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तीन करोड़ रुपये भरने के बाद भी बिल्डर बाजवा को नहीं मिली राहत
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खरड़। जमीन प्लाट और फ्लैट देने का वायदा कर लोगों से मोटी रकम लेने के बाद कई साल तक उन्हें प्लाट और फ्लैट नहीं देने के आरोप में सन्नी एनक्लेव खरड़ के मालिक कालोनाइजर जरनैल सिंह बाजवा को मंगलवार को गिरफ्तार किया गया था।
इस मामले में उन्हें बुधवार को भी उपभोक्ता फोरम से जमानत नहीं मिल पाई। उपभोक्ता फोरम के आदेश पर बाजवा को ट्रांजिट रिमांड पर वापस खरड़ पुलिस की हिरासत में खरड़ भेजा गया है। हालांकि बाजवा ने बुधवार को उपभोक्ता फोरम में चल रहे 18 केसों में अलग-अलग लोगों के दो करोड़ 90 लाख रुपये की रकम के ड्राफ्ट जमा करवाए। लेकिन उपभोक्ता फोरम ने कहा कि बाजवा को इन केसों में तभी जमानत पर रिहा किया जा सकता है, जब वह 10 लाख रुपये से नीचे के केसों में सभी शिकायतकर्ताओं की पूरी रकम वापिस करे और 10 लाख रुपये से ऊपर के केसों में शिकायतकर्ताओं की 50 फीसदी रकम वापिस लौटाए।
गौरतलब है कि पंजाब कमीशन की चंडीगढ़ स्थित उपभोक्ता फोरम में जरनैल सिंह बाजवा के खिलाफ 58 केस चल रहे हैं। लोगों से प्रॉपर्टी के नाम पर भारी भरकम रकम लेने के इन सभी मामलों में बाजवा के खिलाफ ऑर्डर पहले ही हो चुके हैं। पैसे न लौटाने और अदालत में पेश न होने के कारण कोर्ट ने बाजवा को गिरफ्तार करने के अरेस्ट वारंट काफी समय से किए हुए थे। लेकिन अपने प्रभाव के कारण बाजवा अपनी गिरफ्तारी से लगातार बच रहा था।
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अदालत में पिछली तारीख पर जज ने आदेश दिए थे कि अगली तारीख तक अगर बाजवा को गिरफ्तार कर अदालत में पेश नहीं किया तो वह इस मामले को सीबीआई के लिए रैफर कर देंगे। अदालत से मिली फटकार के बाद खरड़ सदर पुलिस ने मंगलवार को जरनैल सिंह बाजवा को उसके दफ्तर से गिरफ्तार कर लिया। कंज्यूमर कोर्ट के अलावा बाजवा के खिलाफ चंडीगढ़ जिला अदालत, मोहाली जिला अदालत और खरड़ अदालत में सैकड़ों चेक बाउंस के केस चल रहे हैं।
इन केसों में भी अदालतों ने जरनैल सिंह बाजवा को भगौड़ा घोषित किया हुआ है, लेकिन पुलिस जानबूझकर बाजवा को गिरफ्तार करने से बच रही थी। बाजवा के वकील दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि जरनैल सिंह बाजवा ने बुधवार को 58 केसों में 10 लाख रुपये से नीचे की देनदारी के केसों में 11 शिकायतकर्ताओं के पूरे भुगतान कर दिए। 19 केसों में 10 लाख से ज्यादा रकम वाले शिकायतकर्ताओं को 50 फीसदी की रकम अदालत के आदेशों के अनुसार दे दी गई, लेकिन बाकी बचे केसों के शिकायतकर्ताओं को रकम लौटाने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। लेकिन जज ने उनकी इस अपील को स्वीकार न करते हुए, जमानत देने से मना कर दिया और कहा कि शिकायतकर्ताओं की रकम लौटाने पर ही जमानत देने पर विचार किया जा सकता है।
वहीं बाजवा के वकील ने बताया कि वह जल्दी ही लोगों की रकम लौटाने के लिए प्रयासरत हैं। जरनैल सिंह बाजवा ने पिछले तीन साल में लोगों के करोड़ों रुपये वापिस लौटाए हैं। कोरोना महामारी के चलते रियल इस्टेट का बिजनेस बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस कारण बाजवा की आर्थिक स्थिति खराब होने से वह पिछले कुछ महीनों से रकम नहीं लौटा पाए। शिकायतकर्ताओं की रकम न लौटाने तक जरनैल सिंह बाजवा को कुछ दिन अभी और पुलिस हिरासत में ही गुजारने पडेंगे।
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इस मामले में उन्हें बुधवार को भी उपभोक्ता फोरम से जमानत नहीं मिल पाई। उपभोक्ता फोरम के आदेश पर बाजवा को ट्रांजिट रिमांड पर वापस खरड़ पुलिस की हिरासत में खरड़ भेजा गया है। हालांकि बाजवा ने बुधवार को उपभोक्ता फोरम में चल रहे 18 केसों में अलग-अलग लोगों के दो करोड़ 90 लाख रुपये की रकम के ड्राफ्ट जमा करवाए। लेकिन उपभोक्ता फोरम ने कहा कि बाजवा को इन केसों में तभी जमानत पर रिहा किया जा सकता है, जब वह 10 लाख रुपये से नीचे के केसों में सभी शिकायतकर्ताओं की पूरी रकम वापिस करे और 10 लाख रुपये से ऊपर के केसों में शिकायतकर्ताओं की 50 फीसदी रकम वापिस लौटाए।
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गौरतलब है कि पंजाब कमीशन की चंडीगढ़ स्थित उपभोक्ता फोरम में जरनैल सिंह बाजवा के खिलाफ 58 केस चल रहे हैं। लोगों से प्रॉपर्टी के नाम पर भारी भरकम रकम लेने के इन सभी मामलों में बाजवा के खिलाफ ऑर्डर पहले ही हो चुके हैं। पैसे न लौटाने और अदालत में पेश न होने के कारण कोर्ट ने बाजवा को गिरफ्तार करने के अरेस्ट वारंट काफी समय से किए हुए थे। लेकिन अपने प्रभाव के कारण बाजवा अपनी गिरफ्तारी से लगातार बच रहा था।
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अदालत में पिछली तारीख पर जज ने आदेश दिए थे कि अगली तारीख तक अगर बाजवा को गिरफ्तार कर अदालत में पेश नहीं किया तो वह इस मामले को सीबीआई के लिए रैफर कर देंगे। अदालत से मिली फटकार के बाद खरड़ सदर पुलिस ने मंगलवार को जरनैल सिंह बाजवा को उसके दफ्तर से गिरफ्तार कर लिया। कंज्यूमर कोर्ट के अलावा बाजवा के खिलाफ चंडीगढ़ जिला अदालत, मोहाली जिला अदालत और खरड़ अदालत में सैकड़ों चेक बाउंस के केस चल रहे हैं।
इन केसों में भी अदालतों ने जरनैल सिंह बाजवा को भगौड़ा घोषित किया हुआ है, लेकिन पुलिस जानबूझकर बाजवा को गिरफ्तार करने से बच रही थी। बाजवा के वकील दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि जरनैल सिंह बाजवा ने बुधवार को 58 केसों में 10 लाख रुपये से नीचे की देनदारी के केसों में 11 शिकायतकर्ताओं के पूरे भुगतान कर दिए। 19 केसों में 10 लाख से ज्यादा रकम वाले शिकायतकर्ताओं को 50 फीसदी की रकम अदालत के आदेशों के अनुसार दे दी गई, लेकिन बाकी बचे केसों के शिकायतकर्ताओं को रकम लौटाने के लिए एक सप्ताह का समय मांगा। लेकिन जज ने उनकी इस अपील को स्वीकार न करते हुए, जमानत देने से मना कर दिया और कहा कि शिकायतकर्ताओं की रकम लौटाने पर ही जमानत देने पर विचार किया जा सकता है।
वहीं बाजवा के वकील ने बताया कि वह जल्दी ही लोगों की रकम लौटाने के लिए प्रयासरत हैं। जरनैल सिंह बाजवा ने पिछले तीन साल में लोगों के करोड़ों रुपये वापिस लौटाए हैं। कोरोना महामारी के चलते रियल इस्टेट का बिजनेस बुरी तरह प्रभावित हुआ है। इस कारण बाजवा की आर्थिक स्थिति खराब होने से वह पिछले कुछ महीनों से रकम नहीं लौटा पाए। शिकायतकर्ताओं की रकम न लौटाने तक जरनैल सिंह बाजवा को कुछ दिन अभी और पुलिस हिरासत में ही गुजारने पडेंगे।