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फेज-4 और 5 के लोगों में जलनिकासी को लेकर बनी टकराव की स्थिति
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मोहाली। वीरवार सुबह तीन घंटे की भारी बारिश ने शहर के सीवरेज सिस्टम को फेल कर दिया। फेज-7 के एचई मकानों में पानी भर गया। वहीं, फेज 4 और 5 के निवासियों में तो पानी की निकासी को लेकर टकराव की स्थिति भी पैदा हो गई थी। माहौल गर्म होता देख मौके पर पहुंची निगम की टीम वहां से चली गई। वीरवार तड़के तकरीबन तीन बजे से 6 बजे तक भारी बारिश हुई। इस बारिश से पूरे शहर को जलमग्न कर दिया।
पूरे शहर को सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम इस तीन घंटे की बारिश के दौरान फेल हो गया। फेज 5 व फेज 3बी2 की मार्केट की पार्किंग में भी पानी भरा रहा। फेज-4 के एचएम क्वार्टरों और बोगनविलिया पार्क के बीच वाली रोड पर हर साल निकासी की समस्या आती है। इस समस्या को हल करने के लिए नगर निगम ने फेज 4 व 5 के बीच वाली रोड पर कॉज वे बना दिया। जिससे अतिरिक्त पानी फेज-5 में चला जाता है। फेज-5 में पहले से ही पानी की निकासी की समस्या है। ऐसे में फेज-5 के लोगों को परेशानी उठाती पड़ती है। वीरवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद फेज-4 में पानी की निकासी न हो पाने के कारण पानी भर गया। सुबह 6 बजे फेज-4 के लोगों ने कांग्रेस नेता रुपिंदर कौर रीना के जरिए निगम अधिकारियों को पानी निकासी की अपील की। जिसके बाद निगम की एक टीम वहां पहुंची। फेज 4 के लोगों ने कॉज वे के साथ पड़ा मलबा हटाने की मांग की। जिससे ज्यादा पानी की निकासी हो सके।
इसी दौरान फेज 5 के लोग भाजपा नेता व वार्ड 8 के पूर्व काउंसर अशोक झा को साथ लेकर वहां पहुंच गए। इन लोगों ने कॉज वे से मलबा हटा कर पानी की निकासी रास्ता चौड़ा करने का विरोध किया। अशोक झा का कहना था कि फेज 5 में पहले से ही पानी की निकासी की समस्या होने के कारण जलभराव है। उस पर अतिरिक्त पानी फेज 5 में छोड़ा जा रहा है। जिससे वहां के लोगों परेशानी उठानी पड़ती है। अशोक झा कहना था कि निगम पहले फेज 5 से जल निकासी का इंतजाम करे, फिर फेज 4 का पानी छोड़े। माहौल गर्म होता देख निगम की टीम मलबा हटाए बिना ही मौके से चली गई। कांग्रेसी नेता रुपिंदर कौर का भी कहना था कि जल निकासी पूरे क्षेत्र की समस्या है। इसका स्थाई हल किया जाना चाहिए।
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विरोध करने पर लौटी निगम की टीम
नगर निगम के एसडीओ सुखविंदर सिंह ने बताया कि वह सुबह मौके पर गए थे। फेज 4 में जलभराव के कारण वहां के लोगों की मांग थी कि कॉज वे के साथ पड़े मलबे को हटवा दिया जाए। जिससे पानी तेजी से जा सके। पूर्व काउंसलर अशोक झा व फेज 5 के लोगों ने इसका विरोध किया। निगम की टीम बिना मलबा हटाए लौट आई। एसडीओ ने माना के फेज 4 और 5 के लोगों की समस्या जायज है। उन्होंने कहा कि वह लोगों की इस समस्या का हल करने के लिए रिपोर्ट अधिकारियों को देंगे।
फेज-11 की बाहरी सड़क पर डाली जा रही सीवरेज के कारण हुआ जलभराव
फेज-11 में जलभराव के कारण वहां के लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। स्थानीय निवासियों ने वार्ड के काउंसलर रहे पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर ऋषभ जैन को जलभराव का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उन्होंने जरूरी प्रबंध नहीं करवाए। इस पर ऋषभ जैन ने भी माना कि पानी की थोड़ी समस्या तो है। हालांकि, इसके लिए उन्होंने नई डाली जा रही सीवरेज लाइन को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि फेज 11 की बाहरी सड़क के पास डाली जा रही नई सीवरेज लाइन के कारण बरसाती पानी की निकासी प्रभावित हुई है। पूर्व काउंसलर सुखमिंदर सिंह बरनाला ने कहा कि यहां के लोग वादों से थक चुके हैं। उन्होंने निगम से बरसाती मौसम के दौरान जल निकासी के प्रबंध किए जाने की मांग की।
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पूरे शहर को सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम इस तीन घंटे की बारिश के दौरान फेल हो गया। फेज 5 व फेज 3बी2 की मार्केट की पार्किंग में भी पानी भरा रहा। फेज-4 के एचएम क्वार्टरों और बोगनविलिया पार्क के बीच वाली रोड पर हर साल निकासी की समस्या आती है। इस समस्या को हल करने के लिए नगर निगम ने फेज 4 व 5 के बीच वाली रोड पर कॉज वे बना दिया। जिससे अतिरिक्त पानी फेज-5 में चला जाता है। फेज-5 में पहले से ही पानी की निकासी की समस्या है। ऐसे में फेज-5 के लोगों को परेशानी उठाती पड़ती है। वीरवार सुबह हुई तेज बारिश के बाद फेज-4 में पानी की निकासी न हो पाने के कारण पानी भर गया। सुबह 6 बजे फेज-4 के लोगों ने कांग्रेस नेता रुपिंदर कौर रीना के जरिए निगम अधिकारियों को पानी निकासी की अपील की। जिसके बाद निगम की एक टीम वहां पहुंची। फेज 4 के लोगों ने कॉज वे के साथ पड़ा मलबा हटाने की मांग की। जिससे ज्यादा पानी की निकासी हो सके।
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इसी दौरान फेज 5 के लोग भाजपा नेता व वार्ड 8 के पूर्व काउंसर अशोक झा को साथ लेकर वहां पहुंच गए। इन लोगों ने कॉज वे से मलबा हटा कर पानी की निकासी रास्ता चौड़ा करने का विरोध किया। अशोक झा का कहना था कि फेज 5 में पहले से ही पानी की निकासी की समस्या होने के कारण जलभराव है। उस पर अतिरिक्त पानी फेज 5 में छोड़ा जा रहा है। जिससे वहां के लोगों परेशानी उठानी पड़ती है। अशोक झा कहना था कि निगम पहले फेज 5 से जल निकासी का इंतजाम करे, फिर फेज 4 का पानी छोड़े। माहौल गर्म होता देख निगम की टीम मलबा हटाए बिना ही मौके से चली गई। कांग्रेसी नेता रुपिंदर कौर का भी कहना था कि जल निकासी पूरे क्षेत्र की समस्या है। इसका स्थाई हल किया जाना चाहिए।
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विरोध करने पर लौटी निगम की टीम
नगर निगम के एसडीओ सुखविंदर सिंह ने बताया कि वह सुबह मौके पर गए थे। फेज 4 में जलभराव के कारण वहां के लोगों की मांग थी कि कॉज वे के साथ पड़े मलबे को हटवा दिया जाए। जिससे पानी तेजी से जा सके। पूर्व काउंसलर अशोक झा व फेज 5 के लोगों ने इसका विरोध किया। निगम की टीम बिना मलबा हटाए लौट आई। एसडीओ ने माना के फेज 4 और 5 के लोगों की समस्या जायज है। उन्होंने कहा कि वह लोगों की इस समस्या का हल करने के लिए रिपोर्ट अधिकारियों को देंगे।
फेज-11 की बाहरी सड़क पर डाली जा रही सीवरेज के कारण हुआ जलभराव
फेज-11 में जलभराव के कारण वहां के लोगों को परेशानी उठानी पड़ी। स्थानीय निवासियों ने वार्ड के काउंसलर रहे पूर्व सीनियर डिप्टी मेयर ऋषभ जैन को जलभराव का जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उन्होंने जरूरी प्रबंध नहीं करवाए। इस पर ऋषभ जैन ने भी माना कि पानी की थोड़ी समस्या तो है। हालांकि, इसके लिए उन्होंने नई डाली जा रही सीवरेज लाइन को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि फेज 11 की बाहरी सड़क के पास डाली जा रही नई सीवरेज लाइन के कारण बरसाती पानी की निकासी प्रभावित हुई है। पूर्व काउंसलर सुखमिंदर सिंह बरनाला ने कहा कि यहां के लोग वादों से थक चुके हैं। उन्होंने निगम से बरसाती मौसम के दौरान जल निकासी के प्रबंध किए जाने की मांग की।