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एरोट्रोपोलिस पर रार : दूसरे गुट के किसानों को एयरपोर्ट चौक पर रोका, टेंट उखाड़ हिरासत में लिया

Sun, 19 Apr 2026 02:45 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sun, 19 Apr 2026 02:45 AM IST
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Dispute at Aerotropolis: Farmers from the other group were stopped at Airport Chowk, their tents were uprooted and they were detained
मोहाली। एरोट्रोपोलिस के लिए जमीन अधिग्रहण का विरोध कर रहे किसानों को पुलिस ने शनिवार सुबह एयरपोर्ट चाैक पर रोक दिया। पुलिस ने किसानों के लगाए टेंट को उखाड़ दिया। बड़ी संख्या में किसानों को गाड़ियों में बैठाकर डीसी ऑफिस ले जाया गया। इस कार्रवाई के दौरान इलाके में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया, हालांकि स्थिति को जल्द ही नियंत्रित कर लिया गया। एरोट्रोपोलिस के लिए जमीन
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अधिग्रहण के मामले में किसान दो गुटों में बंट गए हैं। एक गुट ने सरकार की शर्तों को मान लिया है जबकि इसी गुट के अनेक किसानों ने नाराजगी प्रकट कर जमीन अधिग्रहण का विरोध शुरू कर दिया है।
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किसान इंसाफ मोर्चा के नेता करमजीत सिंह बैदवान गांव बड़ी, मक्खन सिंह गीगेमाजरा, अवतार सिंह मनौली ने बताया कि किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को लेकर धरना देने पहुंचे थे। यह धरना गमाडा की एक्वायर की जा रही एरोट्रोपोलिस जमीन के विरोध में था। उन्होंने कहा कि सुबह करीब नौ बजे भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और बिना धरना शुरू होने दिए ही किसानों को वहां से हटा दिया गया। करमजीत ने बताया कि किसानों को डीसी ऑफिस ले जाकर प्रशासन की ओर से भरोसा दिया गया कि सोमवार को मोहाली के विधायक के साथ उनकी बैठक करवाई जाएगी। इसके बाद संबंधित मंत्री के साथ भी मीटिंग कराने का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने कहा कि किसान अब सोमवार की बैठक का इंतजार करेंगे और उसके बाद ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।
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किसानों ने स्पष्ट किया कि यदि मंत्री के साथ बैठक तुरंत करवाई जाती है तो किसान आगे की कार्रवाई पर विचार करेंगे। यदि बैठक में देरी होती है तो किसान फिर से धरना देने का फैसला ले सकते हैं। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि हाल ही में गमाडा कार्यालय के बाहर चल रही हड़ताल को कुछ किसानों ने अपने स्तर पर समाप्त कर दिया, जबकि इस फैसले में सभी किसानों की सहमति नहीं ली गई थी। उन्होंने बताया कि एरोट्रोपोलिस जमीन अधिग्रहण के खिलाफ शुरू की गई भूख हड़ताल के दौरान 31 नवंबर को एक कमेटी बनाई गई थी, जिसमें उनके गुट के किसान भी शामिल थे।
इस शर्त पर माने थे किसान
भूख हड़ताल पर बैठने वाले गुरप्रताप सिंह बड़ी और जगरूप सिंह कुरड़ी ने बताया कि सरकार और प्रशासन से बातचीत को एतिहासिक बताया था। उन्होंने बताया कि एक एकड़ जमीन के बदले किसानों को 1000 गज रिहायशी का प्लॉट और 210 गज अतिरिक्त जमीन मिलनी है। यदि किसान केवल रिहायशी प्लॉट का लाभ लेते हैं, तो उन्हें 1600 गज के बजाय 1630 गज जमीन के साथ 10 गज का बूथ भी दिया जाएगा। इसके अलावा गमाडा के एक एकड़ से अधिक जमीन वाले किसानों के साथ-साथ छोटी जमीन के लाभ के फैसले का किसान नेताओं ने स्वागत किया है।

इस गुट का है विरोध
धरने पर बैठे छोटे किसानों का कहना है कि एक एकड़ से कम जमीन वाले किसानों को भी अधिक लाभ मिलना चाहिए। उन्होंने मांग की कि उन्हें 10 गज से अधिक जमीन दी जाए और बड़े किसानों की तरह ही उनका बनता लाभ सुनिश्चित किया जाए। किसानों ने यह भी मांग उठाई कि रेड जोन इंडस्ट्रियल क्षेत्र की जगह सेक्टर-101 या 103 में रिहायशी जोन विकसित किया जाए, ताकि प्रभावित लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
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