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मनी लांडरिंग केस में ग्यारह लोगों पर आरोप तय
Updated Sat, 25 Aug 2018 10:33 PM IST
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आरोपियों में पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन एक्सईयन व उनके पारिवारिक मेंबर भी शामिल
चुनिंदा ठेकेदारों को अलाट किया काम, फिर बनाई बेनामी संपत्तियां
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। पीडब्ल्यूडी से जुडे़ पच्चीस करोड़ की मनी लांडरिंग केस की सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान मामले के 11 आरोपियों पर आरोप तय किए गए हैं। आरोपियों में पीडब्ल्यूडी विभाग के उस समय के एक्सईयन जोगिन्द्र सिंह निवासी बरनाला, उसकी पत्नी करमजीत कौर, ससुर जोगिन्द्र सिंह, सास गुरशरन कौर, जुनियर इंजीनियर सरबजीत सिंह निवासी लहरागागा, करनैल कौर, सुरिन्द्र सिंह, बलविन्द्र सिंह, जगजीत सिंह, सुपरिंटेंडेंट सतपाल बंसल तथा उसकी पत्नी राज राणी निवासी संगरूर शामिल हैं। इन पर प्रीवेंशन आफ मनी लांडरिंग एक्ट की धारा 4 तहत आरोप तय किए गए है।
जानकारी मुताबिक जुडीशियल कोर्ट कांप्लेक्स बुढलाडा सहित कई प्रोजेक्टों में हुए बड़े घोटाले में पीडबल्यूडी (बीएंडआर) के एक्सईयन जोगिन्द्र सिंह पर आरोप थे कि उसने अपनी मानसा में तैनाती दौरान कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को विभाग के कार्यों के ठेके दिए थे और बड़े स्तर पर कार्यों में घोटाले किए गए थे। उक्त आरोपियों पर आरोप है कि कई प्रोजेक्टों में घोटाले करके अपने पारिवारिक सदस्यों व रिश्तेदारों की मदद से बेनामी प्रॉपर्टीज बनाई थीं। बड़े सतर पर गोल्ड आदि की खरीद की थी। आरोपियों के खिलाफ विजीलेंस ने वर्ष 2011, 2012, 2013, 2014 में पुलिस स्टेशन बठिंडा में अलग अलग केस दर्ज किए थे। बाद में इस केस की जांच ईडी द्वारा भी की गई थी और ईडी ने सभी 9 एफआईआर को जोड़ कर मनी लांडरिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया था। पहले तो यह केस मानसा की अदालत में चल रहा था, लेकिन बाद में यह केस सीबीआई की मोहाली स्थित अदालत में शिफ्ट हो गया था।
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चुनिंदा ठेकेदारों को अलाट किया काम, फिर बनाई बेनामी संपत्तियां
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। पीडब्ल्यूडी से जुडे़ पच्चीस करोड़ की मनी लांडरिंग केस की सीबीआई की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान मामले के 11 आरोपियों पर आरोप तय किए गए हैं। आरोपियों में पीडब्ल्यूडी विभाग के उस समय के एक्सईयन जोगिन्द्र सिंह निवासी बरनाला, उसकी पत्नी करमजीत कौर, ससुर जोगिन्द्र सिंह, सास गुरशरन कौर, जुनियर इंजीनियर सरबजीत सिंह निवासी लहरागागा, करनैल कौर, सुरिन्द्र सिंह, बलविन्द्र सिंह, जगजीत सिंह, सुपरिंटेंडेंट सतपाल बंसल तथा उसकी पत्नी राज राणी निवासी संगरूर शामिल हैं। इन पर प्रीवेंशन आफ मनी लांडरिंग एक्ट की धारा 4 तहत आरोप तय किए गए है।
जानकारी मुताबिक जुडीशियल कोर्ट कांप्लेक्स बुढलाडा सहित कई प्रोजेक्टों में हुए बड़े घोटाले में पीडबल्यूडी (बीएंडआर) के एक्सईयन जोगिन्द्र सिंह पर आरोप थे कि उसने अपनी मानसा में तैनाती दौरान कुछ चुनिंदा ठेकेदारों को विभाग के कार्यों के ठेके दिए थे और बड़े स्तर पर कार्यों में घोटाले किए गए थे। उक्त आरोपियों पर आरोप है कि कई प्रोजेक्टों में घोटाले करके अपने पारिवारिक सदस्यों व रिश्तेदारों की मदद से बेनामी प्रॉपर्टीज बनाई थीं। बड़े सतर पर गोल्ड आदि की खरीद की थी। आरोपियों के खिलाफ विजीलेंस ने वर्ष 2011, 2012, 2013, 2014 में पुलिस स्टेशन बठिंडा में अलग अलग केस दर्ज किए थे। बाद में इस केस की जांच ईडी द्वारा भी की गई थी और ईडी ने सभी 9 एफआईआर को जोड़ कर मनी लांडरिंग एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया था। पहले तो यह केस मानसा की अदालत में चल रहा था, लेकिन बाद में यह केस सीबीआई की मोहाली स्थित अदालत में शिफ्ट हो गया था।
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