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स्वाइन फ्लू हो जाए तो न घबराएं, ढकोली में ही होगा इलाज
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जीरकपुर। ढकोली कम्युनिटी सेंटर अब स्वाइन फ्लू से होने वाले पीड़ित मरीजों के इलाज को लेकर पूरी तरह से तैयार है। इसके लिए अस्पताल प्रशासन ने पहली मंजिल पर अलग से वार्ड बनाया है। इसमें स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीजों को रखा जाएगा और उनके इलाज को लेकर अलग से स्टाफ 24 घंटे ड्यूटी पर तैनात रहेंगे। बता दें कि सर्दियों शुरू होते ही लोग स्वाइन फ्लू का शिकार हो जाते हैं पर सही इलाज न मिलने से कई बार उनकी मौत तक हो जाती हैं।
जानकारी के मुताबिक स्वाइन फ्लू से पीड़ित आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की मुश्किल न हों, इसलिए वार्ड के अंदर दवाइयों का इंतजाम किया गया है। स्वाइन फ्लू की जांच के लिए ढकोली कम्युनिटी सेंटर में मरीजों के सैंपल भी लिए जाएंगे।
स्वाइन फ्लू एच1एन1 एक वायरस से से होता है। यह सांस के द्वारा एक से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचता है। इसके लक्षण तेज बुखार, खांसी, जुकाम, ज्यादा छींकें आना, नाक का बहना, गले में बार-बार और ज्यादा दर्द होना, सांस लेने में तकलीफ, दस्त लगना व शरीर टूटना आदि हैं। ऐसी स्थिति में मरीज को अपने नजदीकी अस्पताल में जाकर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके साथ ही खांसी, बहती नाक, छींकने और बुखार से पीड़ित लोगों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। यही नहीं ऐसे मरीजों से तब तक हाथ मिलाना और गले मिलना बंद कर देना चाहिए, जब तक वे ठीक नहीं हो जाते। सबसे अहम बात बिना डॉक्टरी जांच के दवा नहीं लेनी चाहिए।
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जानकारी के मुताबिक स्वाइन फ्लू से पीड़ित आने वाले मरीजों को किसी प्रकार की मुश्किल न हों, इसलिए वार्ड के अंदर दवाइयों का इंतजाम किया गया है। स्वाइन फ्लू की जांच के लिए ढकोली कम्युनिटी सेंटर में मरीजों के सैंपल भी लिए जाएंगे।
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स्वाइन फ्लू एच1एन1 एक वायरस से से होता है। यह सांस के द्वारा एक से दूसरे व्यक्ति तक पहुंचता है। इसके लक्षण तेज बुखार, खांसी, जुकाम, ज्यादा छींकें आना, नाक का बहना, गले में बार-बार और ज्यादा दर्द होना, सांस लेने में तकलीफ, दस्त लगना व शरीर टूटना आदि हैं। ऐसी स्थिति में मरीज को अपने नजदीकी अस्पताल में जाकर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। इसके साथ ही खांसी, बहती नाक, छींकने और बुखार से पीड़ित लोगों से दूरी बनाकर रखनी चाहिए। यही नहीं ऐसे मरीजों से तब तक हाथ मिलाना और गले मिलना बंद कर देना चाहिए, जब तक वे ठीक नहीं हो जाते। सबसे अहम बात बिना डॉक्टरी जांच के दवा नहीं लेनी चाहिए।
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