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अवैध निर्माण पर गमाडा का शिकंजा: 24 घंटे में अवैध निर्माण नहीं हटाए तो होगी कार्रवाई
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गमाडा द्वारा भेजे गए नोटिस दिखाकर प्रदर्शन करते गांव बहलोलपुर के निवासी। -संवाद
- फोटो : MOHALI
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मोहाली। कोरोना (कोविड-19) में भी ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने बहलोलपुर क्षेत्र में अवैध तरीके से हुए निर्माणों पर शिकंजा कस दिया है। गमाडा ने ऐसे निर्माणों को अगले 24 घंटे में हटाने के निर्देश दिए हैं। इसके चलते कई लोगों की नींद उड़ गई है।
लोगों का कहना है कि उन्होंने खून पसीने की कमाई से घर बनाए थे। घर बनाने के लिए सरकार के सारे नियमों का पालन किया। लेकिन अब उनके निर्माण को अवैध बताया जा रहा है। ऐसे में अब वह कहां जाएंगे। इस दौरान इलाके के लोगों ने इकट्ठे होकर रोष जताया। उन्होंने कहा कि जानबूझकर उन्हें परेशान किया जा रहा है। वह इस मामले में जल्दी ही सीएम से मिलेंगे। वहीं, अपने घरों को बचाने के लिए उन्हें संघर्ष भी करना पड़ा तो वह पीछे नहीं हटेंगे।
जानकारी के मुताबिक गमाडा की तरफ से जो नोटिस लोगों को भेजे गए हैं। उनमें लिखा है कि गमाडा को फील्ड स्टाफ से मिली रिपोर्ट से पता चला है कि उन्होंने गैर कानूनी तरीके से निर्माण किया हुआ है। जोकि दी पंजाब न्यू कैपिटल पेरीफेरी कंट्रोल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत गलत है। इतना नहीं नहीं इस संबंधी पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के भी आदेश हैं। आदेश में उन्हें निर्माण तुरंत हटाने के आदेश दिए हैं।
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वहीं, आदेश में साफ लिखा गया है कि इस संबंधी जनवरी माह में भी नोटिस दिए गए थे। लेकिन इस दिशा में कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद इस दिशा में कार्रवाई की गई। गमाडा ने आदेश में साफ किया है कि 24 घंटे के अंदर अवैध निर्माण को हर हालत में हटाकर कर उन्हें सूचित किया जाए। ऐसा न करने की स्थिति में गमाडा की तरफ से स्पेशल ड्राइव चलाई जाए। वहीं, इस संबंधी अगर जान माल नुकसान होता है तो इसकी जिम्मेदारी भी लोगों की रहेगी।
पूरी उम्र लगाकर बनाए घर, अब कहां जाएंगे
जानकारी के मुताबिक सोमवार को जैसे ही इलाके के कॉलोनियों में नोटिस पहुंचे तो लोग एकजुट हो गए। लोगों का कहना था कि उन्होंने लाखों रुपये बैंकों से लोन लेकर जमीनें खरीदकर बकायदा रजिस्ट्री करवाई थी। पूरी उम्र लगाकर घर बनाए और मकानों के मीटर तक लगवाए हैं। वहीं, अब भी इलाके में मकान बन रहे हैं। जबकि गमाडा उनके मकानों को तोड़ने की धमकी दे रहा है। जो कि नाइंसाफी है। लोगों ने सीएम से गुहार लगाई है कि उनके आशियानों का ख्याल रखा जाए।
हम सारी औपचारिकताएं पूूरी करने को तैयार
इस मौके पर एक पीड़ित ने बताया कि उनकी तरफ से बकायदा अपने प्लॉटों को रेगुलर करवाने संबंधी फीस तक भरी गई थी। लेकिन कुछ समय पहले उन्हें पत्र मिला था, जिसमें लिखा गया था कि उनके प्लॉटों को रेगुलर नहीं किया गया है। लोगों का कहना है कि हम सारी औचारिकताएं पूरी करने के लिए तैयार हैं। लेकिन इस तरह हमारे घरों को निशाना न बनाया जाए।
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लोगों का कहना है कि उन्होंने खून पसीने की कमाई से घर बनाए थे। घर बनाने के लिए सरकार के सारे नियमों का पालन किया। लेकिन अब उनके निर्माण को अवैध बताया जा रहा है। ऐसे में अब वह कहां जाएंगे। इस दौरान इलाके के लोगों ने इकट्ठे होकर रोष जताया। उन्होंने कहा कि जानबूझकर उन्हें परेशान किया जा रहा है। वह इस मामले में जल्दी ही सीएम से मिलेंगे। वहीं, अपने घरों को बचाने के लिए उन्हें संघर्ष भी करना पड़ा तो वह पीछे नहीं हटेंगे।
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जानकारी के मुताबिक गमाडा की तरफ से जो नोटिस लोगों को भेजे गए हैं। उनमें लिखा है कि गमाडा को फील्ड स्टाफ से मिली रिपोर्ट से पता चला है कि उन्होंने गैर कानूनी तरीके से निर्माण किया हुआ है। जोकि दी पंजाब न्यू कैपिटल पेरीफेरी कंट्रोल एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत गलत है। इतना नहीं नहीं इस संबंधी पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के भी आदेश हैं। आदेश में उन्हें निर्माण तुरंत हटाने के आदेश दिए हैं।
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वहीं, आदेश में साफ लिखा गया है कि इस संबंधी जनवरी माह में भी नोटिस दिए गए थे। लेकिन इस दिशा में कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद इस दिशा में कार्रवाई की गई। गमाडा ने आदेश में साफ किया है कि 24 घंटे के अंदर अवैध निर्माण को हर हालत में हटाकर कर उन्हें सूचित किया जाए। ऐसा न करने की स्थिति में गमाडा की तरफ से स्पेशल ड्राइव चलाई जाए। वहीं, इस संबंधी अगर जान माल नुकसान होता है तो इसकी जिम्मेदारी भी लोगों की रहेगी।
पूरी उम्र लगाकर बनाए घर, अब कहां जाएंगे
जानकारी के मुताबिक सोमवार को जैसे ही इलाके के कॉलोनियों में नोटिस पहुंचे तो लोग एकजुट हो गए। लोगों का कहना था कि उन्होंने लाखों रुपये बैंकों से लोन लेकर जमीनें खरीदकर बकायदा रजिस्ट्री करवाई थी। पूरी उम्र लगाकर घर बनाए और मकानों के मीटर तक लगवाए हैं। वहीं, अब भी इलाके में मकान बन रहे हैं। जबकि गमाडा उनके मकानों को तोड़ने की धमकी दे रहा है। जो कि नाइंसाफी है। लोगों ने सीएम से गुहार लगाई है कि उनके आशियानों का ख्याल रखा जाए।
हम सारी औपचारिकताएं पूूरी करने को तैयार
इस मौके पर एक पीड़ित ने बताया कि उनकी तरफ से बकायदा अपने प्लॉटों को रेगुलर करवाने संबंधी फीस तक भरी गई थी। लेकिन कुछ समय पहले उन्हें पत्र मिला था, जिसमें लिखा गया था कि उनके प्लॉटों को रेगुलर नहीं किया गया है। लोगों का कहना है कि हम सारी औचारिकताएं पूरी करने के लिए तैयार हैं। लेकिन इस तरह हमारे घरों को निशाना न बनाया जाए।