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पंचायती ग्रांट से बनाई कॉलोनाइजर की गली, डायरेक्टर को शिकायत
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लांडरां। गांव गज्जू खेड़ा में पंचायत द्वारा कुछ समय पहले पेवर ब्लॉक से बनाई गली विवादों में घिर गई है। गांव के आधा दर्जन के करीब निवासियों ने पंचायत विभाग के डायरेक्टर को लिखित शिकायत दी है कि गली निजी कॉलोनाइजर द्वारा काटी कॉलोनी में तैयार की गई है। पंचायत विभाग के डायरेक्टर ने विभाग के ज्वाइंट डायरेक्टर संजीव गर्ग को पूरे मामले की जांच करने को दी है।
पूर्व सरपंच अशोक कुमार, राजकुमार, राजेश कुमार, रविंदर कुमार ने शिकायत में बताया कि 31 प्लॉटों वाली उक्त कॉलोनी गांव के बाहर काटी गई है। माल विभाग के रिकार्ड में उक्त जमीन मलकीयत निजी व्यक्तियों के नाम है और पंचायत का उस साथ कोई लेना-देना नहीं है। इसके बावजूद पंचायत ने लाखों रुपये की राशि खर्च करके उक्त कॉलोनी में गली तैयार करवाई है। संबंधित कॉलोनाइजर ने पंचायत के पास कोई फंड भी जमा नहीं करवाया है। गांव के सरपंच रोहित कुमार से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि इस गली पर तीन लाख की राशि खर्च हुई है। इसकी ग्रांट पूर्व कांग्रेस सरकार के समय में मिली थी।
क्या कहते हैं अधिकारी
मामले की मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई है। पंचायती ग्रांट निजी कॉलोनी में तब लग सकती है जब कॉलोनी से संबंधित जगह पंचायत को सुपुर्द की जाए। ऐसा करने से वह पंचायत की प्रॉपर्टी हो जाती है। शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी। -अमनदीप कौर, बीडीपीओ राजपुरा
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पूर्व सरपंच अशोक कुमार, राजकुमार, राजेश कुमार, रविंदर कुमार ने शिकायत में बताया कि 31 प्लॉटों वाली उक्त कॉलोनी गांव के बाहर काटी गई है। माल विभाग के रिकार्ड में उक्त जमीन मलकीयत निजी व्यक्तियों के नाम है और पंचायत का उस साथ कोई लेना-देना नहीं है। इसके बावजूद पंचायत ने लाखों रुपये की राशि खर्च करके उक्त कॉलोनी में गली तैयार करवाई है। संबंधित कॉलोनाइजर ने पंचायत के पास कोई फंड भी जमा नहीं करवाया है। गांव के सरपंच रोहित कुमार से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि इस गली पर तीन लाख की राशि खर्च हुई है। इसकी ग्रांट पूर्व कांग्रेस सरकार के समय में मिली थी।
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क्या कहते हैं अधिकारी
मामले की मेरे पास कोई शिकायत नहीं आई है। पंचायती ग्रांट निजी कॉलोनी में तब लग सकती है जब कॉलोनी से संबंधित जगह पंचायत को सुपुर्द की जाए। ऐसा करने से वह पंचायत की प्रॉपर्टी हो जाती है। शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच की जाएगी। -अमनदीप कौर, बीडीपीओ राजपुरा
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