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ट्राइसिटी में मशहूर जीबीपी ग्रुप के बिल्डर गायब, सप्ताह भर से दफ्तर नहीं आया स्टाफ
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जीरकपुर। ट्राइसिटी के नामी बिल्डरों में शुमार जीबीपी (गुप्ता बिल्डर्स एंड प्रोमोटर्स) ग्रुप निवेशकों के करोड़ों रुपये लेकर गायब हो गया। स्थानीय लोगों के अलावा एनआरआई ने भी इनके प्रोजेक्ट में अच्छा खासा में निवेश कर रखा था। ग्रुप के तीनों भाई लोगों की मेहनत की कमाई और बैंकों का पैसा ले गए हैं। एक सप्ताह से उनका स्टाफ भी दफ्तर नहीं आ रहा है। इससे लोगों में अपनी कमाई डूबने का डर है।
जीबीपी ग्रुप के मालिक रमन गुप्ता, सतीश गुप्ता व प्रदीप गुप्ता रिश्ते में भाई हैं। यह ग्रुप ट्राइसिटी के टॉप 10 में से दूसरे नंबर पर है। स्थानीय ग्रुप होने के कारण लोगों ने करोड़ों रुपये इनके प्रोजेक्ट में लगाए थे। सप्ताह भर से ग्रुप के मालिक प्रोजेक्ट में नहीं आ रहे थे। देखरेख न होने से वहां घास उगने लगी तो लोगों ने चक्कर लगाने शुरू कर दिए। मालिकों को फोन लगाया तो वह बंद मिले। जीबीपी ग्रुप के दफ्तर के बाहर पहुंचे नीरज भल्ला, उदयराज निवासी हिमाचल प्रदेश, संदीप महाजन, परमिंदर गुलाटी, नितिन बजाज निवासी यमुनानगर, सूरजमुखी शर्मा, रहतमनी सिंह, गुरविंदर सिंह भौगल निवासी पटियाला ने बताया कि वह अपनी मेहनत की कमाई को लेकर चिंतित हैं। पता नहीं, अब उन्हें आशियाना मिलेगा भी या नहीं।
बिल्डरों को गायब हुए तो सप्ताह बीत चुका है लेकिन इसकी भनक लोगों को बुधवार को लगी। यह खबर मिलते ही निवेशकों में हड़कंप मच गया। दफ्तर पहुंचे तो वहां स्टाफ भी नहीं था। शटरिंग ठेकेदार अमरजीत मंगला ने बताया कि मैंने बिल्डर से एक करोड़ रुपये से ज्यादा की पेमेंट लेनी थी। उन्होंने 50 लाख रुपये का एक फ्लैट दे दिया था और करीब 55 लाख रुपये अभी बकाया थे। मंगलवार को मैंने अपनी शटरिंग उतार ली है। पता यह भी चला है कि एयरपोर्ट रोड पर जीबीपी ग्रुप के एक प्रोजेक्ट ऐथन्स का बिजली बिल जमा नहीं होने के कारण पावरकॉम ने बुधवार को कनेक्शन काट दिया।
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लोगों को रिझाने के लिए करते थे बड़ी और महंगी पार्टियां
जीबीपी के मालिक लोगों को रिझाने के लिए महंगे होटलों और रेस्तरां में बड़ी बड़ी पार्टियां करते थे। प्रोजेक्ट में निवेश के लिए स्कीम दी जाती थी। लोगों ने बताया कि बिल्डरों ने उन्हें आलीशान दफ्तर में बुलाकर चकाचौंध में इस तरह फंसाया कि वह अपनी कमाई प्रोजेक्ट में लगा बैठे। अन्य निवेशकों ने बताया कि महंगी पार्टियों में पंजाबी गायकों तक को बुलाया जाता था। इससे लोग उन पर भरोसा कर बैठते थे।
मार्केट में है कनाडा भागने की अफवाह
प्रॉपर्टी से जुड़े मार्केट में जीबीपी ग्रुप के मालिकों की कनाडा भागने की अफवाह है। लोगों का कहना है कि पहले उन्होंने अपना परिवार वहां बसाया और अब वह खुद करोड़ों रुपये लेकर भाग गए। लोगों ने थाने में शिकायत भी दर्ज करवा दी है।
प्रोजेक्ट टेकओवर की बात अफवाह
यह खबर भी फैली कि जीबीपी के सभी प्रोजेक्ट एक कंपनी ने अपने अधीन कर लिए हैं, लेकिन उक्त कंपनी ने सफाई दी कि ऐसा कुछ नहीं है। यह केवल अफवाह फैलाई जा रही है।
शिकायत मिली तो करेंगे कार्रवाई
जीरकपुर थाना प्रभारी एसएचओ ओंकार सिंह बराड़ ने बताया कि उन्हें अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
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जीबीपी ग्रुप के मालिक रमन गुप्ता, सतीश गुप्ता व प्रदीप गुप्ता रिश्ते में भाई हैं। यह ग्रुप ट्राइसिटी के टॉप 10 में से दूसरे नंबर पर है। स्थानीय ग्रुप होने के कारण लोगों ने करोड़ों रुपये इनके प्रोजेक्ट में लगाए थे। सप्ताह भर से ग्रुप के मालिक प्रोजेक्ट में नहीं आ रहे थे। देखरेख न होने से वहां घास उगने लगी तो लोगों ने चक्कर लगाने शुरू कर दिए। मालिकों को फोन लगाया तो वह बंद मिले। जीबीपी ग्रुप के दफ्तर के बाहर पहुंचे नीरज भल्ला, उदयराज निवासी हिमाचल प्रदेश, संदीप महाजन, परमिंदर गुलाटी, नितिन बजाज निवासी यमुनानगर, सूरजमुखी शर्मा, रहतमनी सिंह, गुरविंदर सिंह भौगल निवासी पटियाला ने बताया कि वह अपनी मेहनत की कमाई को लेकर चिंतित हैं। पता नहीं, अब उन्हें आशियाना मिलेगा भी या नहीं।
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बिल्डरों को गायब हुए तो सप्ताह बीत चुका है लेकिन इसकी भनक लोगों को बुधवार को लगी। यह खबर मिलते ही निवेशकों में हड़कंप मच गया। दफ्तर पहुंचे तो वहां स्टाफ भी नहीं था। शटरिंग ठेकेदार अमरजीत मंगला ने बताया कि मैंने बिल्डर से एक करोड़ रुपये से ज्यादा की पेमेंट लेनी थी। उन्होंने 50 लाख रुपये का एक फ्लैट दे दिया था और करीब 55 लाख रुपये अभी बकाया थे। मंगलवार को मैंने अपनी शटरिंग उतार ली है। पता यह भी चला है कि एयरपोर्ट रोड पर जीबीपी ग्रुप के एक प्रोजेक्ट ऐथन्स का बिजली बिल जमा नहीं होने के कारण पावरकॉम ने बुधवार को कनेक्शन काट दिया।
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लोगों को रिझाने के लिए करते थे बड़ी और महंगी पार्टियां
जीबीपी के मालिक लोगों को रिझाने के लिए महंगे होटलों और रेस्तरां में बड़ी बड़ी पार्टियां करते थे। प्रोजेक्ट में निवेश के लिए स्कीम दी जाती थी। लोगों ने बताया कि बिल्डरों ने उन्हें आलीशान दफ्तर में बुलाकर चकाचौंध में इस तरह फंसाया कि वह अपनी कमाई प्रोजेक्ट में लगा बैठे। अन्य निवेशकों ने बताया कि महंगी पार्टियों में पंजाबी गायकों तक को बुलाया जाता था। इससे लोग उन पर भरोसा कर बैठते थे।
मार्केट में है कनाडा भागने की अफवाह
प्रॉपर्टी से जुड़े मार्केट में जीबीपी ग्रुप के मालिकों की कनाडा भागने की अफवाह है। लोगों का कहना है कि पहले उन्होंने अपना परिवार वहां बसाया और अब वह खुद करोड़ों रुपये लेकर भाग गए। लोगों ने थाने में शिकायत भी दर्ज करवा दी है।
प्रोजेक्ट टेकओवर की बात अफवाह
यह खबर भी फैली कि जीबीपी के सभी प्रोजेक्ट एक कंपनी ने अपने अधीन कर लिए हैं, लेकिन उक्त कंपनी ने सफाई दी कि ऐसा कुछ नहीं है। यह केवल अफवाह फैलाई जा रही है।
शिकायत मिली तो करेंगे कार्रवाई
जीरकपुर थाना प्रभारी एसएचओ ओंकार सिंह बराड़ ने बताया कि उन्हें अभी कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी।