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डेराबस्सी में जाली ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश
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डेराबस्सी। पुलिस ने बुधवार को जाली ड्राइविंग लाइसेंस बनाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश कर एक सदस्य को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से पुलिस ने पांच जाली लाइसेंस भी बरामद किए हैं। पुलिस की जांच में सामने आया है कि यह गिरोह तीन हजार रुपये में एक जाली लइसेंस का सौदा करके बेचता था। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान मनीष कुमार गुप्ता निवासी गाजीपुर यूपी हाल निवासी मनीमाजरा, चंडीगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे बुधवार को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर ले लिया है।
डेराबस्सी थाना प्रभारी सहायक इंस्पेक्टर सतिंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि इलाके में जाली ड्राइविंग लाईसेंस बनाने वाला गिरोह सक्रिय है। सूचना के मुताबिक गिरोह का एक सदस्य मनीष कुमार गुप्ता एक्टिवा पर सवार होकर अंबाला से डेराबस्सी की ओर आ रहा है। सूचना मिलने पर एएसआई मेवा सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर गांव जनेतपुर के पास नाका लगाकर आरोपी मनीष को काबू कर लिया। उसके पास से तलाशी में पांच जाली लाइसेंस बरामद किए गए हैं जो कि उसने अलग-अलग लोगों के नाम-पते पर बनाए हुए थे।
पुलिस को पूछताछ में आरोपी मनीष ने बताया कि वह जाली लाइसेंस तैयार कर तीन हजार रुपए प्रति लाइसेंस के हिसाब से लोगों को बेचता था। उसने बताया कि वह अभी तक 50 से 60 लोगों को अभी इसी तरह के जाली लाइसेंस बनाकर बेच चुका है। उसने पुलिस को बताया कि उसके साथ उत्तर प्रदेश के कुछ ओर भी लोग शामिल हैं जो उसकी जाली लाइसेंस बनाने में मदद करते हैं। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह पहले जालंधर में जाली लाइसेंस बनाकर बेचता था और अब बीते कुछ समय से जिला मोहाली में सक्रिय है। इस काम में आने से पहले आरोपी चंडीगढ़ सेक्टर-35 में एक बेकरी की दुकान पर काम करता था। पुलिस रिमांड के दौरान उसके गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे सुराग लगाया जाएगा।
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डेराबस्सी थाना प्रभारी सहायक इंस्पेक्टर सतिंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि इलाके में जाली ड्राइविंग लाईसेंस बनाने वाला गिरोह सक्रिय है। सूचना के मुताबिक गिरोह का एक सदस्य मनीष कुमार गुप्ता एक्टिवा पर सवार होकर अंबाला से डेराबस्सी की ओर आ रहा है। सूचना मिलने पर एएसआई मेवा सिंह के नेतृत्व में एक टीम ने चंडीगढ़-अंबाला हाईवे पर गांव जनेतपुर के पास नाका लगाकर आरोपी मनीष को काबू कर लिया। उसके पास से तलाशी में पांच जाली लाइसेंस बरामद किए गए हैं जो कि उसने अलग-अलग लोगों के नाम-पते पर बनाए हुए थे।
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पुलिस को पूछताछ में आरोपी मनीष ने बताया कि वह जाली लाइसेंस तैयार कर तीन हजार रुपए प्रति लाइसेंस के हिसाब से लोगों को बेचता था। उसने बताया कि वह अभी तक 50 से 60 लोगों को अभी इसी तरह के जाली लाइसेंस बनाकर बेच चुका है। उसने पुलिस को बताया कि उसके साथ उत्तर प्रदेश के कुछ ओर भी लोग शामिल हैं जो उसकी जाली लाइसेंस बनाने में मदद करते हैं। पुलिस ने बताया कि यह गिरोह पहले जालंधर में जाली लाइसेंस बनाकर बेचता था और अब बीते कुछ समय से जिला मोहाली में सक्रिय है। इस काम में आने से पहले आरोपी चंडीगढ़ सेक्टर-35 में एक बेकरी की दुकान पर काम करता था। पुलिस रिमांड के दौरान उसके गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे सुराग लगाया जाएगा।
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