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सीएम के आदेश हवा में, प्रॉपर्टी कारोबारी व प्लॉट धारक हो रहे हैं परेशान

Mon, 06 Jul 2020 01:15 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Mon, 06 Jul 2020 01:15 AM IST
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CM orders are in the air, property traders and plot holders are getting worried
मोहाली। गमाडा के अधीन आने वाले प्लाट धारकों और अन्य प्रापर्टी कारोबारियों को इन दिनों गमाडा के ढीले रवैये से काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री की ओर से जारी किए गए नो कंस्ट्रक्शन चार्जेस भी अभी तक हवा में ही हैं।
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हालात यह हैं कि एक ओर जहां कोरोना काल में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की ओर से एक आर्डर जारी किया गया कि नो-कंस्ट्रक्शन चार्जेस अगले 6 महीनों के लिए एक्सटेंड कर दिए गए हैं। लेकिन यहां आलम यह है कि प्रापर्टी से जुड़े कारोबारियों और आम लोग जब गमाडा में खाली पड़े प्लाटों को बेचने, खरीदने, एनओसी और अन्य जरूरी दस्तावेजों को लेने के लिए पहुंचते हैं तो उनको नो-कंस्ट्रक्शन चार्जेस जमा करवाने के लिए कहा जा रहा है और प्रापर्टी सेल-परचेज के समय यह कह कर चार्जेस लिए जा रहे हैं कि गमाडा के आईटी विभाग की ओर से सिस्टम में इस ऑप्शन को अपडेट नहीं किया गया है। इसलिए नो-कंस्ट्रक्शन चार्जेस जमा करवाने होंगे और बाद में रिफंड के तौर पर दिया जाएगा। लेकिन दूसरी ओर प्रापर्टी कारोबारियों और गमाडा के अस्टेट ऑफिस रोजाना भारी संख्या में आने वाले लोगों का आरोप है कि गमाडा की इस कार्यवाही से उनका काफी आर्थिक नुकसान हो रहा है। क्योंकि पंजाब सरकार की ओर से कोरोना काल में इस तरह की रियायत दी गई थी, जिसे लागू नहीें किया जा रहा है।
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कारोबारियों और आम लोगों का कहना है कि लोगों के पास वैसे ही पैसा नहीं है और हर कारोबारी से लेकर आम लोग भी आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। ऐसे में वह चाह कर भी इतनी मोटी रकम जमा नहीं करवा सकते। इसलिए ऐसे नोटिफिकेशन और सीएम के ऑर्डर को जल्द से जल्द लागू किया जाना चाहिए और इसका लाभ लोगों को मिलना चाहिए।
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मोहाली प्रापर्टी कंसल्टेंट एसोसिएशन के पूर्व प्रधान डीएस बेनिपाल और एमपीसीए के पूर्व सीनियर वाइस प्रेसिडेंट अमित मरवाह का कहना है कि गमाडा को जल्द से जल्द सरकार के आदेशों को लागू करना चाहिए और प्लाट अलॉटियों को एक बड़ी राहत देना चाहिए। उन्होंने बताया कि वर्तमान में हर कोई कोरोना काल में आर्थिक तंगी से बुरी तरह से पीड़ित है। सेक्टर-76 से 80 व अन्य प्लाट अलॉटियों को नो-कंस्ट्रक्शन चार्जेस को लेकर कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं आम लोगों का कहना है कि जब वह गमाडा के उक्त मामले में बात करते हैं तो गमाडा के अकाउंट विभाग के अधिकारी कहते हैं कि आईटी विभाग की ओर से अपडेट नहीं किया गया है। इसलिए चार्जेस देने होंगे। जबकि आईटी विभाग भी तो गमाडा का ही है और इसे गमाडा ने ही लागू करवाना है फिर जानबूझ कर आम लोगों को क्यों लूटा जा रहा है। इतना ही नहीं साफ्टवेयर अपडेट का बहाना बना कर संबंधित फाइलों को क्लीयर नहीं किया जा रहा है।

नो-कंस्ट्रक्शन चार्जेस के मामले में अपनी बात रखते हुए गमाडा के अकाउंट विभाग के अधिकारी सुनील का कहना है कि सरकारी ऑर्डर विभाग के पास हैं। लेकिन आईटी विभाग में साफ्टवेयर अपलोड करने और सिस्टम को चलाने में थोड़ा वक्त लगता है। उन्होंने बताया कि किसी से भी कोई चार्जेस उनकी जानकारी में नहीं लिया जा रहा है और रही बात सिस्टम की तो उन्हें उम्मीद है कि सोमवार से काम करने लगेगा।
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