कई अन्य मांगों को मानने से सरकार मांग रही हैं। उन्होंने कहा कि रोष धरना तभी खत्म करेंगे, जब सरकार अधिवेशन जारी करेगी। रोष रैली वाली जगह पर प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन प्रदर्शनकारियों को मीटिंग के लिए सरकार से समय दिलाने की अपील करते रहे और धरना खत्म करने के लिए कहते रहे परंतु प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि उनकी मांगों को लेकर सरकार अधिवेशन जारी करें। एसडीएम की ओर से यूनियन के नेताओं को 28 दिसंबर को मुख्यमंत्री के स्पेशल प्रिंसिपल सचिव के साथ मीटिंग करवाने का पत्र सौंपा गया तो उसके बाद प्रदर्शनकारियों की ओर से एक तरफ का यातायात खोल दिया गया, जबकि दूसरी ओर हाईवे पर यातायात जाम था और देर तक वाहन फंसे रहे।
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