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कोरोना और किसानी संघर्ष से कच्चा माल मिलना हुआ मुश्किल, उद्योगों पर सकंट
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मोहाली। वीआईपी सिटी सहित पंजाब का उद्योग संकट में है। उद्योगपति त्रस्त हैं, पहले कोरोना काल में लॉकडाउन और अब किसान आंदोलन के कारण उद्योगों का संकट खत्म होता नजर नहीं आ रहा। इन दिनों कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी और उपलब्धता में कमी के कारण एमएसएमई उद्योग मुश्किल में आ गए हैं। मोहाली इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने इस मामले में सरकार से दखल की मांग करते हुए राहत देने की गुहार लगाई है।
उक्त दोनों की कारणों के कारण रेल यातायात बंद रहने और अब सड़क यातायात बाधित होने से कच्चे माल की उलब्धता में भारी गिरावट आई है। एक ओर जहां कच्चा माल मिल नहीं पा रहा, वहीं जो मिल रहा है उसकी कीमतों में अभूतपूर्व उछाल देखने को मिल रहा है। कच्चा माल न मिलने से एमएसएमई यानि माइक्रो, स्मॉल और मीडियम इंडस्ट्री संकट में आ गई है। इस कारण मोहाली इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने सरकार से तत्काल दखल देने की मांग की है।
एमआईए के प्रधान योगेश सागर का कहना है कि कच्चे माल की कमी के कारण हाल के दिनों में स्टील की कीमतें कई बार बढ़ गई हैं। जिससे क्षेत्र के एमएसएमई के लिए कच्चे माल की खरीदारी संभव नहीं है। इस कारण कीमतों में रोजाना बढ़ोतरी हो रही है। इससे उद्योगों के लिए मौजूदा आर्डर या मांग के मुताबिक उत्पादन करना संभव नहीं रह गया है। इसी कारण नए ऑर्डर मिलना बंद हो गए हैं और पुराने ऑर्डर को पूरा करना भी संभव नहीं हो पा रहा।
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एमआईए के महासचिव राजीव गुप्ता का कहना है कि सूक्ष्म और लघु उद्योग कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से प्रभावित हो रहे हैं। कोरोना लॉकडाउन के बाद ये इकाइयां मुश्किल से काम कर रही हैं। अब कच्चे माल की कीमतों में इजाफे के कारण यहां के सूक्ष्म और लघु उद्योग बंद होने की कगार पर हैं। जिसका नतीजा बेरोजगारी के रूप में सामने आएगा। गुप्ता का कहना है कि उद्योग पहले ही देरी से हो रहे भुगतान की समस्या से जूझ रहे हैं। उस पर महंगा कच्चा माल मिलने से तैयार किए गए उत्पाद की लागत बढ़ेगी। जिससे ये उद्योग पहले किए गए अनुबंधों को उसी दर पर पूरा करने में असमर्थ होंगे। लिहाजा एसोसिएशन ने सरकार से तत्काल दखल देने की मांग उठाते हुए इस समस्या के हल की गुहार लगाई है।
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उक्त दोनों की कारणों के कारण रेल यातायात बंद रहने और अब सड़क यातायात बाधित होने से कच्चे माल की उलब्धता में भारी गिरावट आई है। एक ओर जहां कच्चा माल मिल नहीं पा रहा, वहीं जो मिल रहा है उसकी कीमतों में अभूतपूर्व उछाल देखने को मिल रहा है। कच्चा माल न मिलने से एमएसएमई यानि माइक्रो, स्मॉल और मीडियम इंडस्ट्री संकट में आ गई है। इस कारण मोहाली इंडस्ट्रीज एसोसिएशन ने सरकार से तत्काल दखल देने की मांग की है।
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एमआईए के प्रधान योगेश सागर का कहना है कि कच्चे माल की कमी के कारण हाल के दिनों में स्टील की कीमतें कई बार बढ़ गई हैं। जिससे क्षेत्र के एमएसएमई के लिए कच्चे माल की खरीदारी संभव नहीं है। इस कारण कीमतों में रोजाना बढ़ोतरी हो रही है। इससे उद्योगों के लिए मौजूदा आर्डर या मांग के मुताबिक उत्पादन करना संभव नहीं रह गया है। इसी कारण नए ऑर्डर मिलना बंद हो गए हैं और पुराने ऑर्डर को पूरा करना भी संभव नहीं हो पा रहा।
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एमआईए के महासचिव राजीव गुप्ता का कहना है कि सूक्ष्म और लघु उद्योग कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से प्रभावित हो रहे हैं। कोरोना लॉकडाउन के बाद ये इकाइयां मुश्किल से काम कर रही हैं। अब कच्चे माल की कीमतों में इजाफे के कारण यहां के सूक्ष्म और लघु उद्योग बंद होने की कगार पर हैं। जिसका नतीजा बेरोजगारी के रूप में सामने आएगा। गुप्ता का कहना है कि उद्योग पहले ही देरी से हो रहे भुगतान की समस्या से जूझ रहे हैं। उस पर महंगा कच्चा माल मिलने से तैयार किए गए उत्पाद की लागत बढ़ेगी। जिससे ये उद्योग पहले किए गए अनुबंधों को उसी दर पर पूरा करने में असमर्थ होंगे। लिहाजा एसोसिएशन ने सरकार से तत्काल दखल देने की मांग उठाते हुए इस समस्या के हल की गुहार लगाई है।