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कुवैत और पुर्तगाल में पक्की नौकरी का झांसा देकर लोग हुए ठगी का शिकार
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जीरकपुर। बीते कुछ वर्षों से शहर में फर्जी इमिग्रेशन कंपनियों द्वारा विदेश जाने की चाह रखने वाले लोगों को ठगने का सिलसिला खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। मंगलवार को पुलिस के पास एक ओर इमिग्रेशन कंपनी के खिलाफ कई लोगों ने शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। शिकायत देने वालों का आरोप है कि उन्हें विदेश में पक्की नौकरी दिलाने का वादा किया और जब विदेश भेजने का समय आया तो कंपनी अधिकारी अपना दफ्तर बंद करके फरार हो गए।
जगरूप सिंह, मनप्रीत सिंह, जसविंदर सिंह, कुलविंदर सिंह, जतिंदर सिंह सहित कुल 90 लोगों ने पुलिस को बताया कि उन्हें सोशल साइट्स फेसबुक और इंस्टाग्राम पर विज्ञापन मिला, जिसमें पुर्तगाल और कुवैत में पक्की नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया गया। विज्ञापन के ऊपर दिए नंबरों के आधार पर वे लोग जीरकपुर में अंबाला रोड पर स्थित वी-श्योर नामक इमिग्रेशन कंपनी के दफ्तर पहुंचे। दफ्तर में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि प्रति व्यक्ति 60 हजार रुपये पहले लिए जाएंगे, जिसकी बाकी रकम पुर्तगाल और कुवैत में पक्की नौकरी लगने के बाद ली जाएगी।
दूसरी ओर, लोगों ने एक के बाद एक अपने दस्तावेजों की शर्तों के मुताबिक पासपोर्ट, सारे दस्तावेज और 60 हजार रुपये प्रति व्यक्ति जमा करवा दिए। आरोप है कि कंपनी की शर्तों को पूरा करने के बाद सोमवार को जब वे दफ्तर में पता लेने पहुंचे तो यहां ताला लगा हुआ था।
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वहीं, आसपास के लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि इमिग्रेशन कंपनी अपना सामान लेकर यहां से फरार हो चुके है। इसके बाद लोगों ने मामले की लिखित शिकायत पुलिस थाने में दर्ज करवाकर कार्रवाई की मांग की।
दूसरी ओर, पुलिस ने लोगों की शिकायत पर वी-श्योर नामक इमिग्रेशन में काम करने वालों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। उनकी पहचान सोनू, अजयपाल उर्फ नवी, कार्तिक, आरूषि, गगन मेहता, अंजलि उर्फ रिया, रूचि, मनप्रीत सिंह के अलावा चंडीगढ़ की एक लैब मेडिकल हेल्थ केयर सेंटर मेडिनो को नामजद किया है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी है।
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जगरूप सिंह, मनप्रीत सिंह, जसविंदर सिंह, कुलविंदर सिंह, जतिंदर सिंह सहित कुल 90 लोगों ने पुलिस को बताया कि उन्हें सोशल साइट्स फेसबुक और इंस्टाग्राम पर विज्ञापन मिला, जिसमें पुर्तगाल और कुवैत में पक्की नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया गया। विज्ञापन के ऊपर दिए नंबरों के आधार पर वे लोग जीरकपुर में अंबाला रोड पर स्थित वी-श्योर नामक इमिग्रेशन कंपनी के दफ्तर पहुंचे। दफ्तर में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि प्रति व्यक्ति 60 हजार रुपये पहले लिए जाएंगे, जिसकी बाकी रकम पुर्तगाल और कुवैत में पक्की नौकरी लगने के बाद ली जाएगी।
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दूसरी ओर, लोगों ने एक के बाद एक अपने दस्तावेजों की शर्तों के मुताबिक पासपोर्ट, सारे दस्तावेज और 60 हजार रुपये प्रति व्यक्ति जमा करवा दिए। आरोप है कि कंपनी की शर्तों को पूरा करने के बाद सोमवार को जब वे दफ्तर में पता लेने पहुंचे तो यहां ताला लगा हुआ था।
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वहीं, आसपास के लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि इमिग्रेशन कंपनी अपना सामान लेकर यहां से फरार हो चुके है। इसके बाद लोगों ने मामले की लिखित शिकायत पुलिस थाने में दर्ज करवाकर कार्रवाई की मांग की।
दूसरी ओर, पुलिस ने लोगों की शिकायत पर वी-श्योर नामक इमिग्रेशन में काम करने वालों के खिलाफ धोखाधड़ी की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। उनकी पहचान सोनू, अजयपाल उर्फ नवी, कार्तिक, आरूषि, गगन मेहता, अंजलि उर्फ रिया, रूचि, मनप्रीत सिंह के अलावा चंडीगढ़ की एक लैब मेडिकल हेल्थ केयर सेंटर मेडिनो को नामजद किया है। पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी है।