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Mohali News: डेराबस्सी पुलिस ने पांचोें नाबालिग बच्चों को मुंबई से लाकर परिजनों को सौंपा

Mon, 15 Jul 2024 05:52 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 15 Jul 2024 05:52 AM IST
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Derabassi police brought five minor children from Mumbai and handed them over to their families.
डेराबस्सी। शहर से आठ दिन पहले लापता हुए सात बच्चों का मामला आज पूरी तरह सुलझ गया है। इनमें से दो बच्चे दिल्ली से मिल गए थे और बाकी के मुंबई में मौजूद पांच बच्चों को डेराबस्सी पुलिस की एक टीम डेराबस्सी ले आई है। एएसपी डेराबस्सी वैभव चौधरी, थाना प्रमुख डेराबस्सी मनदीप सिंह की मौजूदगी में पांचों बच्चों को उनके परिजनों को सौंप दिया गया है। जबकि दो दिन पहले दो बच्चों को पुलिस पहले ही दिल्ली से लाकर परिजनों को सौंप चुकी है। आठ दिन बाद अपने बच्चों को सीने से लगाए उनकी मां की आंखों से आंसू थे। सभी के परिवारों ने पुलिस टीम का शुक्रिया अदा किया, जिन्होंने बच्चों को सुरक्षित मुंबई से उनके माता-पिता के पास पहुंचा दिया है। एएसपी ने एएसआई केवल कुमार और हवलदार रणजीत सिंह की सराहना की और कहा कि दोनों ने दिन-रात मेहनत कर बच्चों को सुरक्षित उनके परिवारों तक पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि इन दोनों को पुलिस विभाग की ओर से विशेष सम्मान दिया जाएगा।
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एएसपी ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि बच्चे घूमने की सलाह बनाकर मुंबई गए थे। वे ट्रेन में बैठकर मुंबई कैसे पहुंच गए, उन्हें पता नहीं चला। मुंबई पहुंचने के बाद डरे-सहमे दोनों बच्चे वापस आए, जो दिल्ली पहुंचे थे और अपने परिवार को फोन करके उन्हें ले जाने की बात कही। इनसे पता चला कि बाकी पांचों बच्चे मुंबई में थे। डेराबस्सी पुलिस ने मुंबई पुलिस से संपर्क कर बच्चों को सुरक्षित रखने के लिए कहा था, जिन्हें डेराबस्सी पुलिस रविवार को वापस ले आई है।
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एएसआई केवल कुमार हवलदार रणजीत सिंह दो बच्चों के पिता के साथ पांचों बच्चों को लेने गए थे। केवल कुमार ने बताया कि जब बच्चे वहां पहुंचे तो अपने पिता को देखकर दोनों बच्चे उनसे बात करने लगे और सभी बच्चों का हौसला बढ़ा। एएसपी ने कहा कि जो बच्चा घर से चला गया है, उसकी परिवार से काउंसलिंग बहुत जरूरी है ताकि वह दोबारा ऐसा न करे, साथ ही बच्चे के माता-पिता की भी काउंसलिंग जरूरी है। उन्होंने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में माता-पिता अपने बच्चों के साथ समय नहीं बिता पाते और बच्चे खुद को अकेला महसूस करते हैं, जिसके कारण वे ऐसा कदम उठाते हैं।
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एएसपी की अभिभावकों से अपील
एएसपी वैभव चौधरी ने आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि लापता बच्चे के मामले की जांच करते समय, जब उन्होंने माता-पिता से बच्चे के दोस्तों के बारे में पूछा, तो वे माता-पिता का जवाब सुनकर आश्चर्यचकित रह गए कि बच्चे के माता-पिता ने कहा कि वे नहीं जानते कि वे कौन हैं बच्चे के दोस्त और वे किसके साथ खेलने जाते हैं और फोन पर कितनी बातें करते हैं? एएसपी ने बच्चों के माता-पिता से अपील की है कि वे अपने बच्चे के साथ समय बिताएं और उनके बारे में सारी जानकारी रखें।
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