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जापानी बुख़ार के साथ गांव भगवानपुर में पांच वर्षीय बच्चें की मौत

Sun, 02 Sep 2018 02:09 AM IST
Updated Sun, 02 Sep 2018 02:09 AM IST
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जापानी बुख़ार के साथ गांव भगवानपुर में पांच वर्षीय बच्चें की मौत
जापानी बुखार से पांच वर्षीय बच्चे की मौत
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पीजीआई ने सेहत विभाग को भेजी रिपोर्ट, मचा हड़कंप
सेहत विभाग ने गांव भगवानपुर का दौरा कर लिए सैंपल
हरजीत सिंह
डेराबस्सी। बरवाला रोड पर स्थित गांव भगवानपुर में पांच साल के बच्चे की जापानी बुखार से मौत हो गई। चंडीगढ़ के पीजीआई में बच्चे की मौत के बाद बीते शुक्रवार को सेहत विभाग को जानकारी दी गई। शनिवार को सेहत विभाग ने गांव भगवानपुर का दौरा किया। यहां पर सैकड़ों घरों की जांच के बाद कई लोगों के खून के सैंपल लिए गए है। सब डिवीजन डेराबस्सी में जापानी बुखार से यह तीसरी मौत है। बता दें कि तीन साल पहले जीरकपुर और लालड़ू में दो मौतें हो चुकी हैं। जापानी बुखार संक्रमित मच्छर के काटने से फैलता है। मूलरूप से उत्तरप्रदेश के गांव मटोड़, तहसील व जिला बांदा के रहने वाले आदित्य कुमार भगवानपुर के गुरमेल क्वार्टर में बतौर किराएदार अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनके पांच साल के बेटे आशु की 16 अगस्त को पीजीआई में मौत हो गई थी।
जानकारी के अनुसार आशु को 6 अगस्त को सिविल अस्पताल डेराबस्सी में भर्ती कराया गया था। पांच दिन तक सेहत में सुधार न होने पर चंडीगढ़ सेक्टर-16 जीएमएसएच रेफर कर दिया गया। यहां भी सेहत में सुधार न होने पर चंडीगढ़ पीजीआई रेफर कर दिया गया। पीजीआई में 16 अगस्त को आशु की मौत हो गई। पीजीआई में जांच के बाद डॉक्टरों को जापानी बुखार के लक्षण मिले थे। इनकी पुष्टि डेथ सर्टिफिकेट में की गई है। पीजीआई ने इस बारे में सेहत विभाग को रिपोर्ट भेजी है।
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पीड़ित के घर का दौरा करने पर क्वार्टरों में भारी गंदगी देखने को मिली। यहां पर एक साथ कई किराएदार रह रहे हैं। क्वार्टरों के आसपास गंदगी के ढेर लगे हुए थे। लोगों ने बताया कि मकान मालिक 1600 रुपये किराया प्रतिमाह वसूलता है। यहां एक कमरे में चार से पांच लोग रह रहे हैं। ज्यादातर लोग आसपास की फैक्टरियों में काम करते वाले लेबर या छोटे-मोटे काम या फिर दिहाड़ी करते हैं।
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सेहत विभाग ने पीड़ित के क्वार्टरों समेत 440 घरों की जांच की है। 12 घरों में संदिग्ध मच्छरों का लारवा मिला। इसे नष्ट कर दिया गया है। 24 से 30 लोगों के खून के सैंपल लिए गए हैं। इस दौरान कोई संदिग्ध जापानी बुखार से पीड़ित मरीज नहीं मिला है। चार स्थानों पर गंदगी के ढेर मिले हैं। कुछ स्थानों पर दूषित पानी भी भरा था। इसमें दवाई डलवा दी गई है।
-डॉ. संगीता जैन, एसएमओ, सिविल अस्पताल


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क्या है जापानी बुखार
-जापानी बुखार एक विषाणु रोग है।
-फ्लैवी विषाणु के संक्रमित मच्छर के काटने से फैलता है।
- यह बीमारी दक्षिणी पूर्वी एशिया, दक्षिण एशिया और पूर्वी एशिया में सबसे ज्यादा पाई जाती है।
- सबसे पहले यह बीमारी 1871 में जापान में पाई गई।
- इसके बाद एशिया महाद्वीप के बाद भारत में पैर फैलाया।
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