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आत्महत्या
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जोशी कैटरिंग के मैनेजर ने की आत्महत्या
सुसाइड नोट में कैटरिंग के मालिकों पर आत्महत्या के लिए विवश करने का आरोप
पुलिस ने केस दर्ज कर दोनों आरोपी किए गिरफ्तार, एक दिन के रिमांड पर लिया
मृतक नेपाल का और आरोपी हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के निवासी
कुछ दिन पहले मोनू की कर्मचारी से कहासुनी के बाद हुई थी हाथापाई
अमर उजाला ब्यूरो
नयागांव। चंडीगढ़ सेक्टर-35 स्थित जोशी कैटरिंग में बतौर मैनेजर काम करने वाले मोनू बहादुर ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में जोशी कैटरिंग के मालिकों पर आत्महत्या के लिए विवश करने का आरोप लगाया हैै। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेेश किया।
मोनू बहादुर मूलरूप से नेपाल में गोरखा जिले का रहने वाला था। उसे सबसे पहले बेटे सागर ने फंदे पर लटकते देखा। सूचना पाकर एसआई निशान सिंह रंधावा ने पहुंचकर शव को नीचे उतरवाया। शव के पास सुसाइड नोट बरामद हुआ जिसमें जोशी कैटरिंग के मालिक महेश जोशी और नीरज कुमार निवासी हमीरपुर हिमाचल प्रदेश पर आरोप लगाया कि वह इन लोगों से तंग आकर अपनी जान दे रहा है। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड की मांग की, लेकिन कोर्ट ने एक दिन का रिमांड दिया। एसआई ने बताया कि शुक्रवार सुबह खरड़ अस्पताल की मॉर्चरी में शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
जानकारी के अनुसार मोनू 12 साल से जोशी कैटरिंग के साथ काम कर रहा था। कुछ दिन पहले उसकी किसी कर्मचारी से कहासुनी होने के बाद हाथापाई की नौबत आ गई थी जिसके बाद से कैटरिंग मालिक महेश जोशी ने मोनू को काम पर बुलाना बंद कर दिया था। आशंका जताई जा रही है कि इसी वजह से डिप्रेशन में आकर मोनू ने यह कदम उठाया।
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पिता ने भेजा था मामा केे घर, वापिस आया तो पिता को फंदे पर झूलतेे देखा
मोनू ने सोमवार को अपने बेटे को चंडीगढ़ सेक्टर-11 मामा के घर भेेेेजा था। बेटा वापस आया तो पिता को फंदे पर झूलते देखा। मृतक की पत्नी और बच्चे नेपाल में गोरखा जिले में रहते हैं। कुछ ही समय पहले बेटा सागर नेेपाल सेे पिता के पास आया था। सागर यहां पीजीआई में उपचार के लिए आया था। फिलहाल मोनू के चाचा हरिद्वार से घटना की खबर मिलते ही पहुंच गए हैं। नेपाल में परिजनों को भी इस बारे में सूचित कर दिया है।
करीबियों को मोनू की आत्महत्या पर नहीं हो रहा विश्वास
मोनू के करीबियों ने बताया कि मोनू बहादुर हिम्मत वाला व खुश मिजाज किस्म का व्यक्ति था। वह इतनी छोटी-सी बात पर इतना बड़ा कदम नहीं उठा सकता। पुलिस को घटनास्थल पर मिले सुसाइड नोट की हैंड राइटिंग की भी जांच करवानी चाहिए।
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सुसाइड नोट में कैटरिंग के मालिकों पर आत्महत्या के लिए विवश करने का आरोप
पुलिस ने केस दर्ज कर दोनों आरोपी किए गिरफ्तार, एक दिन के रिमांड पर लिया
मृतक नेपाल का और आरोपी हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर के निवासी
कुछ दिन पहले मोनू की कर्मचारी से कहासुनी के बाद हुई थी हाथापाई
अमर उजाला ब्यूरो
नयागांव। चंडीगढ़ सेक्टर-35 स्थित जोशी कैटरिंग में बतौर मैनेजर काम करने वाले मोनू बहादुर ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड नोट में जोशी कैटरिंग के मालिकों पर आत्महत्या के लिए विवश करने का आरोप लगाया हैै। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में पेेश किया।
मोनू बहादुर मूलरूप से नेपाल में गोरखा जिले का रहने वाला था। उसे सबसे पहले बेटे सागर ने फंदे पर लटकते देखा। सूचना पाकर एसआई निशान सिंह रंधावा ने पहुंचकर शव को नीचे उतरवाया। शव के पास सुसाइड नोट बरामद हुआ जिसमें जोशी कैटरिंग के मालिक महेश जोशी और नीरज कुमार निवासी हमीरपुर हिमाचल प्रदेश पर आरोप लगाया कि वह इन लोगों से तंग आकर अपनी जान दे रहा है। इसके आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश कर तीन दिन के रिमांड की मांग की, लेकिन कोर्ट ने एक दिन का रिमांड दिया। एसआई ने बताया कि शुक्रवार सुबह खरड़ अस्पताल की मॉर्चरी में शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा।
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जानकारी के अनुसार मोनू 12 साल से जोशी कैटरिंग के साथ काम कर रहा था। कुछ दिन पहले उसकी किसी कर्मचारी से कहासुनी होने के बाद हाथापाई की नौबत आ गई थी जिसके बाद से कैटरिंग मालिक महेश जोशी ने मोनू को काम पर बुलाना बंद कर दिया था। आशंका जताई जा रही है कि इसी वजह से डिप्रेशन में आकर मोनू ने यह कदम उठाया।
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पिता ने भेजा था मामा केे घर, वापिस आया तो पिता को फंदे पर झूलतेे देखा
मोनू ने सोमवार को अपने बेटे को चंडीगढ़ सेक्टर-11 मामा के घर भेेेेजा था। बेटा वापस आया तो पिता को फंदे पर झूलते देखा। मृतक की पत्नी और बच्चे नेपाल में गोरखा जिले में रहते हैं। कुछ ही समय पहले बेटा सागर नेेपाल सेे पिता के पास आया था। सागर यहां पीजीआई में उपचार के लिए आया था। फिलहाल मोनू के चाचा हरिद्वार से घटना की खबर मिलते ही पहुंच गए हैं। नेपाल में परिजनों को भी इस बारे में सूचित कर दिया है।
करीबियों को मोनू की आत्महत्या पर नहीं हो रहा विश्वास
मोनू के करीबियों ने बताया कि मोनू बहादुर हिम्मत वाला व खुश मिजाज किस्म का व्यक्ति था। वह इतनी छोटी-सी बात पर इतना बड़ा कदम नहीं उठा सकता। पुलिस को घटनास्थल पर मिले सुसाइड नोट की हैंड राइटिंग की भी जांच करवानी चाहिए।