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शिक्षा विभाग हुआ स्मार्ट, अब मोबाइल एप से होगी पढ़ाई
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मोहाली। राज्य के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को निजी स्कूलों की तर्ज पर शिक्षा मुहैया करवाने के लिए अब शिक्षा विभाग पूरी तरह से स्मार्ट हो गया है। विभाग की ओर से एक मोबाइल एप बनाया गया है। इसमें कक्षा वाइज पूरा सिलेबस आकर्षक तरीके से अपलोड कर दिया गया है। इतना ही नहीं बच्चों की अंग्रेजी और अन्य भाषाओं पर पकड़ मजबूत बनाने के आडियो-वीडियो क्लिप तक तैयार किए गए हैं। इसके अलावा गणित के डर को भी खत्म करने में एप अहम भूमिका निभाती है। विभाग को उम्मीद है कि इससे बच्चे खेल खेल में आसानी से पढ़ाई कर पाएंगे। साथ उनके अंदर का डर भी खत्म होगा।
जानकारी के मुताबिक जब कोरोना काल में दस्तक दी थी, साथ ही पूरे पंजाब के स्कूल बंद हो गए थे। ऐसे में शिक्षा विभाग ने खुद दूरदर्शन और एजुसेट के माध्यम से छात्रों को पढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके अलावा व्हाट्सएप और गूगल मीट आदि विकल्प भी इस्तेमाल किए गए हैं। लेकिन इस दौरान महसूस किया गया कि विद्यार्थियों को घर में कक्षा के बाद पढ़ाई करने में दिक्कत आती है। इसके अलावा कई परिजन भी इतने पढ़े-लिखे नहीं थे, जो कि बच्चों को इस हिसाब से पढ़ा लिखा पाएं। जिसके बाद शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों में इस चीज को लेकर मंथन हुआ। साथ ही इस दौरान एक मोबाइल एप बनाने का सुझाव अधिकारियों की तरफ से दिया गया। इसके बाद इस दिशा में कार्रवाई की गई। विभाग की कोशिश थी कि एप इस तरीके से बनाई जाए, जिसमें हरेक कक्षा के बच्चे को फायदा मिल पाए। साथ ही बच्चे आसानी से सिलेबस को समझ पाए। इतना ही नहीं इस दौरान इस संबंधी टीचिंग लर्निंग मैटीरियल इस्तेमाल किया गया। एप में पूरे सिलेबस को काफी दिलचस्प और कलरफुल तरीके से पेश किया गया है। जिससे विद्यार्थी पढ़ने के साथ ही सिलेबस से जुड़ पाएं। उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत न उठानी पड़े।
हर विषय की पढ़ाई एप से होगी आसान
जानकारी के मुताबिक एप का सबसे ज्यादा फायदा यह है कि विद्यार्थी किसी भी स्थान पर रहें, वह अपने सिलेबस की तैयारी आसानी से कर पाएंगे। उन्हें किसी भी तरह की दिक्कत नहीं उठानी पड़ेगी। वहीं, इससे पूरे पंजाब में एक समान पढ़ाई होगी। इतना ही नहीं एप में कई कॉर्नर बनाए गए हैं। जिसमें साइंस, गणित, अंग्रेजी तक सभी कक्षाओं के विषयों को शामिल किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि उनकी कोशिश सीबीएसई की तर्ज पर स्कूलों में पढ़ाई करवाने की है। जिसके लिए पूरी प्रक्रिया चल रही है।
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परीक्षा की तैयारी भी एप से संभव
मोबाइल एप पर केवल पढ़ाई नहीं करवाई जाती है, बल्कि इससे परीक्षा की तैयारी भी करवाई जाती है। एग्जाम कार्नर में एग्जाम के स्टाइल और पूछे जाने वाले सवालों आदि का अभ्यास करवाया जाता है। इस संबंधी विभाग को रिस्पांस काफी अच्छा मिल रहा है। इतना ही नहीं अब तो स्कूल कक्षाओं में भी मोबाइल एप से अंग्रेजी समेत कुछ भाषाओं को पढ़ाने के आदेश विभाग ने दिए हैं। इस संबंधी आदेश निदेशक जनरल स्कूल शिक्षा की ओर से दिए गए थे।
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जानकारी के मुताबिक जब कोरोना काल में दस्तक दी थी, साथ ही पूरे पंजाब के स्कूल बंद हो गए थे। ऐसे में शिक्षा विभाग ने खुद दूरदर्शन और एजुसेट के माध्यम से छात्रों को पढ़ाने की प्रक्रिया शुरू की थी। इसके अलावा व्हाट्सएप और गूगल मीट आदि विकल्प भी इस्तेमाल किए गए हैं। लेकिन इस दौरान महसूस किया गया कि विद्यार्थियों को घर में कक्षा के बाद पढ़ाई करने में दिक्कत आती है। इसके अलावा कई परिजन भी इतने पढ़े-लिखे नहीं थे, जो कि बच्चों को इस हिसाब से पढ़ा लिखा पाएं। जिसके बाद शिक्षा विभाग के उच्च अधिकारियों में इस चीज को लेकर मंथन हुआ। साथ ही इस दौरान एक मोबाइल एप बनाने का सुझाव अधिकारियों की तरफ से दिया गया। इसके बाद इस दिशा में कार्रवाई की गई। विभाग की कोशिश थी कि एप इस तरीके से बनाई जाए, जिसमें हरेक कक्षा के बच्चे को फायदा मिल पाए। साथ ही बच्चे आसानी से सिलेबस को समझ पाए। इतना ही नहीं इस दौरान इस संबंधी टीचिंग लर्निंग मैटीरियल इस्तेमाल किया गया। एप में पूरे सिलेबस को काफी दिलचस्प और कलरफुल तरीके से पेश किया गया है। जिससे विद्यार्थी पढ़ने के साथ ही सिलेबस से जुड़ पाएं। उन्हें किसी भी प्रकार की दिक्कत न उठानी पड़े।
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हर विषय की पढ़ाई एप से होगी आसान
जानकारी के मुताबिक एप का सबसे ज्यादा फायदा यह है कि विद्यार्थी किसी भी स्थान पर रहें, वह अपने सिलेबस की तैयारी आसानी से कर पाएंगे। उन्हें किसी भी तरह की दिक्कत नहीं उठानी पड़ेगी। वहीं, इससे पूरे पंजाब में एक समान पढ़ाई होगी। इतना ही नहीं एप में कई कॉर्नर बनाए गए हैं। जिसमें साइंस, गणित, अंग्रेजी तक सभी कक्षाओं के विषयों को शामिल किया गया है। अधिकारियों का कहना है कि उनकी कोशिश सीबीएसई की तर्ज पर स्कूलों में पढ़ाई करवाने की है। जिसके लिए पूरी प्रक्रिया चल रही है।
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परीक्षा की तैयारी भी एप से संभव
मोबाइल एप पर केवल पढ़ाई नहीं करवाई जाती है, बल्कि इससे परीक्षा की तैयारी भी करवाई जाती है। एग्जाम कार्नर में एग्जाम के स्टाइल और पूछे जाने वाले सवालों आदि का अभ्यास करवाया जाता है। इस संबंधी विभाग को रिस्पांस काफी अच्छा मिल रहा है। इतना ही नहीं अब तो स्कूल कक्षाओं में भी मोबाइल एप से अंग्रेजी समेत कुछ भाषाओं को पढ़ाने के आदेश विभाग ने दिए हैं। इस संबंधी आदेश निदेशक जनरल स्कूल शिक्षा की ओर से दिए गए थे।