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Mohali News: विधानसभा कमेटी ने जीरकपुर में हुए अवैध निर्माणों की मांगी जानकारी, 21 दिन का दिया समय रिपोर्ट न देने पर अधिकारियों खिलाफ कमेटी करेगी कार्रवाई, नगर परिषद के दफ्तर में हुई बैठक में शामिल हुए पांच विधायक
Sat, 14 Sep 2024 05:24 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
Updated Sat, 14 Sep 2024 05:24 AM IST
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लगातार एक ही ठेकेदारों को काम दिए जाने की भी होगी जांच
संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। विधानसभा कमेटी ने नगर परिषद दफ्तर में विशेष मीटिंग की गई। इसमें नगर परिषद की समस्याओं पर चर्चा की गई। विधायक गुरप्रीत सिंह गोगी ने बतौर चेयरमैन बैठक की अध्यक्षता की। मीटिंग में उनके साथ पांच विधायक तरनप्रीत सिंह सोंध, जीवनजोत कौर, नीना मित्तल, पप्पी पराशर और कुलजीत रंधावा मौजूद रहे। मीटिंग में जीरकपुर में बीते तीन वर्षों के दौरान हुए विकास कार्यों, योजनाओं और समस्याओं की समीक्षा की गई। इस दौरान चेयरमैन गोगी ने अधिकारियों से 21 दिन में सभी पेंडिंग कार्यों व अवैध निर्माण की रिपोर्ट मांगी, साथ ही चेतावनी दी कि यदि 21 दिन में रिपोर्ट नहीं दी तो इसके लिए अधिकारी जिम्मेदार होंगे। जिनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ पुराने ठेकेदारों के खिलाफ जांच के आदेश भी दिए गए। मीटिंग में आप की सरकार के तीन वर्षों के कार्यकाल में नगर परिषद से इकट्ठे हुए टैक्स की जानकरी ली गई और पूछा गया कि यह टैक्स कहां कहां लगाया गया है। इसके अलावा शहर में चल रहे कार्यों की जानकारी, मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी ली गई। वहीं अवैध निर्माण के खिलाफ तीखा रुख अपनाते हुए चेयरमैन गोगी ने कहा कि जितने भी अवैध निर्माण हो रहे हैं या हो चुके हैं, उनकी जानकारी सबूतों सहित 21 दिन में भेजी जाए। असके अलावा शहर में चल रहे विकास कार्यों में हो रही देरी व कब तक पूरे होने पर विचार विमर्श किया गया। शहर में बरसाती पानी की निकासी, जाम की समस्या, कूड़े के निपटारे, सीवरेज की समस्या, पीने वाले पानी की समस्या, लावारिस मवेशियों, अवैध सीवरेज कनेक्शनों की जांच, घरों के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार, पेयजल समस्या, सड़कों के सुधार से लेकर अन्य की तरह विशेष ध्यान देते हुए उनका जल्द से जल्द समाधान करने के आदेश दिए गए।
बॉक्स
बिना ठेका बदले काम कर रहे ठेकेदारों की जांच के दिए आदेश
मीटिंग में पुराने समय से लगातार बिना ठेकेदार बदले काम करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ जांच के आदेश भी दिए गए। मीटिंग के दौरान अधिकारियों से पूछा गया कि लगातार एक ही ठेकेदार को काम क्यों दिया जा रहा है। खासकर वाटर सप्लाई व सीवरेज की सफाई का ठेका पिछले कई वर्षों से एक ही व्यक्ति के पास है, क्या उसके खिलाफ अभी तक कोई शिकायत नहीं आई या अधिकारी इसे छुपा रहे हैं। पूरी जांच से लेकर कार्रवाई करने तक की रिपोर्ट 21 दिन में तलब की गई है। मीटिंग में कहा गया कि शहर के जल आपूर्ति व सीवरेज की सफाई का ठेका एक ही व्यक्ति को देना भ्रष्टाचार की तरफ इशारा करता है। साथ ही टाइल्स लगाने वाले ठेकेदारों की ओर से सरकार को लगाए जा रहे करोड़ों के चपत की जांच के आदेश दिए हैं। मीटिंग में कमेटी ने फैसला लिया कि टैक्स के रूप में इकट्ठा हुआ जनता का पैसा किसी की जेब में जाने के बजाय विकास कार्य पर ही खर्च किया जाना चाहिए। चेयरमैन गोगी ने मीटिंग में मौजूद अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि कोई अधिकारी गलत काम करता पकड़ा गया तो जिम्मेदारी उसकी खुद की होगी, हमारी सरकार की तरह से मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। विधानसभा कमेटी ने नगर परिषद दफ्तर में विशेष मीटिंग की गई। इसमें नगर परिषद की समस्याओं पर चर्चा की गई। विधायक गुरप्रीत सिंह गोगी ने बतौर चेयरमैन बैठक की अध्यक्षता की। मीटिंग में उनके साथ पांच विधायक तरनप्रीत सिंह सोंध, जीवनजोत कौर, नीना मित्तल, पप्पी पराशर और कुलजीत रंधावा मौजूद रहे। मीटिंग में जीरकपुर में बीते तीन वर्षों के दौरान हुए विकास कार्यों, योजनाओं और समस्याओं की समीक्षा की गई। इस दौरान चेयरमैन गोगी ने अधिकारियों से 21 दिन में सभी पेंडिंग कार्यों व अवैध निर्माण की रिपोर्ट मांगी, साथ ही चेतावनी दी कि यदि 21 दिन में रिपोर्ट नहीं दी तो इसके लिए अधिकारी जिम्मेदार होंगे। जिनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। दूसरी तरफ पुराने ठेकेदारों के खिलाफ जांच के आदेश भी दिए गए। मीटिंग में आप की सरकार के तीन वर्षों के कार्यकाल में नगर परिषद से इकट्ठे हुए टैक्स की जानकरी ली गई और पूछा गया कि यह टैक्स कहां कहां लगाया गया है। इसके अलावा शहर में चल रहे कार्यों की जानकारी, मौजूदा स्थिति के बारे में जानकारी ली गई। वहीं अवैध निर्माण के खिलाफ तीखा रुख अपनाते हुए चेयरमैन गोगी ने कहा कि जितने भी अवैध निर्माण हो रहे हैं या हो चुके हैं, उनकी जानकारी सबूतों सहित 21 दिन में भेजी जाए। असके अलावा शहर में चल रहे विकास कार्यों में हो रही देरी व कब तक पूरे होने पर विचार विमर्श किया गया। शहर में बरसाती पानी की निकासी, जाम की समस्या, कूड़े के निपटारे, सीवरेज की समस्या, पीने वाले पानी की समस्या, लावारिस मवेशियों, अवैध सीवरेज कनेक्शनों की जांच, घरों के ऊपर से गुजर रहे बिजली के तार, पेयजल समस्या, सड़कों के सुधार से लेकर अन्य की तरह विशेष ध्यान देते हुए उनका जल्द से जल्द समाधान करने के आदेश दिए गए।
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बिना ठेका बदले काम कर रहे ठेकेदारों की जांच के दिए आदेश
मीटिंग में पुराने समय से लगातार बिना ठेकेदार बदले काम करने वाले ठेकेदारों के खिलाफ जांच के आदेश भी दिए गए। मीटिंग के दौरान अधिकारियों से पूछा गया कि लगातार एक ही ठेकेदार को काम क्यों दिया जा रहा है। खासकर वाटर सप्लाई व सीवरेज की सफाई का ठेका पिछले कई वर्षों से एक ही व्यक्ति के पास है, क्या उसके खिलाफ अभी तक कोई शिकायत नहीं आई या अधिकारी इसे छुपा रहे हैं। पूरी जांच से लेकर कार्रवाई करने तक की रिपोर्ट 21 दिन में तलब की गई है। मीटिंग में कहा गया कि शहर के जल आपूर्ति व सीवरेज की सफाई का ठेका एक ही व्यक्ति को देना भ्रष्टाचार की तरफ इशारा करता है। साथ ही टाइल्स लगाने वाले ठेकेदारों की ओर से सरकार को लगाए जा रहे करोड़ों के चपत की जांच के आदेश दिए हैं। मीटिंग में कमेटी ने फैसला लिया कि टैक्स के रूप में इकट्ठा हुआ जनता का पैसा किसी की जेब में जाने के बजाय विकास कार्य पर ही खर्च किया जाना चाहिए। चेयरमैन गोगी ने मीटिंग में मौजूद अधिकारियों को चेतावनी दी कि यदि कोई अधिकारी गलत काम करता पकड़ा गया तो जिम्मेदारी उसकी खुद की होगी, हमारी सरकार की तरह से मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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