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Mohali News: नशा-हथियारों का खतरनाक नेटवर्क, हेरोइन के साथ पकड़े जा रहे भारी हथियार

Mon, 24 Aug 2026 02:17 AM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 24 Aug 2026 02:17 AM IST
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Dangerous network of drugs and weapons; heavy weaponry being seized alongside heroin
मई में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने 930 ग्राम हेरोइन के साथ 12 पिस्टल किए बरामद
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संवाद न्यूज एजेंसी
मोहाली। जिले में नशा तस्करी के खिलाफ चल रही पुलिस कार्रवाई में एक खतरनाक पैटर्न सामने आया है। कुछ समय के दौरान हुई बड़ी कार्रवाइयों में नशीले पदार्थों के साथ अवैध हथियार भी बरामद हुए हैं। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या नशे की कमाई और हथियारों की खरीद एक ही नेटवर्क के जरिये हो रही है। मई 2026 में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने 930 ग्राम हेरोइन के साथ 12 पिस्टल बरामद किए थे। इस कार्रवाई में मुख्य संदिग्ध पुलिस की पकड़ से बाहर निकल गया था। नशे और हथियारों की इतनी बड़ी बरामदगी ने जांच एजेंसियों के सामने नेटवर्क की तह तक जाने की चुनौती खड़ी कर दी है। जुलाई में सनेटा के पास भी ऐसा ही पैटर्न दिखा। नशे की खेप पकड़ने गई टीम पर आरोपियों ने फायरिंग की थी। इसमें दो पुलिसकर्मी घायल हुए थे। बाद में मुठभेड़ के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर पिस्टल बरामद किए गए। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि नशे के तस्करों को हथियारों की जरूरत क्यों पड़ रही है। छोटे तस्कर हथियार नहीं रखते हैं। लेकिन बड़े नेटवर्क में लगातार हथियार मिलना गंभीर संकेत है।



जीरकपुर और गैंगस्टरों से संबंध

मार्च 2025 में जीरकपुर पुलिस ने एक नकली ड्रग सप्लीमेंट यूनिट का पर्दाफाश किया था। इस कार्रवाई में 1.4 किलो अफीम, तीन पिस्टल, एक डबल बैरल गन और 2.5 लाख रुपये ड्रग मनी मिली थी। यह मोहाली जिले में नशे और हथियार के साथ मिलने की अकेली घटना नहीं है। वर्ष 2025 में मोहाली पुलिस ने सात सशस्त्र मुठभेड़ों में दस गैंगस्टरों को गिरफ्तार किया था। इनमें से ज्यादातर आरोपी गोल्डी बराड़-लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से जुड़े थे। वे रंगदारी और टारगेट फायरिंग जैसे अपराधों में शामिल थे।
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पुलिस जांच का नया आयाम

जांच एजेंसियां अब यह पता लगा रही हैं कि हथियार कहां से आए और पैसा किसके माध्यम से पहुंचा। पुलिस के लिए सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि क्या नशे के कारोबार से आने वाला पैसा हथियार खरीदने में इस्तेमाल हो रहा है। अगर यह कड़ी साबित होती है, तो मोहाली में नशा तस्करी को देखने का नजरिया बदल जाएगा। तब यह केवल युवाओं तक नशा पहुंचाने वाले तस्करों का मामला नहीं रहेगा। बल्कि इसमें सक्रिय हथियार, पैसा और गैंगस्टर नेटवर्क की संयुक्त जांच होगी।
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मोहाली पुलिस सबसे पहले अपराधियों के सोशल मीडिया संपर्क, बैंक लेनदेन, वाहन और कॉल डिटेल चेक करती है। अगर अलग-अलग मामलों के आरोपियों के बीच संपर्क निकलता है तो उसकी तह तक जाया जाता है। मोहाली पुलिस की मौजूदा संरचना में एसपी, डीएसपी स्तर पर एनडीपीएस एवं नारकोटिक्स के लिए अलग जिम्मेदारी भी निर्धारित है, जिससे नशे के मामलों की जांच को विशेष रूप से संभाला जा रहा है।
हरमनदीप हंस, एसएसपी मोहाली।
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