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Mohali News: दो हजार रुपये देकर एप डाउनलोड करो, नहीं तो स्कूल आकर नोट करो होमवर्क
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चंडीगढ़। सेक्टर-29 स्थित नव बाल निकेतन स्कूल, बच्चों और उनके अभिभावकों को होमवर्क की जानकारी नहीं दे रहा। अभिभावकों पर स्कूल एप डाउनलोड करने का दबाव बनाया जा रहा है। खास बात यह है कि एप का इस्तेमाल करने के नाम पर अभिभावकों से 2000 रुपये वसूले जा रहे हैं। स्कूल का कहना है कि अगर अभिभावक एप डाउनलोड नहीं करते तो बच्चे को स्कूल में आकर होमवर्क नोट करना होगा। इससे अभिभावक परेशान हैं। एक अभिभावक की शिकायत पर शिक्षा विभाग मामले की जांच कर रहा है। इस बीच स्कूल प्रबंधन की ओर से अभिभावकों को होमवर्क की फोटोस्टेट कॉपी देने से इनकार करने से समस्या बढ़ गई है। विद्यार्थियों पर दबाव बनाया जा रहा है कि वह स्कूल में आकर लगभग 30 पेज का होमवर्क खुद नोट करें। ऐसे में 20 मई से कई बच्चे बिना होमवर्क के घर पर बैठे हैं।
तीन मई को एक अभिभावक मोहित ने स्कूल का एप इंस्टॉल करने के दबाव के खिलाफ आवाज उठाई थी। स्कूल ने इसी साल अपना एप लॉन्च किया जिसके इस्तेमाल के लिए अभिभावकों से स्कूल फीस के अलावा 2000 रुपये अतिरिक्त मांगे जा रहे हैं। एप इंस्टॉल न करने पर 20 मई से बच्चों को स्कूल ने सीधे होमवर्क देना बंद कर दिया। यहां तक की गर्मी की छुट्टियों का होमवर्क भी नहीं बताया गया। अभिभावकों के पूछने पर कहा गया कि होमवर्क एप पर है, पैसे भरकर वहां से होमवर्क ले लें।
बॉक्स
स्कूल ने अभिभावक पर लगाया कानून तोड़ने का आरोप
उधर, बच्चे का होमवर्क जानने के लिए स्कूल पहुंचे अभिभावक मोहित पर कानून तोड़ने का आरोप लगाया गया है। स्कूल के निदेशक एसके शर्मा ने कहा कि उन्होंने बिना इजाजत के स्कूल में प्रवेश कर कानून की अवहेलना की है। वहीं, अभिभावक ने सवाल किया कि आखिर एक शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश करना कैसे आपराधिक गतिविधि हो गई। तब जब उनका बच्चा वहां पढ़ता है और वह हर महीने बाकायदा फीस भर रहे हैं।
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बाक्स
अभिभावक की शिकायत पर 60 दिन में निर्णय लेना अनिवार्य
स्कूल में फीस संबंधी शिकायतों को सुनने के लिए बनाई फीस रेगुलेशन कमेटी द्वारा अभिभावक के शिकायत करने के 60 दिनों के भीतर मामले पर निर्णय लेना अनिवार्य है। कमेटी के अध्यक्ष शिक्षा सचिव और सदस्य सचिव स्कूल शिक्षा निदेशक हैं। अभिभावक मोहित की ओर से विभाग को शिकायत दिए हुए 20 दिन बीत चुके हैं।
कोट -
स्कूल की दादागिरी, जल्द हो मान्यता रद्द
यह सरासर स्कूल की दादागिरी है। ट्रेस पासिंग का सवाल ही नहीं उठता, जब अभिभावक होमवर्क जानने के लिए स्कूल जा रहा है, वह भी तब जब एप इंस्टॉल करने के नाम पर उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है। यह स्कूल के नियमों के खिलाफ है। प्रशासन को मामले में जल्द कार्रवाई कर स्कूल की मान्यता रद्द करनी चाहिए।
- नितिन गोयल, चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन अध्यक्ष
स्कूल को नोटिस जारी कर मांगा है जवाब
अभिभावक की शिकायत पर कार्रवाई की जा रही है। मामले में जवाब देने के लिए स्कूल को नोटिस जारी कर दिया है। स्कूल को जल्द से जल्द जवाब देने के आदेश दिए हैं। - हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़, स्कूल शिक्षा निदेशक
अभिवहवाक ने स्कूल में ट्रेस पासिंग करने की कोशिश की, इसलिए उन्हें होमवर्क नहीं दिया। एक बच्चे के लिए हम अपना सिस्टम नहीं बदल सकते। वह शनिवार को स्कूल आकर होमवर्क नोट कर सकते हैं।
- एसके शर्मा, निदेशक, नव बाल निकेतन स्मार्ट स्कूल
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तीन मई को एक अभिभावक मोहित ने स्कूल का एप इंस्टॉल करने के दबाव के खिलाफ आवाज उठाई थी। स्कूल ने इसी साल अपना एप लॉन्च किया जिसके इस्तेमाल के लिए अभिभावकों से स्कूल फीस के अलावा 2000 रुपये अतिरिक्त मांगे जा रहे हैं। एप इंस्टॉल न करने पर 20 मई से बच्चों को स्कूल ने सीधे होमवर्क देना बंद कर दिया। यहां तक की गर्मी की छुट्टियों का होमवर्क भी नहीं बताया गया। अभिभावकों के पूछने पर कहा गया कि होमवर्क एप पर है, पैसे भरकर वहां से होमवर्क ले लें।
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स्कूल ने अभिभावक पर लगाया कानून तोड़ने का आरोप
उधर, बच्चे का होमवर्क जानने के लिए स्कूल पहुंचे अभिभावक मोहित पर कानून तोड़ने का आरोप लगाया गया है। स्कूल के निदेशक एसके शर्मा ने कहा कि उन्होंने बिना इजाजत के स्कूल में प्रवेश कर कानून की अवहेलना की है। वहीं, अभिभावक ने सवाल किया कि आखिर एक शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश करना कैसे आपराधिक गतिविधि हो गई। तब जब उनका बच्चा वहां पढ़ता है और वह हर महीने बाकायदा फीस भर रहे हैं।
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अभिभावक की शिकायत पर 60 दिन में निर्णय लेना अनिवार्य
स्कूल में फीस संबंधी शिकायतों को सुनने के लिए बनाई फीस रेगुलेशन कमेटी द्वारा अभिभावक के शिकायत करने के 60 दिनों के भीतर मामले पर निर्णय लेना अनिवार्य है। कमेटी के अध्यक्ष शिक्षा सचिव और सदस्य सचिव स्कूल शिक्षा निदेशक हैं। अभिभावक मोहित की ओर से विभाग को शिकायत दिए हुए 20 दिन बीत चुके हैं।
कोट -
स्कूल की दादागिरी, जल्द हो मान्यता रद्द
यह सरासर स्कूल की दादागिरी है। ट्रेस पासिंग का सवाल ही नहीं उठता, जब अभिभावक होमवर्क जानने के लिए स्कूल जा रहा है, वह भी तब जब एप इंस्टॉल करने के नाम पर उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है। यह स्कूल के नियमों के खिलाफ है। प्रशासन को मामले में जल्द कार्रवाई कर स्कूल की मान्यता रद्द करनी चाहिए।
- नितिन गोयल, चंडीगढ़ पेरेंट्स एसोसिएशन अध्यक्ष
स्कूल को नोटिस जारी कर मांगा है जवाब
अभिभावक की शिकायत पर कार्रवाई की जा रही है। मामले में जवाब देने के लिए स्कूल को नोटिस जारी कर दिया है। स्कूल को जल्द से जल्द जवाब देने के आदेश दिए हैं। - हरसुहिंदर पाल सिंह बराड़, स्कूल शिक्षा निदेशक
अभिवहवाक ने स्कूल में ट्रेस पासिंग करने की कोशिश की, इसलिए उन्हें होमवर्क नहीं दिया। एक बच्चे के लिए हम अपना सिस्टम नहीं बदल सकते। वह शनिवार को स्कूल आकर होमवर्क नोट कर सकते हैं।
- एसके शर्मा, निदेशक, नव बाल निकेतन स्मार्ट स्कूल