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जाली सर्टिफिकेट से नौकरी पाने वालों की खुली पोल
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मोहाली। शिक्षा विभाग से लेकर सेना में जाली दस्तावेजों से नौकरियां हासिल करने का मामला सामने आया है। यह खुलासा पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड में विभिन्न विभागों से पहुंचे सर्टिफिकेटों की वेरिफिकेशन से हुआ। इसके बाद बोर्ड ने उक्त लोगों को अपने रिकॉर्ड में ब्लैकलिस्ट कर दिया है। साथ ही इस संबंधी अगली कार्रवाई करने के लिए संबंधित विभागों को पत्र लिखा है। बोर्ड अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने इस संबंधी जानकारी अपनी वेबसाइट पर अपलोड कर दी है।
जानकारी के मुताबिक पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड में पंजाब के जिला होशियारपुर से एक सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए आया था। यह सर्टिफिकेट 12वीं का था जो मार्च 2000 की परीक्षा वाला था। बोर्ड के रिकॉर्ड में उक्त रोल नंबर का रिजल्ट फेल था पर उस सर्टिफिकेट में पास दिखाया था। इसके बाद बोर्ड ने इसे अपने रिकॉर्ड में ब्लैकलिस्ट किया है। इसी तरह अतिरिक्त निगरान अधिकारी फिरोजपुर से आया एक दसवीं का सर्टिफिकेट भी फर्जी पाया गया। इसके बाद इसे भी रिकॉर्ड में ब्लैकलिस्ट किया गया। इसके बाद सेना के फिरोजपुर कैंट से आया एक सर्टिफिकेट भी जांच में फर्जी पाया गया।
बोर्ड अधिकारियों ने बताया कि हर महीने बोर्ड में दो हजार से अधिक सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए पहुंचते हैं। इनमें जिन लोगों के सर्टिफिकेट जाली पाए जाते हैं, बोर्ड उन्हें अपने रिकॉर्ड में ब्लैकलिस्ट कर देता है।
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जाली दस्तावेजों से नौकरियां हासिल करने में लड़कियां भी आगे
जानकारी के मुताबिक फर्जी दस्तावेजों से विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरियां हासिल करने में लड़कियां भी काफी आगे रही हैं। यह बात भी बोर्ड में पहुंचने वाले सर्टिफिकेटों की वेरिफिकेशन से खुल चुकी है। कई लड़कियां पंजाबी यूनिवर्सिटी, शिक्षा विभाग, रेलवे तक में नौकरियां हासिल कर गई थीं, हालांकि बाद में उन्हें नौकरी गंवानी पड़ी थी।
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जानकारी के मुताबिक पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड में पंजाब के जिला होशियारपुर से एक सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए आया था। यह सर्टिफिकेट 12वीं का था जो मार्च 2000 की परीक्षा वाला था। बोर्ड के रिकॉर्ड में उक्त रोल नंबर का रिजल्ट फेल था पर उस सर्टिफिकेट में पास दिखाया था। इसके बाद बोर्ड ने इसे अपने रिकॉर्ड में ब्लैकलिस्ट किया है। इसी तरह अतिरिक्त निगरान अधिकारी फिरोजपुर से आया एक दसवीं का सर्टिफिकेट भी फर्जी पाया गया। इसके बाद इसे भी रिकॉर्ड में ब्लैकलिस्ट किया गया। इसके बाद सेना के फिरोजपुर कैंट से आया एक सर्टिफिकेट भी जांच में फर्जी पाया गया।
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बोर्ड अधिकारियों ने बताया कि हर महीने बोर्ड में दो हजार से अधिक सर्टिफिकेट वेरिफिकेशन के लिए पहुंचते हैं। इनमें जिन लोगों के सर्टिफिकेट जाली पाए जाते हैं, बोर्ड उन्हें अपने रिकॉर्ड में ब्लैकलिस्ट कर देता है।
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जाली दस्तावेजों से नौकरियां हासिल करने में लड़कियां भी आगे
जानकारी के मुताबिक फर्जी दस्तावेजों से विभिन्न सरकारी विभागों में नौकरियां हासिल करने में लड़कियां भी काफी आगे रही हैं। यह बात भी बोर्ड में पहुंचने वाले सर्टिफिकेटों की वेरिफिकेशन से खुल चुकी है। कई लड़कियां पंजाबी यूनिवर्सिटी, शिक्षा विभाग, रेलवे तक में नौकरियां हासिल कर गई थीं, हालांकि बाद में उन्हें नौकरी गंवानी पड़ी थी।