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Mohali News: ऑनलाइन निवेश के नाम पर बैंक अधिकारी से 6.93 लाख रुपये की साइबर ठगी
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मोहाली। खरड़ के सन्नी एन्क्लेव निवासी एक बैंक अधिकारी से ऑनलाइन निवेश के नाम पर 6.93 लाख रुपये की साइबर ठगी हुई है। ठगों ने फिनसोल नामक कथित कंपनी में दोगुना मुनाफा देने का झांसा दिया। पीड़िता को पहले छोटी रकम का मुनाफा लौटाकर विश्वास में लिया गया था।
जसविंदर कौर मोहाली के यस बैंक में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 18 जून 2026 को उनकी ननद सारिका अरोड़ा ने उन्हें फिनसोल कंपनी के बारे में बताया था। ननद ने कंपनी में अच्छे मुनाफे की जानकारी दी थी। इसके बाद जसविंदर ने कंपनी की वेबसाइट पर केवाईसी प्रक्रिया पूरी की। उन्हें एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया। इस दौरान उन्हें एक नंबर से वॉट्सऐप कॉल आती थी और निवेश के लिए कहा जाता था। शुरुआत में उन्होंने 18 जून को 10 हजार रुपये निवेश किए, जिसके बदले उन्हें करीब 10,200 रुपये वापस मिले। अगले दिन 15 हजार रुपये निवेश करने पर पूरी रकम वापस मिल गई। इससे उन्हें कंपनी पर भरोसा हो गया।
ठगी का तरीका
2 जुलाई को जसविंदर ने फिर 15 हजार रुपये निवेश किए। जब उन्होंने रकम निकालने की कोशिश की, तो आरोपियों ने 7 लाख रुपये के निवेश पर 14 लाख रुपये वापस मिलने का लालच दिया। मुनाफे के लालच में आकर जसविंदर ने 5 जुलाई को 6.78 लाख रुपये विभिन्न खातों में जमा कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने उनसे संपर्क बंद कर दिया। उन्हें वॉट्सऐप ग्रुप से भी हटा दिया गया।
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पुलिस जांच जारी
ठगी का शक होने पर जसविंदर ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपियों ने उनसे अलग-अलग खातों में कुल 6.93 लाख रुपये जमा करवाकर ठगी की है। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर जगजीत सिंह नागपाल ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 61(2) और आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और लेनदेन की जानकारी जुटा रही है। जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
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जसविंदर कौर मोहाली के यस बैंक में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 18 जून 2026 को उनकी ननद सारिका अरोड़ा ने उन्हें फिनसोल कंपनी के बारे में बताया था। ननद ने कंपनी में अच्छे मुनाफे की जानकारी दी थी। इसके बाद जसविंदर ने कंपनी की वेबसाइट पर केवाईसी प्रक्रिया पूरी की। उन्हें एक वॉट्सऐप ग्रुप में जोड़ा गया। इस दौरान उन्हें एक नंबर से वॉट्सऐप कॉल आती थी और निवेश के लिए कहा जाता था। शुरुआत में उन्होंने 18 जून को 10 हजार रुपये निवेश किए, जिसके बदले उन्हें करीब 10,200 रुपये वापस मिले। अगले दिन 15 हजार रुपये निवेश करने पर पूरी रकम वापस मिल गई। इससे उन्हें कंपनी पर भरोसा हो गया।
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ठगी का तरीका
2 जुलाई को जसविंदर ने फिर 15 हजार रुपये निवेश किए। जब उन्होंने रकम निकालने की कोशिश की, तो आरोपियों ने 7 लाख रुपये के निवेश पर 14 लाख रुपये वापस मिलने का लालच दिया। मुनाफे के लालच में आकर जसविंदर ने 5 जुलाई को 6.78 लाख रुपये विभिन्न खातों में जमा कर दिए। इसके बाद आरोपियों ने उनसे संपर्क बंद कर दिया। उन्हें वॉट्सऐप ग्रुप से भी हटा दिया गया।
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पुलिस जांच जारी
ठगी का शक होने पर जसविंदर ने साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता के मुताबिक, आरोपियों ने उनसे अलग-अलग खातों में कुल 6.93 लाख रुपये जमा करवाकर ठगी की है। जांच अधिकारी इंस्पेक्टर जगजीत सिंह नागपाल ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 318(4), 61(2) और आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और लेनदेन की जानकारी जुटा रही है। जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।