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Mohali News: रोजाना पांच घंटे का ब्लैकआउट, उमस में बच्चे-बुजुर्ग परेशान, इन्वर्टर भी दे रहे जवाब, जनरेटर की बिजली 16 रुपये यूनिट
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मोहाली। उमस भरी गर्मी के बीच बिजली की बढ़ती मांग ने जिले की बिजली व्यवस्था को पटरी से उतार दिया है। मोहाली के साथ खरड़, जीरकपुर, लालड़ू, कुराली और नयागांव समेत कई इलाकों में लोग रोजाना घंटों बिजली कटौती झेलने को मजबूर हैं। हालात यह हैं कि कई क्षेत्रों में पांच घंटे तक बिजली गुल रहने से लोग रात में मच्छरदानी लगाकर सोने को मजबूर हैं। लगातार हो रही कटौती से घरों में लगे इन्वर्टर भी जवाब देने लगे हैं। वहीं सोसाइटी की बैकअप की बिजली भी लोगों को महंगे दामों में मिल रही है। इस कारण लोग परेशान है। वहीं बिजली की डिमांड 600 मेगावाट पहुंच गई है। रोजाना इन जगहों पर चार सौ फॉल्ट आ रहे हैं।
वहीं बिजली की लो वोल्टेज भी लगातार परेशानी बढ़ रही है। मोहाली जिले में गर्मी से पहले बिजली की डिमांड 520 मेगावाट थी। उमस भरी गर्मी के बाद यह डिमांड 600 मेगावाट पहुंच गई है। बिजली की मांग बढ़ने के बाद रोजाना करीब चार सौ फॉल्ट आ रहे हैं जिन्हें ठीक करने में समय लगने के साथ बिजली कट रात के समय पांच घंटे लग रहे हैं। बिजली की मांग में अचानक करीब 80 मेगावाट की बढ़ोतरी को मौजूदा संकट की प्रमुख वजह माना जा रहा है। गर्मी और उमस के कारण एसी, कूलर और पंखों का इस्तेमाल बढ़ने से बिजली का लोड लगातार बढ़ रहा है। इसके चलते कई फीडरों पर दबाव बढ़ गया है और बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है।
सोसाइटियों में जनरेटर का सहारा, महंगी पड़ रही बिजली
शहर की कई बड़ी सोसाइटियों में बिजली कटौती के दौरान जनरेटर चलाकर आपूर्ति बहाल की जा रही है। हालांकि जनरेटर से मिलने वाली बिजली की कीमत सामान्य बिजली के मुकाबले काफी अधिक पड़ रही है। इसका सीधा असर सोसाइटी के निवासियों की जेब पर पड़ रहा है। जीरकपुर स्थित हाईलैंड हाईराइज सोसाइटी के प्रधान राजीव कक्कड़ ने बताया कि बिजली कट पांच घंटे तक लगते हैं। इसलिए जो यूनिट नौ रुपये की होती है। वह अब 16 रुपये की जनरेटर से पड़ रही है। बिजली बिल का खर्चा करीब छह हजार रुपये तक अधिक देना पड़ रहा है। वहीं यह हालात डेराबस्सी, जीरकपुर, खरड़ की सोसाइटियों में बना है। बिजली कट के कारण अभी तक इनका निदान नहीं हो पाया है।
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इन्वर्टर भी लगातार हो रहे फेल
मोहाली के फेज-1, 2, 3, 4,5,6,8,9 में लंबे बिजली कटों के कारण घरों में लगे इन्वर्टर और बैटरियों पर भी असर पड़ रहा है। बार-बार चार्ज और डिस्चार्ज होने से कई इन्वर्टर खराब हो चुके हैं। इन्वर्टर रिपेयर के दुकानदार सुरेश कुमार ने बताया कि इन दिनों बैटरी और इन्वर्टर से संबंधित शिकायतों में भी बढ़ोतरी हुई है।
लोगों में बढ़ रहा रोष
बिजली कटौती के कारण लोगों में रोष बना हुआ है। मोहाली बड़माजरा निवासी ऋतिका शर्मा ने बताया कि रात के समय बिजली गुल रहने से बच्चों, बुजुर्गों और नौकरीपेशा लोगों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। उमस और मच्छरों के कारण लोगों की नींद प्रभावित हो रही है। लोगों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद बिजली व्यवस्था में अभी तक अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है। वहीं मच्छरदानी में भी लोगों को सोना पड़ रहा है। वहीं नयागांव निवासी सुनीता वर्मा ने बताया कि लगातार बिजली कट के कारण छत के ऊपर मच्छरदानी लगाकर सोना पड़ रहा है। यह हालात पिछले दस दिनों से बने हुए हैं। मोहाली जिले में बढ़ती बिजली मांग के बीच लोगों को उम्मीद थी कि विभाग जल्द व्यवस्था दुरुस्त करेगा, लेकिन फिलहाल रोजाना होने वाली कटौती से राहत नहीं मिल पाई है। गर्मी के बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में मांग और बढ़ने की आशंका से लोगों की चिंता भी बढ़ गई है।
मोहाली जिले की बिजली व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है। जल्द ही बिजली की मांग को पूरी की जाएगी और निर्बाध बिजली लोगों को उपलब्ध कराई जाएगी। एचएस ओबरॉय, डिप्टी चीफ इंजीनियर, पावरकॉम
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वहीं बिजली की लो वोल्टेज भी लगातार परेशानी बढ़ रही है। मोहाली जिले में गर्मी से पहले बिजली की डिमांड 520 मेगावाट थी। उमस भरी गर्मी के बाद यह डिमांड 600 मेगावाट पहुंच गई है। बिजली की मांग बढ़ने के बाद रोजाना करीब चार सौ फॉल्ट आ रहे हैं जिन्हें ठीक करने में समय लगने के साथ बिजली कट रात के समय पांच घंटे लग रहे हैं। बिजली की मांग में अचानक करीब 80 मेगावाट की बढ़ोतरी को मौजूदा संकट की प्रमुख वजह माना जा रहा है। गर्मी और उमस के कारण एसी, कूलर और पंखों का इस्तेमाल बढ़ने से बिजली का लोड लगातार बढ़ रहा है। इसके चलते कई फीडरों पर दबाव बढ़ गया है और बार-बार बिजली आपूर्ति बाधित हो रही है।
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सोसाइटियों में जनरेटर का सहारा, महंगी पड़ रही बिजली
शहर की कई बड़ी सोसाइटियों में बिजली कटौती के दौरान जनरेटर चलाकर आपूर्ति बहाल की जा रही है। हालांकि जनरेटर से मिलने वाली बिजली की कीमत सामान्य बिजली के मुकाबले काफी अधिक पड़ रही है। इसका सीधा असर सोसाइटी के निवासियों की जेब पर पड़ रहा है। जीरकपुर स्थित हाईलैंड हाईराइज सोसाइटी के प्रधान राजीव कक्कड़ ने बताया कि बिजली कट पांच घंटे तक लगते हैं। इसलिए जो यूनिट नौ रुपये की होती है। वह अब 16 रुपये की जनरेटर से पड़ रही है। बिजली बिल का खर्चा करीब छह हजार रुपये तक अधिक देना पड़ रहा है। वहीं यह हालात डेराबस्सी, जीरकपुर, खरड़ की सोसाइटियों में बना है। बिजली कट के कारण अभी तक इनका निदान नहीं हो पाया है।
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इन्वर्टर भी लगातार हो रहे फेल
मोहाली के फेज-1, 2, 3, 4,5,6,8,9 में लंबे बिजली कटों के कारण घरों में लगे इन्वर्टर और बैटरियों पर भी असर पड़ रहा है। बार-बार चार्ज और डिस्चार्ज होने से कई इन्वर्टर खराब हो चुके हैं। इन्वर्टर रिपेयर के दुकानदार सुरेश कुमार ने बताया कि इन दिनों बैटरी और इन्वर्टर से संबंधित शिकायतों में भी बढ़ोतरी हुई है।
लोगों में बढ़ रहा रोष
बिजली कटौती के कारण लोगों में रोष बना हुआ है। मोहाली बड़माजरा निवासी ऋतिका शर्मा ने बताया कि रात के समय बिजली गुल रहने से बच्चों, बुजुर्गों और नौकरीपेशा लोगों को सबसे अधिक परेशानी हो रही है। उमस और मच्छरों के कारण लोगों की नींद प्रभावित हो रही है। लोगों का कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद बिजली व्यवस्था में अभी तक अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है। वहीं मच्छरदानी में भी लोगों को सोना पड़ रहा है। वहीं नयागांव निवासी सुनीता वर्मा ने बताया कि लगातार बिजली कट के कारण छत के ऊपर मच्छरदानी लगाकर सोना पड़ रहा है। यह हालात पिछले दस दिनों से बने हुए हैं। मोहाली जिले में बढ़ती बिजली मांग के बीच लोगों को उम्मीद थी कि विभाग जल्द व्यवस्था दुरुस्त करेगा, लेकिन फिलहाल रोजाना होने वाली कटौती से राहत नहीं मिल पाई है। गर्मी के बढ़ने के साथ आने वाले दिनों में मांग और बढ़ने की आशंका से लोगों की चिंता भी बढ़ गई है।
मोहाली जिले की बिजली व्यवस्था दुरुस्त की जा रही है। जल्द ही बिजली की मांग को पूरी की जाएगी और निर्बाध बिजली लोगों को उपलब्ध कराई जाएगी। एचएस ओबरॉय, डिप्टी चीफ इंजीनियर, पावरकॉम