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नमक कहकर ड्रग्स मंगाई, बड़ा खुलासा- जिन कंपनियों को पेमेंट हुई, उन्हें चलाती है आईएसआई
Fri, 22 Nov 2019 11:26 AM IST
पंचकुला ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मोहाली
Published by: पंचकुला ब्यूरो
Updated Fri, 22 Nov 2019 11:26 AM IST
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पाकिस्तान से नमक की खेप में हेरोइन मंगवाने के मामले की वीरवार को नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। इस मामले के एक आरोपी अजय गुप्ता की जमानत याचिका अदालत में लगी हुई थी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर निश्चित की है।
जानकारी के मुताबिक पिछली सुनवाई में आरोपी अजय गुप्ता की तरफ से अदालत में जमानत याचिका लगाई गई थी। इस पर अदालत ने गुप्ता को नमक मंगवाने व उसकी पेमेंट संबंधी दस्तावेज पेश करने के लिए कहा था। वीरवार को सुनवाई के दौरान अजय गुप्ता के वकील ने पाकिस्तान की दो कंपनियों को नमक की पेमेंट करने संबंधी दस्तावेज पेश किए।
गुप्ता के वकील एएस लोंगिया ने बताया कि यह पेमेंट अगस्त 2018 से लेकर अप्रैल 2019 तक की गई। गुप्ता की बैंक स्टेटमेंट के मुताबिक पाकिस्तान की दो कंपनियों को यूएस डॉलर में भुगतान हुआ है। इस दौरान 2070, 1800, 2700 व 5400 यूएस डॉलर का भुगतान किया गया। जिन कंपनियों को भुगतान किया गया, वे दोनों लाहौर की हैं।
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इनमें एमैक्स जनरल ट्रेडिंग व ग्लोबल विजिन इंपैक्स कंपनी शामिल है। हालांकि एनआईए ने गुप्ता की तरफ से जमा करवाए दस्तावेजों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि गुप्ता के वकील ने जो दस्तावेज दिखाए हैं, उन दोनों शेल कंपनियों को पाकिस्तान की सरकारी एजेंसी आईएसआई चलाती है जो भारत में कारोबार की आड़ में ड्रग्स भेजती थी। एनआईए ने बताया कि उन्होंने इस संबंधी ऑनलाइन सर्च की है जिसमें कई अहम चीजें सामने आई हैं।
कोर्ट ने पूछा- आरोपी को रिमांड पर क्यों नहीं लिया
इसी बीच एनआईए ने पूछा कि अगर अजय गुप्ता इस केस में शामिल है तो ऐसे में एनआईए ने आरोपी का पुलिस रिमांड क्यों नहीं मिला। अजय गुप्ता उस दिन से ही ज्यूडिशियल रिमांड पर चल रहा है। जब से एनआईए ने उसकी कस्टडी ली है। इस पर एजेंसी ने कहा कि अजय गुप्ता पेशे से सीए है। वह पाकिस्तान से आने वाली ड्रग रिसीव करता था। वहीं, वह केस के मुख्य आरोपी तारिक लोन के संपर्क में था।
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जानकारी के मुताबिक पिछली सुनवाई में आरोपी अजय गुप्ता की तरफ से अदालत में जमानत याचिका लगाई गई थी। इस पर अदालत ने गुप्ता को नमक मंगवाने व उसकी पेमेंट संबंधी दस्तावेज पेश करने के लिए कहा था। वीरवार को सुनवाई के दौरान अजय गुप्ता के वकील ने पाकिस्तान की दो कंपनियों को नमक की पेमेंट करने संबंधी दस्तावेज पेश किए।
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गुप्ता के वकील एएस लोंगिया ने बताया कि यह पेमेंट अगस्त 2018 से लेकर अप्रैल 2019 तक की गई। गुप्ता की बैंक स्टेटमेंट के मुताबिक पाकिस्तान की दो कंपनियों को यूएस डॉलर में भुगतान हुआ है। इस दौरान 2070, 1800, 2700 व 5400 यूएस डॉलर का भुगतान किया गया। जिन कंपनियों को भुगतान किया गया, वे दोनों लाहौर की हैं।
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इनमें एमैक्स जनरल ट्रेडिंग व ग्लोबल विजिन इंपैक्स कंपनी शामिल है। हालांकि एनआईए ने गुप्ता की तरफ से जमा करवाए दस्तावेजों का विरोध किया। उन्होंने कहा कि गुप्ता के वकील ने जो दस्तावेज दिखाए हैं, उन दोनों शेल कंपनियों को पाकिस्तान की सरकारी एजेंसी आईएसआई चलाती है जो भारत में कारोबार की आड़ में ड्रग्स भेजती थी। एनआईए ने बताया कि उन्होंने इस संबंधी ऑनलाइन सर्च की है जिसमें कई अहम चीजें सामने आई हैं।
कोर्ट ने पूछा- आरोपी को रिमांड पर क्यों नहीं लिया
इसी बीच एनआईए ने पूछा कि अगर अजय गुप्ता इस केस में शामिल है तो ऐसे में एनआईए ने आरोपी का पुलिस रिमांड क्यों नहीं मिला। अजय गुप्ता उस दिन से ही ज्यूडिशियल रिमांड पर चल रहा है। जब से एनआईए ने उसकी कस्टडी ली है। इस पर एजेंसी ने कहा कि अजय गुप्ता पेशे से सीए है। वह पाकिस्तान से आने वाली ड्रग रिसीव करता था। वहीं, वह केस के मुख्य आरोपी तारिक लोन के संपर्क में था।