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सर्दी और धुंध में हादसों को न्योता दे रहे बालमखीरे
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हादसों को न्योता दे रहे बालमखीरे।
- फोटो : MOHALI
मोहाली। एक तरफ जहां सर्दी और धुंध का मौसम शुरू हो गया है, वहीं शहर की सड़कों पर लगे बालमखीरे हादसों को न्योता दे रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि इस तरफ न तो नगर निगम ध्यान दे रहा है और न ही किसी अन्य विभाग के अधिकारियों की इस पर नजर पड़ रही है।
मोहाली शहर में जो दुर्घटना संभावित क्षेत्र हैं, उन सड़कों पर भी बालमखीरे के पेड़ लगे हुए हैं। इस मामले में समाजसेवी व गमाडा के सेवा निवृत्त एक्सईएन एनएस कलसी का कहना है कि यह एक गंभीर विषय है। वह इस मामले को हर बार उठाते हैं। उनकी प्रशासन व नगर निगम के अधिकारियों से अपील है कि कम से एक हफ्ता लगाकर इन बालमखीरों को हटाया जाए, ताकि लोगों को परेशान न होना पड़े।
दो से पांच किलो का होता है बालमखीरा
शहर की प्रमुख सड़कों पीटीएल चौक से फेज-सात, मोहाली गांव से लेकर फेज-तीन ए एसएसपी निवास रोड, एसएसपी निवास से मटौर रोड पर यह समस्या काफी अधिक है। एक बालमखीरे का वजन से दो पांच किलो तक का होता है। जब यह तेज रफ्तार वाहन पर गिरता है तो काफी ज्यादा नुकसान होता है। जिक्रयोग है कि कुछ साल पहले फेज-तीन ए में एक्टिवा सवार पर अचानक बालमखीरा गिर गया था, जिसके बाद एक्टिवा सवार के सड़क पर गिरने की वजह से मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके अलावा शॉपिंग स्ट्रीट पर कई बार लोग बालमखीरों की वजह से हादसों का शिकार होते रहे हैं। पूर्व पार्षद अशोक झा का कहना है कि अब देखरेख व अन्य काम नगर निगम के अधीन आ गया है। ऐसे में निगम को इस काम को पहल के आधार पर करना चाहिए।
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कुछ साल पहले छात्राओं ने खोली थी अधिकारियों की आंखें
जानकारी के मुताबिक कुछ साल पहले जब यह सारा काम गमाडा के पास था। उस समय भी इस समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा था। इसके बाद एक निजी स्कूल की छात्राओं ने अपने जेब खर्च से पैसे जुटाकर जेसीबी मशीन बुलाकर अधिकारियों की आंखें खोली थीं। इसके बाद सारे इलाके में लगे बालमीखीरों को तुड़वाया गया था।
सीएम को लिखा पत्र, सड़कों को सुधारो
इसी मामले में समाजसेवी संजय वालिया ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। इसमें मांग की है कि शहर की सड़कों में रोड सेफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाए। एयरपोर्ट रोड पर हादसे रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। इसके अलावा अंदरूनी सड़कों की हालत सुधारने, पेड़ों की प्रूनिंग और बालमखीरे तुड़वाने की मांग रखी है।
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मोहाली शहर में जो दुर्घटना संभावित क्षेत्र हैं, उन सड़कों पर भी बालमखीरे के पेड़ लगे हुए हैं। इस मामले में समाजसेवी व गमाडा के सेवा निवृत्त एक्सईएन एनएस कलसी का कहना है कि यह एक गंभीर विषय है। वह इस मामले को हर बार उठाते हैं। उनकी प्रशासन व नगर निगम के अधिकारियों से अपील है कि कम से एक हफ्ता लगाकर इन बालमखीरों को हटाया जाए, ताकि लोगों को परेशान न होना पड़े।
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दो से पांच किलो का होता है बालमखीरा
शहर की प्रमुख सड़कों पीटीएल चौक से फेज-सात, मोहाली गांव से लेकर फेज-तीन ए एसएसपी निवास रोड, एसएसपी निवास से मटौर रोड पर यह समस्या काफी अधिक है। एक बालमखीरे का वजन से दो पांच किलो तक का होता है। जब यह तेज रफ्तार वाहन पर गिरता है तो काफी ज्यादा नुकसान होता है। जिक्रयोग है कि कुछ साल पहले फेज-तीन ए में एक्टिवा सवार पर अचानक बालमखीरा गिर गया था, जिसके बाद एक्टिवा सवार के सड़क पर गिरने की वजह से मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके अलावा शॉपिंग स्ट्रीट पर कई बार लोग बालमखीरों की वजह से हादसों का शिकार होते रहे हैं। पूर्व पार्षद अशोक झा का कहना है कि अब देखरेख व अन्य काम नगर निगम के अधीन आ गया है। ऐसे में निगम को इस काम को पहल के आधार पर करना चाहिए।
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कुछ साल पहले छात्राओं ने खोली थी अधिकारियों की आंखें
जानकारी के मुताबिक कुछ साल पहले जब यह सारा काम गमाडा के पास था। उस समय भी इस समस्या की तरफ कोई ध्यान नहीं दे रहा था। इसके बाद एक निजी स्कूल की छात्राओं ने अपने जेब खर्च से पैसे जुटाकर जेसीबी मशीन बुलाकर अधिकारियों की आंखें खोली थीं। इसके बाद सारे इलाके में लगे बालमीखीरों को तुड़वाया गया था।
सीएम को लिखा पत्र, सड़कों को सुधारो
इसी मामले में समाजसेवी संजय वालिया ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है। इसमें मांग की है कि शहर की सड़कों में रोड सेफ्टी इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित किया जाए। एयरपोर्ट रोड पर हादसे रोकने के लिए उचित कदम उठाए जाएं। इसके अलावा अंदरूनी सड़कों की हालत सुधारने, पेड़ों की प्रूनिंग और बालमखीरे तुड़वाने की मांग रखी है।