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Mohali News: कार लालडू में, 900 किमी दूर यूपी में चार बार कटा टोल
Mon, 15 Apr 2024 09:08 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
Updated Mon, 15 Apr 2024 09:08 PM IST
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लालडू में फास्टैग ऑनलाइन ठगी का पहला मामला आया सामने
संवाद न्यूज एजेंसी
लालडू। लालडू में फास्टैग ऑनलाइन ठगी का पहला मामला सामने आया है, जबकि सब डिविजन डेराबस्सी का यह चौथा मामला है। लालड़ू निवासी एक व्यक्ति की कार का 900 किमी दूर उत्तरप्रदेश के विभिन्न टोल प्लाजा पर कट गया, जबकि उनकी कार फैक्टरी परिसर या फिर घर में ही खड़ी थी। टोल कटने के एसएमएस देख माधव दूबे चौक गए। वे चाहकर भी फास्टैग की इस ठगी की असली वजह का पता नहीं लगा पाए हैं। वैसे सब डिवीजन डेराबस्सी से अब तक चार लोग फास्टैग ऑनलाइन ठगी का शिकार हो चुके हैं, जबकि उनकी गाड़ियां बाहर कहीं गई ही नहीं।
नया मामला लालडू की चट्ठा फूड्स कंपनी के मेंटीनेंस हैड माधव जी दूबे का है। उनकी बलेनो कार फैक्टरी से लालड़ू के अलावा कहीं गई ही नहीं, लेकिन उनके फास्टैग वॉलेट से हफ्तेभर में चार बार कुल 385 रुपये का टोल कट गया। यह टोल यूपी में 900 किमी दूर जेवर टोल, मेरठ के निकट रसूलपुर टोल, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे और पानीपत में कटा। माधव ने बताया कि टोल कटने पर सबसे पहले उन्हें टोल के जरिए कार नंबर के गलत इस्तेमाल का डर सताने लगा। चूंकि कार फैक्ट्री व घर में भी सीसीटीवी सर्विलेंस में रहती है, बाद में वे एचडीएफसी बैंक में इसकी शिकायत करने गए तो उन्होंने कहा कि इसका पता लगाना उनका काम नहीं है। फास्टैग बनाने वाली कंपनी के पास गए तो उन्होंने कहा कि बेहतर है पुराने के बजाय नया फास्टैग बनवा लें। विडंबना है कि फास्टैग दोबारा बनवाने पर भी समस्या हल नहीं होती, क्योंकि पुराने फास्टैग को रिचार्ज कोई भी करवा सकता है, जिसमें कार के रजिस्ट्रेशन नंबर का जिक्र है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
लालडू। लालडू में फास्टैग ऑनलाइन ठगी का पहला मामला सामने आया है, जबकि सब डिविजन डेराबस्सी का यह चौथा मामला है। लालड़ू निवासी एक व्यक्ति की कार का 900 किमी दूर उत्तरप्रदेश के विभिन्न टोल प्लाजा पर कट गया, जबकि उनकी कार फैक्टरी परिसर या फिर घर में ही खड़ी थी। टोल कटने के एसएमएस देख माधव दूबे चौक गए। वे चाहकर भी फास्टैग की इस ठगी की असली वजह का पता नहीं लगा पाए हैं। वैसे सब डिवीजन डेराबस्सी से अब तक चार लोग फास्टैग ऑनलाइन ठगी का शिकार हो चुके हैं, जबकि उनकी गाड़ियां बाहर कहीं गई ही नहीं।
नया मामला लालडू की चट्ठा फूड्स कंपनी के मेंटीनेंस हैड माधव जी दूबे का है। उनकी बलेनो कार फैक्टरी से लालड़ू के अलावा कहीं गई ही नहीं, लेकिन उनके फास्टैग वॉलेट से हफ्तेभर में चार बार कुल 385 रुपये का टोल कट गया। यह टोल यूपी में 900 किमी दूर जेवर टोल, मेरठ के निकट रसूलपुर टोल, आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे और पानीपत में कटा। माधव ने बताया कि टोल कटने पर सबसे पहले उन्हें टोल के जरिए कार नंबर के गलत इस्तेमाल का डर सताने लगा। चूंकि कार फैक्ट्री व घर में भी सीसीटीवी सर्विलेंस में रहती है, बाद में वे एचडीएफसी बैंक में इसकी शिकायत करने गए तो उन्होंने कहा कि इसका पता लगाना उनका काम नहीं है। फास्टैग बनाने वाली कंपनी के पास गए तो उन्होंने कहा कि बेहतर है पुराने के बजाय नया फास्टैग बनवा लें। विडंबना है कि फास्टैग दोबारा बनवाने पर भी समस्या हल नहीं होती, क्योंकि पुराने फास्टैग को रिचार्ज कोई भी करवा सकता है, जिसमें कार के रजिस्ट्रेशन नंबर का जिक्र है।
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