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गांव फतिहपुर गढ़ी में हुई हिंसा,पुलिस द्वारा लाठीचार्ज,पत्थरबाजी में पोलिंग मुलाजिम की कार के टूटे शीसे। झगड़े दोरान एसजीपीसी सद
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- गांव फतिहपुर गढ़ी में हुई हिंसा, पुलिस द्वारा लाठीचार्ज
- झगड़े में एसजीपीसी सदस्य जत्थेदार सुरजीत सिंह गढ़ी की उतरी पगड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
बनूड़ /लांडरां। नजदीकी गांव फतिहपुर गढ़ी में पंचायती चुनाव की पोलिंग के दौरान हुए झगड़े के कारण दो घंटे पोलिंग बंद रही। इस मौके पर शिरोमणि कमेटी सदस्य व गांव के रहने वाले जत्थेदार सुरजीत सिंह गढ़ी की पगड़ी उतर गई। पूरी घटना के रोष में गांव वासियों व जत्थेदार गढ़ी के समर्थक अकाली वर्करों ने पोलिंग बूथ का घेराव किया। उन्होंने कांग्रेस सरकार व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस द्वारा इस मौके पर लाठीचार्ज भी किया गया। पुलिस के उच्चाधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों के दखल के बाद दो घंटे के बाद पोलिंग दोबारा शुरू हुई। जत्थेदार गढ़ी की पत्नी भाग कौर यहां से सरपंची का चुनाव लड़ रही हैं। उन्होंने पुलिस की सहायता से कांग्रेसियों पर बड़ी संख्या में जाली वोट भुगताने का आरोप भी लगाया।
दोपहर एक बजे के करीब जब गांव के सरकारी स्कूल में पोलिंग बूथों पर कांग्रेसी समर्थक बाहरी व्यक्ति वोटिंग वाले कमरे में घुस गए तो लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। एसजीपीसी सदस्य जत्थेदार सुरजीत सिंह गढ़ी ने बताया कि वह खुद पोलिंग बूथ के अंदर थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के राजपुरा शहर में तैनात एक इंस्पेक्टर ने पोलिंग बूथ का गेट बंद करवा कर उनके समर्थकों को बाहर निकाल दिया। उन्होंने कहा कि विरोधी उम्मीदवारों की सहायता के लिए आए बाहरी व्यक्तियों ने जाली वोट डालनी शुरू कर दी। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्होंने उनके साथ हाथापाई की, जिससे उनकी पगड़ी उतर गई। जत्थेदार गढ़ी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी कोई बात नहीं सुनी व कांग्रेसियों की सहायता कर पुलिस ने जाली वोट डलवाए। जत्थेदार गढ़ी की पगड़ी उतरने व जाली वोट डालने की सूचना जब उनके पोलिंग बूथ के बाहर बैठे समर्थकों व गांव वासियों को मिली तो बड़ी संख्या में गांव वासी बूथ के आगे एकत्रित हो गए व गेट से अंदर जाने की कोशिश करने लगे। पुलिस द्वारा रोकने पर गढ़ी के समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस मौके पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को पोलिंग बूथ से दूर भगाया। जत्थेदार गढ़ी ने पुलिस इंस्पेक्टर व जाली वोट डालने वाले व उनके साथ हाथापाई कर पगड़ी उतारने वालों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। इस मौके पर लोगों की भीड़ द्वारा की पत्थरबाजी से पोलिंग मुलाजिमों की एक अलटो कार के शीशे भी टूट गए।
घटना का पता चलते ही पटियाला से एसपी मनजीत सिंह बराड़, डीएसपी राजपुरा कृष्ण कुमार पहुंचे थे और बनूड़ के थाना प्रभारी सुरिन्द्रपाल सिंह की अगुवाई में बड़ी संख्या में फोर्स के अलावा राजपुरा के तहसीलदार हरसिमरन सिंह, नायब तहसीलदार बनूड़ सुखविन्द्रपाल वर्मा भी मौके पर आ गए। सभी के प्रयास के बाद स्थिति शांत हुई व एक बजे के बाद बंद पोलिंग दुबारा शुरू हुई।
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फोटो कैप्शन- पोलिंग बूथ पर एसजीपीसी सदस्य जत्थेदार सुरजीत सिंह गढ़ी अपनी उतारी गई पगड़ी को दोबारा संभालने के बाद अपने समर्थकों को शांत करते हुए।
पुलिस द्वारा लोगों को शांत करने के लिए की गई लाठीचार्ज का दृश्य।
- झगड़े में एसजीपीसी सदस्य जत्थेदार सुरजीत सिंह गढ़ी की उतरी पगड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
बनूड़ /लांडरां। नजदीकी गांव फतिहपुर गढ़ी में पंचायती चुनाव की पोलिंग के दौरान हुए झगड़े के कारण दो घंटे पोलिंग बंद रही। इस मौके पर शिरोमणि कमेटी सदस्य व गांव के रहने वाले जत्थेदार सुरजीत सिंह गढ़ी की पगड़ी उतर गई। पूरी घटना के रोष में गांव वासियों व जत्थेदार गढ़ी के समर्थक अकाली वर्करों ने पोलिंग बूथ का घेराव किया। उन्होंने कांग्रेस सरकार व पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। पुलिस द्वारा इस मौके पर लाठीचार्ज भी किया गया। पुलिस के उच्चाधिकारियों व प्रशासनिक अधिकारियों के दखल के बाद दो घंटे के बाद पोलिंग दोबारा शुरू हुई। जत्थेदार गढ़ी की पत्नी भाग कौर यहां से सरपंची का चुनाव लड़ रही हैं। उन्होंने पुलिस की सहायता से कांग्रेसियों पर बड़ी संख्या में जाली वोट भुगताने का आरोप भी लगाया।
दोपहर एक बजे के करीब जब गांव के सरकारी स्कूल में पोलिंग बूथों पर कांग्रेसी समर्थक बाहरी व्यक्ति वोटिंग वाले कमरे में घुस गए तो लोगों ने इसका विरोध करना शुरू कर दिया। एसजीपीसी सदस्य जत्थेदार सुरजीत सिंह गढ़ी ने बताया कि वह खुद पोलिंग बूथ के अंदर थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस के राजपुरा शहर में तैनात एक इंस्पेक्टर ने पोलिंग बूथ का गेट बंद करवा कर उनके समर्थकों को बाहर निकाल दिया। उन्होंने कहा कि विरोधी उम्मीदवारों की सहायता के लिए आए बाहरी व्यक्तियों ने जाली वोट डालनी शुरू कर दी। जब उन्होंने इसका विरोध किया तो उन्होंने उनके साथ हाथापाई की, जिससे उनकी पगड़ी उतर गई। जत्थेदार गढ़ी ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनकी कोई बात नहीं सुनी व कांग्रेसियों की सहायता कर पुलिस ने जाली वोट डलवाए। जत्थेदार गढ़ी की पगड़ी उतरने व जाली वोट डालने की सूचना जब उनके पोलिंग बूथ के बाहर बैठे समर्थकों व गांव वासियों को मिली तो बड़ी संख्या में गांव वासी बूथ के आगे एकत्रित हो गए व गेट से अंदर जाने की कोशिश करने लगे। पुलिस द्वारा रोकने पर गढ़ी के समर्थकों ने नारेबाजी शुरू कर दी। इस मौके पुलिस ने लाठीचार्ज कर भीड़ को पोलिंग बूथ से दूर भगाया। जत्थेदार गढ़ी ने पुलिस इंस्पेक्टर व जाली वोट डालने वाले व उनके साथ हाथापाई कर पगड़ी उतारने वालों के विरूद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। इस मौके पर लोगों की भीड़ द्वारा की पत्थरबाजी से पोलिंग मुलाजिमों की एक अलटो कार के शीशे भी टूट गए।
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घटना का पता चलते ही पटियाला से एसपी मनजीत सिंह बराड़, डीएसपी राजपुरा कृष्ण कुमार पहुंचे थे और बनूड़ के थाना प्रभारी सुरिन्द्रपाल सिंह की अगुवाई में बड़ी संख्या में फोर्स के अलावा राजपुरा के तहसीलदार हरसिमरन सिंह, नायब तहसीलदार बनूड़ सुखविन्द्रपाल वर्मा भी मौके पर आ गए। सभी के प्रयास के बाद स्थिति शांत हुई व एक बजे के बाद बंद पोलिंग दुबारा शुरू हुई।
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फोटो कैप्शन- पोलिंग बूथ पर एसजीपीसी सदस्य जत्थेदार सुरजीत सिंह गढ़ी अपनी उतारी गई पगड़ी को दोबारा संभालने के बाद अपने समर्थकों को शांत करते हुए।
पुलिस द्वारा लोगों को शांत करने के लिए की गई लाठीचार्ज का दृश्य।