{"_id":"608b1de48ebc3e8d366403ef","slug":"education-department-tightens-screws-on-private-schools-sends-letter-asking-to-follow-the-directions-of-the-supreme-court-mohali-news-pkl411915055","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्राइवेट स्कूलों पर शिक्षा विभाग ने कसा शिकंजा, पत्र भेज सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने को कहा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्राइवेट स्कूलों पर शिक्षा विभाग ने कसा शिकंजा, पत्र भेज सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का पालन करने को कहा
विज्ञापन
मोहाली। जिला शिक्षा विभाग ने इलाके के सभी प्राइवेट एफिलिएटेड स्कूलों पर शिकंजा कस दिया है। जिला शिक्षा अधिकारी की तरफ से एक पत्र स्कूलों को जारी किया गया है। इसमें कहा गया है कि वह सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी निर्देशों का पालन करें। वरना उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस संबंधी आदेश की कॉपी भी स्कूलों को भेजी गई है।
जानकारी के मुताबिक, शिक्षा विभाग के पास शिकायतें आ रही थीं कि प्राइवेट स्कूल सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी निर्देशों को नहीं मान रहे हैं। वह कोरोना काल में भी अभिभावकों को सालाना फीस, फंड व अन्य खर्चों की वसूली के लिए दवाब बना रहे हैं। यहां तक की कुछ स्कूलों ने तो फीस न भरने पर छात्रों का रिजल्ट तक रोक लिया था। इसके अलावा एनसीईआरटी की किताबों की जगह स्कूल अपनी मर्जी के प्रशासकों की किताबें छात्रों को पढ़ा रहे हैं। इसके लिए अभिभावकों को काफी पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी से मिले लोग
इसके साथ ही पेरेंटस एसोसिएशन का एक दल पार्षद सच्चा सिंह कलोड़ व अनुराधा आनंद की अगुवाई में जिला शिक्षा अधिकारी से मिला। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को बताया कि कुछ स्कूलों की तरफ से जबरदस्ती सालाना फीस वसूली जा रही है। स्कूलों की तरफ से बच्चों व उनके अभिभावकों को परेशान किया जा रहा है। जबकि पंजाब सरकार की हिदायतों के मुताबिक कोई भी स्कूल जबरदस्ती सालाना फीस नहीं वसूल सकता है। उन्होंने स्कूलों पर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक, शिक्षा विभाग के पास शिकायतें आ रही थीं कि प्राइवेट स्कूल सुप्रीम कोर्ट की ओर से जारी निर्देशों को नहीं मान रहे हैं। वह कोरोना काल में भी अभिभावकों को सालाना फीस, फंड व अन्य खर्चों की वसूली के लिए दवाब बना रहे हैं। यहां तक की कुछ स्कूलों ने तो फीस न भरने पर छात्रों का रिजल्ट तक रोक लिया था। इसके अलावा एनसीईआरटी की किताबों की जगह स्कूल अपनी मर्जी के प्रशासकों की किताबें छात्रों को पढ़ा रहे हैं। इसके लिए अभिभावकों को काफी पैसे खर्च करने पड़ रहे हैं।
विज्ञापन
जिला शिक्षा अधिकारी से मिले लोग
इसके साथ ही पेरेंटस एसोसिएशन का एक दल पार्षद सच्चा सिंह कलोड़ व अनुराधा आनंद की अगुवाई में जिला शिक्षा अधिकारी से मिला। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को बताया कि कुछ स्कूलों की तरफ से जबरदस्ती सालाना फीस वसूली जा रही है। स्कूलों की तरफ से बच्चों व उनके अभिभावकों को परेशान किया जा रहा है। जबकि पंजाब सरकार की हिदायतों के मुताबिक कोई भी स्कूल जबरदस्ती सालाना फीस नहीं वसूल सकता है। उन्होंने स्कूलों पर कार्रवाई की गुहार लगाई है।
विज्ञापन