{"_id":"574f3a484f1c1ba409108e8b","slug":"derabassi-flyover-lanes-opened-derabassi-flyover-derabassi-mohali","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुड न्यूजः डेराबस्सी फ्लाइओवर की दोनों लेन वाहनों के लिए खोलीं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुड न्यूजः डेराबस्सी फ्लाइओवर की दोनों लेन वाहनों के लिए खोलीं
अमर उजाला ब्यूरो, मोहाली
Updated Thu, 02 Jun 2016 10:14 AM IST
विज्ञापन
डेराबस्सी फ्लाइओवर की दोनों लेन वाहनों के लिए खोला
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
डेराबस्सी में बने फ्लाईओवर को वाहनों की आवाजाही के लिए बुधवार देर शाम दोनों ओर खोल दिया गया। इससे पहले 24 मई को सिर्फ अंबाला से चंडीगढ़ की ओर आने वाले वाहनों के लिए एक लाइन खोली खोली गई थी।
वहीं, चंडीगढ़ से अंबाला की तरफ फ्लाईओवर के ऊपर बिजली की हाई वोल्टेज लाइन काफी नीचे होने के कारण शुरू नहीं किया था। कंपनी प्रबंधकों की ओर से बुधवार को फ्लाईओवर दोनों ओर खोल दिया गया। इससे वाहन चालकों को बड़ी राहत मिली। हालांकि, बिजली की हाई वोल्टेज लाइन हटने तक ऊंचे वाहनों के लिए रोक जारी रहेगी।
फ्लाईओवर के नीचे कम हुआ जाम
डेराबस्सी फ्लाईओवर दोनों तरफ खुलने से पुल के नीचे ट्रैफिक कई गुना कम हो गया है। इससे लोगों को जाम से राहत मिली है। बिना रस्मी उद्घाटन के आवाजाही खोलकर निर्माण कंपनी ने किसी को पुल का श्रेय लेने का मौका नहीं दिया। बुधवार को फिर इसी अंदाज में चंडीगढ़ से अंबाला की ओर ट्रैफिक आवाजाही शुरू कर दी।
विज्ञापन
बड़े वाहनों की आवाजाही पर रहेगी रोक
गावर कंस्ट्रक्शंस के प्रोजेक्ट मैनेजर हरिंदर सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ से ओर से ट्रैफिक आवाजाही शाम छह बजे खोल दी गई। इसमें कार, बस ट्रक आदि वाहन शामिल हैं। केवल सामान्य से लगभग डबल ऊंचाई वाले वाहनों को चंडीगढ़ की ओर से पुल पर चढ़ने पर मनाही है। उन्हें रोकने के लिए कंपनी ने अपने कर्मचारी तैनात कर दिए हैं। ऐसा इस लिए किया गया हैं, क्योंकि पुल पर चंडीगढ़ से अंबाला की ओर कम ऊंचाई की ओवरहेड हाइटेंशन लाइन गुजर रही है।
हाइटेंशन लाइन के खंभे ऊंचे किए जाएंगे
हाइटेंशन लाइन की ऊंचाई 6.50 मीटर के आसपास है, जबकि नियमानुसार ऊंचाई 7.05 मीटर से कम नहीं होनी चाहिए। यह ऊंचाई बढ़ाने के लिए खंभे ऊंचे किए जाएंगे। इसके लिए 66 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार कर डीटेल रिपोर्ट बीबीएमबी को भेज दी गई है। वहां से अनुमति मिलने पर ही हाइटेंशन से छेड़छाड़ की जा सकेगी। इसमें एक महीने तक का समय लग सकता है। हरिंदर सिंह के अनुसार, फुल फ्लैज ट्रैफिक गुजारने में अब खतरा नहीं है, लेकिन ज्यादा ऊंचा वाहन गुजरने से हाइटेंशन लाइनों की बिजली सप्लाई ट्रिप कर सकती है। सेफ्टी नियमों और मापदंड के चलते चंडीगढ़ की ओर से डबल ऊंचाई वाले वाहनों की आवाजाही बंद रखी गई है।
कंपनी ने पांच महीने पहले पूरा किया काम
नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया ने वर्ष 2014 के नवंबर महीने में फ्लाईओवर का ठेका हरियाणा की एक निजी कंपनी को दिया था। कंपनी को निर्धारित दो साल के समय में इसका निर्माण साल 2016 के अक्तूबर महीने तक पुरा करना था। लेकिन कंपनी ने पांच महीने पहले ही निर्माझा कार्य पूरा करते हुए 24 मई को एक तरफ से यातायात के लिए खोल दिया था। जबकि कंपनी ने दूसरी तरफ बुधवार को खोल दिया है।
विज्ञापन
वहीं, चंडीगढ़ से अंबाला की तरफ फ्लाईओवर के ऊपर बिजली की हाई वोल्टेज लाइन काफी नीचे होने के कारण शुरू नहीं किया था। कंपनी प्रबंधकों की ओर से बुधवार को फ्लाईओवर दोनों ओर खोल दिया गया। इससे वाहन चालकों को बड़ी राहत मिली। हालांकि, बिजली की हाई वोल्टेज लाइन हटने तक ऊंचे वाहनों के लिए रोक जारी रहेगी।
विज्ञापन
फ्लाईओवर के नीचे कम हुआ जाम
डेराबस्सी फ्लाईओवर दोनों तरफ खुलने से पुल के नीचे ट्रैफिक कई गुना कम हो गया है। इससे लोगों को जाम से राहत मिली है। बिना रस्मी उद्घाटन के आवाजाही खोलकर निर्माण कंपनी ने किसी को पुल का श्रेय लेने का मौका नहीं दिया। बुधवार को फिर इसी अंदाज में चंडीगढ़ से अंबाला की ओर ट्रैफिक आवाजाही शुरू कर दी।
विज्ञापन
बड़े वाहनों की आवाजाही पर रहेगी रोक
गावर कंस्ट्रक्शंस के प्रोजेक्ट मैनेजर हरिंदर सिंह ने बताया कि चंडीगढ़ से ओर से ट्रैफिक आवाजाही शाम छह बजे खोल दी गई। इसमें कार, बस ट्रक आदि वाहन शामिल हैं। केवल सामान्य से लगभग डबल ऊंचाई वाले वाहनों को चंडीगढ़ की ओर से पुल पर चढ़ने पर मनाही है। उन्हें रोकने के लिए कंपनी ने अपने कर्मचारी तैनात कर दिए हैं। ऐसा इस लिए किया गया हैं, क्योंकि पुल पर चंडीगढ़ से अंबाला की ओर कम ऊंचाई की ओवरहेड हाइटेंशन लाइन गुजर रही है।
हाइटेंशन लाइन के खंभे ऊंचे किए जाएंगे
हाइटेंशन लाइन की ऊंचाई 6.50 मीटर के आसपास है, जबकि नियमानुसार ऊंचाई 7.05 मीटर से कम नहीं होनी चाहिए। यह ऊंचाई बढ़ाने के लिए खंभे ऊंचे किए जाएंगे। इसके लिए 66 लाख रुपये का एस्टीमेट तैयार कर डीटेल रिपोर्ट बीबीएमबी को भेज दी गई है। वहां से अनुमति मिलने पर ही हाइटेंशन से छेड़छाड़ की जा सकेगी। इसमें एक महीने तक का समय लग सकता है। हरिंदर सिंह के अनुसार, फुल फ्लैज ट्रैफिक गुजारने में अब खतरा नहीं है, लेकिन ज्यादा ऊंचा वाहन गुजरने से हाइटेंशन लाइनों की बिजली सप्लाई ट्रिप कर सकती है। सेफ्टी नियमों और मापदंड के चलते चंडीगढ़ की ओर से डबल ऊंचाई वाले वाहनों की आवाजाही बंद रखी गई है।
कंपनी ने पांच महीने पहले पूरा किया काम
नेशनल हाईवे अथारिटी ऑफ इंडिया ने वर्ष 2014 के नवंबर महीने में फ्लाईओवर का ठेका हरियाणा की एक निजी कंपनी को दिया था। कंपनी को निर्धारित दो साल के समय में इसका निर्माण साल 2016 के अक्तूबर महीने तक पुरा करना था। लेकिन कंपनी ने पांच महीने पहले ही निर्माझा कार्य पूरा करते हुए 24 मई को एक तरफ से यातायात के लिए खोल दिया था। जबकि कंपनी ने दूसरी तरफ बुधवार को खोल दिया है।