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मांगों के लिए विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा
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मोहाली। फेज-6 स्थित डॉ. बीआर आंबेडकर मेडिकल कॉलेज में एनएचएम और सीनियर नर्सों के हड़ताल पर जाने के बाद डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज और डायरेक्टर रिसर्च एंड मेडिकल एजुकेशन के नए भर्ती कर्मचारी भी हड़ताल पर जा रहे हैं। शुक्रवार को डीएचएस के कर्मचारियों की ओर से ज्वाइंट एक्शन नर्सिंग कमेटी पंजाब यूटी के बैनर के नीचे अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर जाने के लिए मेडिकल कॉलेज की डायरेक्टर को पत्र सौंपा, जिसमें उन्हें सार्वजनिक हड़ताल की मंजूरी न मिलने से यह कर्मचारी अब काम करते हुए वर्दी पर काले बिल्ले लगाकर रोष प्रदर्शन करेंगे।
जानकारी के मुताबिक समूह नर्सिंग स्टाफ डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज और डायरेक्टर रिसर्च एंड मेडिकल एजुकेशन के कर्मचारी, ज्वाइंट एक्शन नर्सिंग कमेटी पंजाब यूटी के बैनर के नीचे अपनी 6ठें पे-कमीशन के अनुसार जायज मांगों को लेकर अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर हैं। डीएचएस नर्सिंग एसोसिएशन पंजाब के उपाध्यक्ष अमित विक्टर ने बताया कि हमारी मांग सामान्य है, हमें जिस केडर पर नियुक्त किया गया है उस कैडर की ग्रेड पे 4600 रुपये कम करके 3200 कर दी। इसके साथ ही सभी पीएचडी होल्डर हैं, जिनको नर्सिंग ऑफिसर का दर्जा पंजाब सरकार द्वारा दिया जाए।
इस समय डीएचएस के 85 कर्मचारी मेडिकल कॉलेज में काम करते हैं, जिन्होंने अपनी मांगों को लेकर सरकार खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया है। अमित ने आगे बताया कि हमारे साथ-साथ डायरेक्टर रिसर्च एंड मेडिकल एजुकेशन के 30 कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे, लेकिन उनकी एसोसिएशन न होने से वे लोग इमरजेंसी में ड्यूटी देते हुए अपने नर्सिंग कोट पर काले बिल्ले लगाकर हड़ताल को समर्थन देंगे। बाद में इनको भी हड़ताल में शामिल कर लिया जाएगा। शनिवार को मेडिकल कालेज के सभी डीएचएस अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर बैठेंगे और यदि कोई मरीज गंभीर हालत में इमरजेंसी में आकर उसकी जान का नुकसान होता है तो उसकी जिम्मेदार पंजाब सरकार होगी। जबकि इस संबंधी लिखित पत्र पत्र डायरेक्टर ऑफ प्रिंसिपल को सौंपा जा चुका है।
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सिविल अस्पताल के कर्मचारी हड़ताल पर हैं और मेडिकल कॉलेज स्टाफ की ओर से इमरजेंसी सेवाओं को चलाया जा रहा था। अब उनकी ओर से हड़ताल पर जाने के लिए पत्र दिया गया है। सिविल अस्पताल की सेवाएं 90 प्रतिशत प्रभावित हो सकती हैं। वहीं मोहाली के सभी ब्लॉक के सरकारी अस्पताल को कहा गया है कि वे अपनी गंभीर मरीजों को फेज-6 रैफर न करते हुए, चंडीगढ़ रैफर करें।
-भवनीत भारती, प्रिंसिपल डायरेक्टर, बीआर आंबेडकर, मेडिकल कॉलेज, मोहाली।
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जानकारी के मुताबिक समूह नर्सिंग स्टाफ डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज और डायरेक्टर रिसर्च एंड मेडिकल एजुकेशन के कर्मचारी, ज्वाइंट एक्शन नर्सिंग कमेटी पंजाब यूटी के बैनर के नीचे अपनी 6ठें पे-कमीशन के अनुसार जायज मांगों को लेकर अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर हैं। डीएचएस नर्सिंग एसोसिएशन पंजाब के उपाध्यक्ष अमित विक्टर ने बताया कि हमारी मांग सामान्य है, हमें जिस केडर पर नियुक्त किया गया है उस कैडर की ग्रेड पे 4600 रुपये कम करके 3200 कर दी। इसके साथ ही सभी पीएचडी होल्डर हैं, जिनको नर्सिंग ऑफिसर का दर्जा पंजाब सरकार द्वारा दिया जाए।
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इस समय डीएचएस के 85 कर्मचारी मेडिकल कॉलेज में काम करते हैं, जिन्होंने अपनी मांगों को लेकर सरकार खिलाफ मोर्चा खोल दिया गया है। अमित ने आगे बताया कि हमारे साथ-साथ डायरेक्टर रिसर्च एंड मेडिकल एजुकेशन के 30 कर्मचारी हड़ताल में शामिल होंगे, लेकिन उनकी एसोसिएशन न होने से वे लोग इमरजेंसी में ड्यूटी देते हुए अपने नर्सिंग कोट पर काले बिल्ले लगाकर हड़ताल को समर्थन देंगे। बाद में इनको भी हड़ताल में शामिल कर लिया जाएगा। शनिवार को मेडिकल कालेज के सभी डीएचएस अनिश्चितकाल के लिए हड़ताल पर बैठेंगे और यदि कोई मरीज गंभीर हालत में इमरजेंसी में आकर उसकी जान का नुकसान होता है तो उसकी जिम्मेदार पंजाब सरकार होगी। जबकि इस संबंधी लिखित पत्र पत्र डायरेक्टर ऑफ प्रिंसिपल को सौंपा जा चुका है।
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सिविल अस्पताल के कर्मचारी हड़ताल पर हैं और मेडिकल कॉलेज स्टाफ की ओर से इमरजेंसी सेवाओं को चलाया जा रहा था। अब उनकी ओर से हड़ताल पर जाने के लिए पत्र दिया गया है। सिविल अस्पताल की सेवाएं 90 प्रतिशत प्रभावित हो सकती हैं। वहीं मोहाली के सभी ब्लॉक के सरकारी अस्पताल को कहा गया है कि वे अपनी गंभीर मरीजों को फेज-6 रैफर न करते हुए, चंडीगढ़ रैफर करें।
-भवनीत भारती, प्रिंसिपल डायरेक्टर, बीआर आंबेडकर, मेडिकल कॉलेज, मोहाली।