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लालड़ू निकट पकड़ी अवैध शराब की फैक्टरी का मामला
Updated Fri, 16 Nov 2018 01:33 AM IST
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लालड़ू निकट पकड़ी अवैध शराब की फैक्टरी का मामला
फैक्टरी से मिले दस्तावेज के आधार पर दो किराएदारों व अज्ञात साथियों के खिलाफ मामला दर्ज
-सामान थैलों में सील बंद व तरल पदार्थों के सैंपल लैबोटरी में भेजने की कार्यवाई शुरू
-पूरा सामान एकत्र होने के बाद फैक्टरी जल्द होगी सील बंद
-पुलिस तरल प्रदार्थों के सैंपल एकत्र करती हुई
अमर उजाला ब्यूरो
लालड़ू।
लालड़ू के निकट आबकारी व कर विभाग द्वारा पकडी गई अवैध शराब की फैक्टरी को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर कार्यवाई शुरू कर सील करने की तैयारी शुरू कर दी हैं। अवैध शराब की फैक्ट्री के खुलासे के बाद पुलिस ने सिरसा के दो व्यक्तियों को नामजद कर उनके अज्ञात साथियों के खिलाफ पंजाब एक्साइज एवं धोखाधड़ी के तहत केस दर्ज किया हैं। पुलिस ने फैक्टरी में पड़े सामान को एकत्र कर गिनती शुरू करने के अलावा तरल पदार्थों के सैंपल लेकर लैबोटरी में भेजने की कार्यवाई शुरू कर दी हैं। लैहली चौंकी इंचार्ज आईएस फुलचंद ने जानकारी देते हुए बताया कि आबकारी व कर विभाग ने बुधवार को उक्त नकली अवैध शराब की फैक्टरी का पर्दाफार्श किया था, उक्त विभाग ने देर रात स्थानिय पुलिस को कार्यवाई के लिए सौंप दिया था। फुलचंद ने बताया कि उन्हे फैक्टरी से एक रजिस्टर में से एक हल्फनामा मिला हैं। जिस में किराएदार फैक्ट्री संचालक विक्रम खन्ना, भारत ट्रांसपोर्ट कंपनी, नजदीक जेल ग्राउंड, टेलिफोन एक्सचेंज, सिरसा और पंकज कुमार पुत्र राजकुमार वासी सिरसा हरियाणा के नाम पर बना उक्त हलफनामा इसी वर्ष 29 जनवरी का बना हैं जो इसी वर्ष दिसंबर तक के लिए वैध हैं। जिस का एक माह का किराया 65 हजार रूपये देना तय लिखा गया हैं। पुलिस ने उक्त दोनो व्यक्तियों के अलावा उनके अज्ञात साथियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं सहित मामला दर्ज कर लिया हैं। फुलचंद ने बताया कि वीरवार को पुलिस ने उक्त फैक्टरी में पड़े सामान की गिनती कर थैलों में डाल कर सील बंद कर स्थानिय पुलिस थाने में पहुंचाया जा रहा हैं और यहां पर रखे कैमिकल ड्रमों में से व अन्य तरल पदार्थों के सैंपल लेकर लैबोटरी में भेजने की कार्यवाई शुरू कर दी हैं। उन्होनें बताया कि पूरा सामान कब्जे में लेने के बाद फैक्टरी को सीलबंद कर दिया जाएगा। सामान को एकत्र करने में एक-दो दिन का समय लग सकता हैं। उसके बाद अगामी जांच शुरू कर मामले की पूरी पड़ताल की जाएगी। बता दें कि उक्त मामला एआईटीसी परमजीत सिंह, ईटीओ विनोद पाहूजा और ईटीआई सरुपिंदर सिंह के बयान पर दर्ज किया है।
बाक्स :
फैक्टरी संचालक लोग थे मास्टर माइंड :
नकली शराब की अवैध फैक्टरी संचालक लोग बहुत ही मास्टर माइंड के थे। पकड़ी गई फैक्टरी में प्लास्टिक पन्नी से लिपटे करीब 50 ऐसे मंडल पड़े मिले हैं, लगभग हर एक मंडल का वजन करीब 80 किलोंग्राम हैं। प्लास्टिक पन्नी द्वारा चारों ओर से लिपटे इन मंडलों के बीच में एक भूसा (गन्ने से रस निकाल कर गुड़ बनाते समय गन्ने का बचा शिरका युक्त अवशेष) जिस में से शराब की तरह महक आ रही थी, भरा हुआ था। पुलिस का कहना हैं कि वाहन में अवैध शराब की पैटिंयां लोड कर पिछले भाग को इन मंडलों से ढाप दिया जाता होगा। ताकि पंजाब सहित अन्य राज्यों में सप्लाई करते समय रास्तें में अगर वाहन की चैंकिंग के लिए रोका जाता तो इन शराब के महक वाले मंडलों का हवाला देकर पुलिस या संबधित विभाग की टीम को गुमराह कर आसानी से निकला जा सकें।
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फैक्टरी से मिले दस्तावेज के आधार पर दो किराएदारों व अज्ञात साथियों के खिलाफ मामला दर्ज
-सामान थैलों में सील बंद व तरल पदार्थों के सैंपल लैबोटरी में भेजने की कार्यवाई शुरू
-पूरा सामान एकत्र होने के बाद फैक्टरी जल्द होगी सील बंद
-पुलिस तरल प्रदार्थों के सैंपल एकत्र करती हुई
अमर उजाला ब्यूरो
लालड़ू।
लालड़ू के निकट आबकारी व कर विभाग द्वारा पकडी गई अवैध शराब की फैक्टरी को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर कार्यवाई शुरू कर सील करने की तैयारी शुरू कर दी हैं। अवैध शराब की फैक्ट्री के खुलासे के बाद पुलिस ने सिरसा के दो व्यक्तियों को नामजद कर उनके अज्ञात साथियों के खिलाफ पंजाब एक्साइज एवं धोखाधड़ी के तहत केस दर्ज किया हैं। पुलिस ने फैक्टरी में पड़े सामान को एकत्र कर गिनती शुरू करने के अलावा तरल पदार्थों के सैंपल लेकर लैबोटरी में भेजने की कार्यवाई शुरू कर दी हैं। लैहली चौंकी इंचार्ज आईएस फुलचंद ने जानकारी देते हुए बताया कि आबकारी व कर विभाग ने बुधवार को उक्त नकली अवैध शराब की फैक्टरी का पर्दाफार्श किया था, उक्त विभाग ने देर रात स्थानिय पुलिस को कार्यवाई के लिए सौंप दिया था। फुलचंद ने बताया कि उन्हे फैक्टरी से एक रजिस्टर में से एक हल्फनामा मिला हैं। जिस में किराएदार फैक्ट्री संचालक विक्रम खन्ना, भारत ट्रांसपोर्ट कंपनी, नजदीक जेल ग्राउंड, टेलिफोन एक्सचेंज, सिरसा और पंकज कुमार पुत्र राजकुमार वासी सिरसा हरियाणा के नाम पर बना उक्त हलफनामा इसी वर्ष 29 जनवरी का बना हैं जो इसी वर्ष दिसंबर तक के लिए वैध हैं। जिस का एक माह का किराया 65 हजार रूपये देना तय लिखा गया हैं। पुलिस ने उक्त दोनो व्यक्तियों के अलावा उनके अज्ञात साथियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं सहित मामला दर्ज कर लिया हैं। फुलचंद ने बताया कि वीरवार को पुलिस ने उक्त फैक्टरी में पड़े सामान की गिनती कर थैलों में डाल कर सील बंद कर स्थानिय पुलिस थाने में पहुंचाया जा रहा हैं और यहां पर रखे कैमिकल ड्रमों में से व अन्य तरल पदार्थों के सैंपल लेकर लैबोटरी में भेजने की कार्यवाई शुरू कर दी हैं। उन्होनें बताया कि पूरा सामान कब्जे में लेने के बाद फैक्टरी को सीलबंद कर दिया जाएगा। सामान को एकत्र करने में एक-दो दिन का समय लग सकता हैं। उसके बाद अगामी जांच शुरू कर मामले की पूरी पड़ताल की जाएगी। बता दें कि उक्त मामला एआईटीसी परमजीत सिंह, ईटीओ विनोद पाहूजा और ईटीआई सरुपिंदर सिंह के बयान पर दर्ज किया है।
बाक्स :
फैक्टरी संचालक लोग थे मास्टर माइंड :
नकली शराब की अवैध फैक्टरी संचालक लोग बहुत ही मास्टर माइंड के थे। पकड़ी गई फैक्टरी में प्लास्टिक पन्नी से लिपटे करीब 50 ऐसे मंडल पड़े मिले हैं, लगभग हर एक मंडल का वजन करीब 80 किलोंग्राम हैं। प्लास्टिक पन्नी द्वारा चारों ओर से लिपटे इन मंडलों के बीच में एक भूसा (गन्ने से रस निकाल कर गुड़ बनाते समय गन्ने का बचा शिरका युक्त अवशेष) जिस में से शराब की तरह महक आ रही थी, भरा हुआ था। पुलिस का कहना हैं कि वाहन में अवैध शराब की पैटिंयां लोड कर पिछले भाग को इन मंडलों से ढाप दिया जाता होगा। ताकि पंजाब सहित अन्य राज्यों में सप्लाई करते समय रास्तें में अगर वाहन की चैंकिंग के लिए रोका जाता तो इन शराब के महक वाले मंडलों का हवाला देकर पुलिस या संबधित विभाग की टीम को गुमराह कर आसानी से निकला जा सकें।
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