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कालोनाइजर बाजवा की मुश्किलें बढ़ीं, अब खरड़ पुलिस ने चार दिन का रिमांड लिया
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खरड़। उपभोक्ता फोरम के आदेश पर खरड़ सदर पुलिस की ओर से गिरफ्तार सन्नी एनक्लेव के मालिक कालोनाइजर जरनैल सिंह बाजवा की मुसीबतें अब और बढ़ गई हैं। खरड़ सदर पुलिस स्टेशन में नवंबर, 2019 में एक एनआरआई की ओर से दर्ज एफआईआर पर कार्रवाई करते हुए खरड़ सदर पुलिस ने जरनैल सिंह बाजवा को गिरफ्तार करके खरड़ अदालत में पेश किया।
अदालत ने बाजवा को अगले चार दिन के लिए पुलिस रिमांड में भेजने के आदेश दिए। एनआरआई की ओर से दर्ज एफआईआर के अनुसार बाजवा ने शिकायतकर्ता एनआरआई जसप्रीत सिंह से सन्नी एनक्लेव में एक प्लाट नंबर 815 के बदले में 34 लाख रुपये लिए थे। लेकिन न तो जसप्रीत को प्लाट की रजिस्ट्री करवाई और न ही रकम वापिस लौटाई। इसके बाद में यह प्लाट बाजवा ने किसी दूसरे को बेच दिया था। इस पर जसप्रीत ने ठगी की शिकायत एसएसपी मोहाली को दी थी। एसएसपी ने जांच डीएसपी खरड़-1 से करवाने के बाद डीडीए लीगल की राय पर खरड़ सदर पुलिस को बाजवा के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए थे। खरड़ सदर पुलिस ने एसएसपी के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए जरनैल सिंह बाजवा के खिलाफ केस नंबर 245 दिनांक 2 नवंबर, 2019 को धारा 406/420 के तहत मामला दर्ज किया था। खरड़ के डीएसपी पाल सिंह ने बताया कि ऐसे कई मामले बाजवा के खिलाफ खरड़ के दोनों पुलिस स्टेशनों में दर्ज हैं जिन पर अभी कार्रवाई होनी बाकी है।
पुलिस स्टेशन में वीआईपी सुविधाएं, मिलने आ रहे कालोनाइजर और प्रॉपर्टी डीलर
खरड़ सदर पुलिस जरनैल सिंह बाजवा को लगातार वीआईपी सुविधाएं दे रही है। पिछले 5 दिनों से पुलिस स्टेशन में किसी भी पत्रकार को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। जबकि बाजवा से मिलने वाले अनेक कालोनाइजर और प्रॉपर्टी डीलर बिना रोक टोक धड़ल्ले से अंदर जा रहे हैं। इतना ही नहीं पुलिस बाजवा की गिरफ्तारी के संबंधी कोई भी जानकारी देने से बच रही है। खरड़ सदर पुलिस स्टेशन इंचार्ज सुखबीर सिंह पत्रकारों का फोन नहीं उठा रहे और बाजवा को अपनी निजी कार में कंज्यूमर कोर्ट चंडीगढ़ पेश करने ले गए थे। जबकि वीरवार को तो बाजवा अपनी लग्जरी गाड़ी लैंडक्रूजर में खरड़ अदालत पहुंचे। अदालत में लोगों का ध्यान उनकी ओर न जाए, इसलिए बाजवा के साथ अधिकांश पुलिस मुलाजिम सादे कपड़ों में ही थे। जब पत्रकार डीएसपी खरड़ पाल सिंह के पास पहुंचे तो उन्होंने बाजवा केस में अदालत में हुई कार्यवाही की जानकारी दी।
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अदालत ने बाजवा को अगले चार दिन के लिए पुलिस रिमांड में भेजने के आदेश दिए। एनआरआई की ओर से दर्ज एफआईआर के अनुसार बाजवा ने शिकायतकर्ता एनआरआई जसप्रीत सिंह से सन्नी एनक्लेव में एक प्लाट नंबर 815 के बदले में 34 लाख रुपये लिए थे। लेकिन न तो जसप्रीत को प्लाट की रजिस्ट्री करवाई और न ही रकम वापिस लौटाई। इसके बाद में यह प्लाट बाजवा ने किसी दूसरे को बेच दिया था। इस पर जसप्रीत ने ठगी की शिकायत एसएसपी मोहाली को दी थी। एसएसपी ने जांच डीएसपी खरड़-1 से करवाने के बाद डीडीए लीगल की राय पर खरड़ सदर पुलिस को बाजवा के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए थे। खरड़ सदर पुलिस ने एसएसपी के निर्देश पर कार्रवाई करते हुए जरनैल सिंह बाजवा के खिलाफ केस नंबर 245 दिनांक 2 नवंबर, 2019 को धारा 406/420 के तहत मामला दर्ज किया था। खरड़ के डीएसपी पाल सिंह ने बताया कि ऐसे कई मामले बाजवा के खिलाफ खरड़ के दोनों पुलिस स्टेशनों में दर्ज हैं जिन पर अभी कार्रवाई होनी बाकी है।
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पुलिस स्टेशन में वीआईपी सुविधाएं, मिलने आ रहे कालोनाइजर और प्रॉपर्टी डीलर
खरड़ सदर पुलिस जरनैल सिंह बाजवा को लगातार वीआईपी सुविधाएं दे रही है। पिछले 5 दिनों से पुलिस स्टेशन में किसी भी पत्रकार को अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है। जबकि बाजवा से मिलने वाले अनेक कालोनाइजर और प्रॉपर्टी डीलर बिना रोक टोक धड़ल्ले से अंदर जा रहे हैं। इतना ही नहीं पुलिस बाजवा की गिरफ्तारी के संबंधी कोई भी जानकारी देने से बच रही है। खरड़ सदर पुलिस स्टेशन इंचार्ज सुखबीर सिंह पत्रकारों का फोन नहीं उठा रहे और बाजवा को अपनी निजी कार में कंज्यूमर कोर्ट चंडीगढ़ पेश करने ले गए थे। जबकि वीरवार को तो बाजवा अपनी लग्जरी गाड़ी लैंडक्रूजर में खरड़ अदालत पहुंचे। अदालत में लोगों का ध्यान उनकी ओर न जाए, इसलिए बाजवा के साथ अधिकांश पुलिस मुलाजिम सादे कपड़ों में ही थे। जब पत्रकार डीएसपी खरड़ पाल सिंह के पास पहुंचे तो उन्होंने बाजवा केस में अदालत में हुई कार्यवाही की जानकारी दी।
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