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चुनावी मुद्दा बनेगा महंगा पानी, कांग्रेस पहुंची कमिश्नर के द्वार
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मोहाली। नए सेक्टरों के ऊंचे पानी के दामों का मामला इस बार निगम चुनाव का मुद्दा बनेगा। अकाली पार्षद पहले ही इस मामले को लेकर लोक अदालत में जा चुके हैं। अब कांग्रेसी भी इस मामले को लेकर मैदान में उतरे हैं। कांग्रेसी नेताओं ने सोमवार को निगम कमिश्नर डॉ. कमल कुमार गर्ग से मुलाकात की। नेताओं ने मांग की है कि इस इलाके में पानी की सप्लाई को नगर निगम अपने अधीन ले।
कांग्रेसी नेता विनीत मलिक, राजेश लखोतरा व कुलविंदर सिंह संजू समेत कई नेता निगम कमिश्नर से मिले। उनका कहना था कि सेक्टर-66 से 80 में पानी के दाम काफी ऊंचे हैं, जबकि अन्य शहर में कम हैं। इससे लोगों के बजट पर असर पड़ रहा है। पानी की वजह से लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। ऐसे में पानी के दाम कम किए जाएं। इसके लिए निगम कमिश्नर को मांगपत्र भी सौंपा गया। इसमें इन सेक्टरों में लोगों को पानी के बिलों से राहत दिलाने की भी मांग की गई। कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि इन सेक्टरों में पानी की खपत ट्राइसिटी से भी अधिक है।
ऐसे हो रही पानी की सप्लाई
मोहाली शहर दो हिस्सों में बंटा हुआ है। पुराने शहर में पानी की सप्लाई नगर निगम द्वारा की जाती है, जबकि नए सेक्टरों में गमाडा पानी की सप्लाई करता है। नगर निगम द्वारा प्रति हजार लीटर पर लोगों से एक रुपये अस्सी पैसे वसूले जाते हैं, जबकि गमाडा प्रति लीटर नौ रुपये अस्सी पैसे के हिसाब से ले रहा है जोकि काफी अधिक है। इस मामले को लेकर लोग अदालत में चले गए हैं। अदालत में कई बार सुनवाई हो चुकी है। गमाडा को सरकार ने इस संबंधी जवाब दाखिल करने को कहा है।
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जरूरत के हिसाब से मिल रहा कम पानी
जानकारी के अनुसार इस समय शहर में पानी की गंभीर समस्या है। शहर को 25 एमजीडी पानी की जरूरत है, लेकिन अभी तक विभिन्न माध्यमों से करीब 15 एमजीडी पानी ही मिल पा रहा है। इसमें कजौली वाटर वर्क्स, ट्यूबवेल और अन्य स्त्रोतों का पानी शामिल है। हालांकि नगर निगम अपने अधीन आने वाले क्षेत्रों में ट्यूबवेलों की संख्या बढ़ा रहा है।
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कांग्रेसी नेता विनीत मलिक, राजेश लखोतरा व कुलविंदर सिंह संजू समेत कई नेता निगम कमिश्नर से मिले। उनका कहना था कि सेक्टर-66 से 80 में पानी के दाम काफी ऊंचे हैं, जबकि अन्य शहर में कम हैं। इससे लोगों के बजट पर असर पड़ रहा है। पानी की वजह से लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। ऐसे में पानी के दाम कम किए जाएं। इसके लिए निगम कमिश्नर को मांगपत्र भी सौंपा गया। इसमें इन सेक्टरों में लोगों को पानी के बिलों से राहत दिलाने की भी मांग की गई। कांग्रेसी नेताओं का कहना है कि इन सेक्टरों में पानी की खपत ट्राइसिटी से भी अधिक है।
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ऐसे हो रही पानी की सप्लाई
मोहाली शहर दो हिस्सों में बंटा हुआ है। पुराने शहर में पानी की सप्लाई नगर निगम द्वारा की जाती है, जबकि नए सेक्टरों में गमाडा पानी की सप्लाई करता है। नगर निगम द्वारा प्रति हजार लीटर पर लोगों से एक रुपये अस्सी पैसे वसूले जाते हैं, जबकि गमाडा प्रति लीटर नौ रुपये अस्सी पैसे के हिसाब से ले रहा है जोकि काफी अधिक है। इस मामले को लेकर लोग अदालत में चले गए हैं। अदालत में कई बार सुनवाई हो चुकी है। गमाडा को सरकार ने इस संबंधी जवाब दाखिल करने को कहा है।
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जरूरत के हिसाब से मिल रहा कम पानी
जानकारी के अनुसार इस समय शहर में पानी की गंभीर समस्या है। शहर को 25 एमजीडी पानी की जरूरत है, लेकिन अभी तक विभिन्न माध्यमों से करीब 15 एमजीडी पानी ही मिल पा रहा है। इसमें कजौली वाटर वर्क्स, ट्यूबवेल और अन्य स्त्रोतों का पानी शामिल है। हालांकि नगर निगम अपने अधीन आने वाले क्षेत्रों में ट्यूबवेलों की संख्या बढ़ा रहा है।