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Mohali News: विदेश जाना है तो जालसाज एजेंटों के झांसे में न आएं, न ही डंकी वाला रास्ता अपनाएं
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मोहाली। आप भी विदेश जाने की लालसा रखते हैं तो जरा संभलकर। ऐसा न हो कि आपको ट्रेवल या इमिग्रेशन एजेंट चूना लगा जाए और आपका कैरियर ही तबाह कर डालें। इसलिए वैध तरीके से ही सभी औपचारिकताएं पूरी करके ही विदेश जाने की सोचें। क्योंकि पिछले साल-2024 के दौरान विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी के मामलों की संख्या करीब 150 के पार पहुंची थी, वहीं साल-2023 में विदेश भेजने के नाम पर धोखाधड़ी के मामलों की संख्या करीब 222 थी।
जिला प्रशासन की ओर से इमिग्रेशन फ्राॅड को रोकने के लिए करीब 426 लाइसेंसधारी एजेंट्स की लिस्ट जारी की गई थी। इसका उद्देश्य यह था कि जो विदेश जाने की योजना बना रहे हैं वह किसी फ्राॅड में न फंसे। लेकिन कई चालाक इमिग्रेशन कंपनियां ग्रामीण क्षेत्र में युवाओं और उनके अभिभावकों को अपने जाल में फंसाने के लिए न कंपनी की सिर्फ साज-सजावट के साथ वैभव दिखाती हैं, बल्कि उनके एजेंट्स युवाओं को विदेश के सपने भी दिखाते हैं।
जिला प्रशासन ने जो वैध इमिग्रेशन कंपनियों की सूची जारी की थी उसका लक्ष्य है कि लोगों को यह मालूम रहे कि अधिकृत और प्रमाणित एजेंट्स कौन से हैं। जिससे वह ठगी का शिकार होने से काफी हद तक बच सकेंगे। इस सूची में मोहाली, खरड़, जीरकपुर और डेराबस्सी के क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करने वाले अधिकृत एजेंटों के नाम शामिल हैं।
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एक इमिग्रेशन एजेंट ने बताया कि एजेंट का काम सिर्फ फाइल तैयार करना होता है। वास्तव में यह बस इसी बात की फीस लेते हैं। इसके अलावा अपने ही अनुभव और जांच के आधार पर वह लोगों को काॅलेज की सत्यता और अन्य जानकारियां उपलब्ध करवाते हैं। कोई इमिग्रेशन एजेंट काॅलेज की फीस नहीं भरता है, आपके कागजात ठीक होने चाहिए। फीस को सीधे क्लाइंट की ओर से ही भरवाया जाता है।
पहले भी हो चुके ठगी के मामले
2 दिसंबर-2024
मटौर थाना पुलिस ने इमिग्रेशन कंपनी के खिलाफ 19 लाख रुपये की धोखाधड़ी का केस दर्ज किया। यूके का स्टडी वीजा दिलवाने के नाम पर मोटी रकम देने को लिए मजबूर किया था।
8 जुलाई 2024
मोहाली के फेज-11 थाना पुलिस ने अर्पणा सरगोता और इसके बेटे को विदेश भेजने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया था।
24 जुलाई-2024
खुद को रिटायर्ड नेवी अधिकारी बताकर मोहाली के आठ लोगों को विदेश भेजने के नाम पर ठगने वाले पति और पत्नी को मोहाली पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
7 मार्च-2024
एक दंपती ने मोहाली में अलग-अलग नाम से 6-7 इमिग्रेशन कंपनियां खोली थीं। यह दपंती फर्जी वीजा और ऑफर लेटर देकर लोगों से करोड़ों रुपये ठग चुका था।
21 दिसंबर-2023
लाखों की ठगी करने वाली स्टार फ्यूचर एजुकेशन एंड इमिग्रेशन सर्विसेज की प्रबंधक छवि शर्मा को मटौर पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
कोट्स
जिला प्रशासन से लाइसेंस लेने वाले इमिग्रेशन एजेंट्स की लिस्ट वेबसाइट पर है। बेरोजगारी की वजह से न तो किसी फर्जी एजेंट के जाल में फंसना चाहिए और न ही अवैध तरीके से जाने के बारे में सोचना चाहिए। ठगी से बचने के लिए लोगों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अथॉरिटी को देनी चाहिए। -विराज एस तिड़के, एडीसी (जनरल) मोहाली
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जिला प्रशासन की ओर से इमिग्रेशन फ्राॅड को रोकने के लिए करीब 426 लाइसेंसधारी एजेंट्स की लिस्ट जारी की गई थी। इसका उद्देश्य यह था कि जो विदेश जाने की योजना बना रहे हैं वह किसी फ्राॅड में न फंसे। लेकिन कई चालाक इमिग्रेशन कंपनियां ग्रामीण क्षेत्र में युवाओं और उनके अभिभावकों को अपने जाल में फंसाने के लिए न कंपनी की सिर्फ साज-सजावट के साथ वैभव दिखाती हैं, बल्कि उनके एजेंट्स युवाओं को विदेश के सपने भी दिखाते हैं।
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जिला प्रशासन ने जो वैध इमिग्रेशन कंपनियों की सूची जारी की थी उसका लक्ष्य है कि लोगों को यह मालूम रहे कि अधिकृत और प्रमाणित एजेंट्स कौन से हैं। जिससे वह ठगी का शिकार होने से काफी हद तक बच सकेंगे। इस सूची में मोहाली, खरड़, जीरकपुर और डेराबस्सी के क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करने वाले अधिकृत एजेंटों के नाम शामिल हैं।
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एक इमिग्रेशन एजेंट ने बताया कि एजेंट का काम सिर्फ फाइल तैयार करना होता है। वास्तव में यह बस इसी बात की फीस लेते हैं। इसके अलावा अपने ही अनुभव और जांच के आधार पर वह लोगों को काॅलेज की सत्यता और अन्य जानकारियां उपलब्ध करवाते हैं। कोई इमिग्रेशन एजेंट काॅलेज की फीस नहीं भरता है, आपके कागजात ठीक होने चाहिए। फीस को सीधे क्लाइंट की ओर से ही भरवाया जाता है।
पहले भी हो चुके ठगी के मामले
2 दिसंबर-2024
मटौर थाना पुलिस ने इमिग्रेशन कंपनी के खिलाफ 19 लाख रुपये की धोखाधड़ी का केस दर्ज किया। यूके का स्टडी वीजा दिलवाने के नाम पर मोटी रकम देने को लिए मजबूर किया था।
8 जुलाई 2024
मोहाली के फेज-11 थाना पुलिस ने अर्पणा सरगोता और इसके बेटे को विदेश भेजने के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये ठगी के आरोप में गिरफ्तार किया था।
24 जुलाई-2024
खुद को रिटायर्ड नेवी अधिकारी बताकर मोहाली के आठ लोगों को विदेश भेजने के नाम पर ठगने वाले पति और पत्नी को मोहाली पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
7 मार्च-2024
एक दंपती ने मोहाली में अलग-अलग नाम से 6-7 इमिग्रेशन कंपनियां खोली थीं। यह दपंती फर्जी वीजा और ऑफर लेटर देकर लोगों से करोड़ों रुपये ठग चुका था।
21 दिसंबर-2023
लाखों की ठगी करने वाली स्टार फ्यूचर एजुकेशन एंड इमिग्रेशन सर्विसेज की प्रबंधक छवि शर्मा को मटौर पुलिस ने गिरफ्तार किया था।
कोट्स
जिला प्रशासन से लाइसेंस लेने वाले इमिग्रेशन एजेंट्स की लिस्ट वेबसाइट पर है। बेरोजगारी की वजह से न तो किसी फर्जी एजेंट के जाल में फंसना चाहिए और न ही अवैध तरीके से जाने के बारे में सोचना चाहिए। ठगी से बचने के लिए लोगों को हमेशा सतर्क रहना चाहिए और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत संबंधित अथॉरिटी को देनी चाहिए। -विराज एस तिड़के, एडीसी (जनरल) मोहाली