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विजिलेंस गमाडा पूर्व सीई

Sat, 10 Jun 2017 08:59 PM IST
Updated Sat, 10 Jun 2017 08:59 PM IST
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विजिलेंस गमाडा पूर्व सीई
सात साल में एसपी सिंह हो गए करोड़ों के मालिक
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-विजिलेंस ने सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाने के मामले में गमाडा के पूर्व चीफ इंजीनियर समेत तीन को किया गिरफ्तार
-अदालत ने तीनों को 15 जून तक भेजा पुलिस रिमांड पर, विजिलेंस को उम्मीद लैपटॉप से खुलेंगे कई राज
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
कंस्ट्रक्शन कंपनियों को गलत तरीके से लाभ पहुंचाकर भारी मात्रा में काला धन इकट्ठा करने के मामले में विजिलेंस ने गमाडा के पूर्व चीफ इंजीनियर व मंडी बोर्ड के मौजूदा एसई सुरिंदर पाल सिंह व दो अन्यों को गिरफ्तार किया है। दो अन्य की पहचान ओंकार बिल्डर एंड कंस्ट्रक्शन के गुरमेल सिंह और मोहित कुमार के रूप में हुई है। तीनों को शनिवार को मोहाली कोर्ट में पेश किया गया। वहां से तीनों को 15 जून तक के लिए पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। रिमांड लेने के लिए विजिलेंस के अधिकारियों ने कोर्ट में दलील दी कि सुरिंदरपाल सिंह ने परिवार के सदस्यों और अपनी बोगस कंपनियों के सहारे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचाया है। साथ ही 2011 से 2017 तक उन्होंने 1023 करोड़ के टेंडर अपनी कंपनियों को अलॉट कर मुनाफा कमाया है। इस दौरान कई जगह अपनी पावर का गलत इस्तेमाल भी किया है। जिक्रयोग है कि विजिलेंस ब्यूरो की ओर से शुक्रवार को गमाडा के पूर्व चीफ इंजीनियर पर भ्रष्टाचार का केस दर्ज किया गया था।

पुराने साथी और कंपनी मुलाजिम बन गए डायरेक्टर
विजिलेंस की जांच में सामने आया है कि गुरमेल सिंह मंडी बोर्ड से एसडीओ के पद से रिटायर्ड हुए हैं, जबकि मोहित कुमार एसपी सिंह की बोगस कंपनी में 30 हजार की नौकरी करता था। बाद में दोनों ही कंपनी में डायरेक्टर बन गए थे। इसके बाद उन्होंने मिलकर सरकारी खजाने को चूना लगाया।
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आठ लाख कैश और लैपटॉप कब्जे में लिया
विजिलेंस ने ओंकार कंपनी के आफिस से आठ लाख रुपये कैश, कई प्रोजेक्टों से जुड़ी फाइलें और एक लैपटॉप बरामद किया है। विजिलेंस अब लैपटॉप को खंगाला रही है। उम्मीद है कि लैपटॉप से कई अहम जानकारियां हाथ लगेंगी।
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तीन बार पेश हुए, रिमांड की जरूरत नहीं
बचाव पक्ष की ओर से अदालत में पेश हुए वकीलों ने दलील दी कि आरोपियों को विजिलेंस ने तीन बार अपने कार्यालय में बुलाया था। इस दौरान आरोपियों ने विजिलेंस को दस्तावेज भी मुहैया करवाए थे। ऐसे में अब इनको रिमांड की जरूरत नहीं है। इनको ज्यूडीशियल पर भेजा जाना चाहिए। हालांकि, इसके बावजूद इनको पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया।

तीन साल पहले विजिलेंस ने शुरू की थी जांच
गमाडा ने जब एयरपोर्ट रोड का निर्माण किया था तो उसके बाद रोड कई जगह से धंस गया था।इस संबंध में कई लोगों ने विजिलेंस को शिकायत दी थी। इस दौरान विजिलेंस ने रोड के सैंपल तक लिए थे। साथ ही कई दस्तावेज भी अपने कब्जे में लिए थे। हालांकि, एसपी सिंह के तत्कालीन अकाली सरकार से अच्छे संबंध होने के कारण उस समय कोई आरोप साबित नहीं हो सका था।


चुनाव से पहले ली गमाडा ने रोक दिए थे प्रोजेक्ट
सूत्रों से पता चला है कि कि चुनाव से पहले ही बड़े तर्ज पर अधिकारियों के तबादले हुए थे। इस दौरान गमाडा में सीनियर आईएएस अधिकारी को तैनात किया गया था। जिन्हे भनक लग गई थी कि प्रोजेक्टों में धांधली हो रही है। इसके चलते उन्होंने अधिकतर प्रोजेक्ट रोक कर ठेकेदारों की पेमेंट पर रोक लगा दी थी। इस दौरान ठेकेदारों का आरोप था कि वह अच्छे काम कर रहे हैं और गमाडा उनके साथ धोखा कर रहा है।
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