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Mohali News: कुराली और 78 गांवों के लिए अलग मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जारी, गमाडा ने 30 दिन में मांगे सुझाव-आपत्तियां
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मोहाली। ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने कुराली नगर परिषद और आसपास के 78 गांवों के लिए अलग मास्टर प्लान का ड्राफ्ट जारी किया है। प्राधिकरण ने आम लोगों से 30 दिनों के भीतर इस पर आपत्तियां और सुझाव मांगे हैं। यह पहल कुराली के योजनाबद्ध विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। वर्ष 2009 के रीजनल प्लान में मोहाली, न्यू चंडीगढ़, जीरकपुर, डेराबस्सी, बनूड़ और खरड़ के मास्टर प्लान लागू हुए थे। कुराली उस योजना का हिस्सा था, पर इसके लिए अलग मास्टर प्लान नहीं बना था। मोहाली और खरड़ में तेजी से शहरीकरण बढ़ रहा है। इसे देखते हुए गमाडा ने अब कुराली और आसपास के क्षेत्रों के लिए यह विकास योजना बनाने का फैसला किया है। कुराली नगर परिषद के ईओ रजनीश सूद ने कहा कि मास्टर प्लान तैयार है। इसमें आपत्तियां दर्ज कराने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। इसके बाद इस पर काम शुरू होगा।
योजना का उद्देश्य और प्रमुख बिंदु
यह ड्राफ्ट पंजाब रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट-1995 के तहत तैयार हुआ है। इसका उद्देश्य भूमि उपयोग को नियंत्रित करना और भविष्य के शहरी विस्तार को व्यवस्थित करना है। योजना में आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, संस्थागत और सार्वजनिक उपयोग की भूमि चिह्नित की गई है। इसमें प्रमुख सड़कों के विस्तार, परिवहन नेटवर्क, हरित क्षेत्र, पेयजल, सीवरेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास का प्रस्ताव है। अधिकारियों का कहना है कि मास्टर प्लान लागू होने पर कई गांवों में भूमि उपयोग की श्रेणी बदलेगी, जिससे कुछ भू-स्वामियों के हित प्रभावित हो सकते हैं। इसी कारण सार्वजनिक सुझाव और आपत्तियों को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
निवेश और रोजगार के अवसर
गमाडा और पंजाब अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पुडा) के अधिकारियों का मानना है कि नियोजित विकास के बाद कुराली निवेश और रोजगार का प्रमुख केंद्र बन सकता है। यह मोहाली और न्यू चंडीगढ़ की तर्ज पर विकसित होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग और क्षेत्रीय सड़क नेटवर्क से बेहतर कनेक्टिविटी के कारण यह क्षेत्र पहले से ही निवेशकों का ध्यान आकर्षित करता है। ड्राफ्ट मास्टर प्लान की प्रतियां गमाडा मुख्यालय, मोहाली व खरड़ के जिला नगर योजनाकार कार्यालयों में उपलब्ध हैं। यह कुराली नगर परिषद कार्यालय और पुडा की वेबसाइट पर भी देखा जा सकता है।
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विशेषज्ञों की राय और अंतिम प्रक्रिया
पूर्व मुख्य नगर योजनाकार गुरप्रीत सिंह ने कहा कि मास्टर प्लान तभी प्रभावी होगा, जब इसे यातायात अध्ययन, जनसंख्या वृद्धि और सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण के आधार पर अंतिम रूप दिया जाए। बुनियादी ढांचे की वास्तविक जरूरतों को भी ध्यान में रखना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक सुनवाई और सुझावों के बाद ही इसे राज्य सरकार की मंजूरी मिलेगी। मंजूरी मिलने पर ही अंतिम मास्टर प्लान अधिसूचित किया जाएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि योजना क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं को पूरा करे।
कुराली के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसमें आपत्ति दर्ज करवाने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। इससे बाद इस पर काम शुरू होगा। -रजनीश सूद, ईओ, कुराली नगर परिषद
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योजना का उद्देश्य और प्रमुख बिंदु
यह ड्राफ्ट पंजाब रीजनल एंड टाउन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट एक्ट-1995 के तहत तैयार हुआ है। इसका उद्देश्य भूमि उपयोग को नियंत्रित करना और भविष्य के शहरी विस्तार को व्यवस्थित करना है। योजना में आवासीय, व्यावसायिक, औद्योगिक, संस्थागत और सार्वजनिक उपयोग की भूमि चिह्नित की गई है। इसमें प्रमुख सड़कों के विस्तार, परिवहन नेटवर्क, हरित क्षेत्र, पेयजल, सीवरेज और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विकास का प्रस्ताव है। अधिकारियों का कहना है कि मास्टर प्लान लागू होने पर कई गांवों में भूमि उपयोग की श्रेणी बदलेगी, जिससे कुछ भू-स्वामियों के हित प्रभावित हो सकते हैं। इसी कारण सार्वजनिक सुझाव और आपत्तियों को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
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निवेश और रोजगार के अवसर
गमाडा और पंजाब अर्बन प्लानिंग एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (पुडा) के अधिकारियों का मानना है कि नियोजित विकास के बाद कुराली निवेश और रोजगार का प्रमुख केंद्र बन सकता है। यह मोहाली और न्यू चंडीगढ़ की तर्ज पर विकसित होगा। राष्ट्रीय राजमार्ग और क्षेत्रीय सड़क नेटवर्क से बेहतर कनेक्टिविटी के कारण यह क्षेत्र पहले से ही निवेशकों का ध्यान आकर्षित करता है। ड्राफ्ट मास्टर प्लान की प्रतियां गमाडा मुख्यालय, मोहाली व खरड़ के जिला नगर योजनाकार कार्यालयों में उपलब्ध हैं। यह कुराली नगर परिषद कार्यालय और पुडा की वेबसाइट पर भी देखा जा सकता है।
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विशेषज्ञों की राय और अंतिम प्रक्रिया
पूर्व मुख्य नगर योजनाकार गुरप्रीत सिंह ने कहा कि मास्टर प्लान तभी प्रभावी होगा, जब इसे यातायात अध्ययन, जनसंख्या वृद्धि और सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण के आधार पर अंतिम रूप दिया जाए। बुनियादी ढांचे की वास्तविक जरूरतों को भी ध्यान में रखना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सार्वजनिक सुनवाई और सुझावों के बाद ही इसे राज्य सरकार की मंजूरी मिलेगी। मंजूरी मिलने पर ही अंतिम मास्टर प्लान अधिसूचित किया जाएगा। यह सुनिश्चित करेगा कि योजना क्षेत्र की वास्तविक आवश्यकताओं को पूरा करे।
कुराली के लिए मास्टर प्लान तैयार किया गया है। इसमें आपत्ति दर्ज करवाने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है। इससे बाद इस पर काम शुरू होगा। -रजनीश सूद, ईओ, कुराली नगर परिषद