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Mohali News: मांगों के लिए एंबुलेंसकर्मी हड़ताल पर, मरीज होते रहे परेशान
Thu, 18 May 2023 02:13 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
संवाद न्यूज एजेंसी, मोहाली
Updated Thu, 18 May 2023 02:13 AM IST
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108 एंबुलेंस कर्मचारियों ने सरकार को कोसा- वेतन कम मिल रहा, डीसी रेट दिया जाए
संवाद न्यूज एजेंसी
जीरकपुर। 108 एंबुलेंस कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। बुधवार को मोतिया रॉयल सिटी दफ्तर के बाहर 108 इंप्लाइज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पंजाब सरकार और 108 एंबुलेंस चलाने वाली कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की।
पंजाब 108 इंप्लाइज यूनियन के पंजाब प्रधान मनप्रीत सिंह निज्जर और मनदीप ने कहा कि यूनियन मांगें माने जाने तक अपना संघर्ष जारी रखेगी। अपनी मांगों को लेकर यूनियन के प्रधान मनप्रीत सिंह निज्जर और उनके साथी जसकरन सिंह आईजी इंटेलिजेंस से मिले और मुख्यमंत्री के साथ उनकी मुलाकात करवाकर उनकी मांगे जल्द पूरा करने की बात कही। इस दौरान पंजाब प्रधान मनप्रीत निज्जर ने बताया कि अगर उनकी मांगें पूरी न की गई तो राज्य भर में करीब 14,500 कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे और इससे लोगों को होने वाली परेशानी की जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी। इसकी जिम्मेदारी सरकार और कंपनी की होगी।
छोटी गलती पर तबादला गलत : एंबुलेंस यूनियन
एबुलेंस यूनियन के कर्मचारियों ने कंपनी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि कंपनी के अधिकारी उन्हें आर्थिक और मानसिक तौर पर परेशान कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा की अगर किसी कर्मचारी से छोटी-मोटी गलती होती है तो कंपनी उनके साथ धक्का करती है और उनकी बदली 200-300 किलोमीटर दूर कर दी जाती है। 10-12 साल से एक ही कंपनी के पास इसका ठेका है और वह अब मनमानी कर रही है। उसे उन्होंने पंजाब से सरकार से बदलने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने मांग की है कि जिन मुलाजिमों को बिना वजह कंपनी से निकाला गया है, उन्हें जल्द से जल्द बहाल किया जाए।
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ये हैं एंबुलेंस कर्मियों की मांगें
- सभी 108 एंबुलेंस को सरकार अपने अधीन करे।
-निकाले गए कर्मचारियों को बिना शर्त बहाल किया जाए।
-हरियाणा की तर्ज पर 35 से 40 हजार रुपये वेतन मिले।
-सभी कर्मचारियों का 50 लाख रुपये का बीमा किया जाए।
-12 घंटे के बजाय ड्यूटी के 8 घंटे तय किए जाएं, या फिर ओवर टाइम के पैसे दिए जाएं।
कोट्स
यूनियन के कर्मचारियों की सबसे पहली मांग थी कि सरकार उन्हें पक्का करे। इसमें कुछ भी नहीं कर सकते। इसे लेकर वह पहले से सरकार के संपर्क में हैं। बाकी जो मांगें उनकी थीं, उनका डिमांड नोटिस हमारे पास आज आ गया है। उसके लिए सभी कर्मचारियों से 10 दिन का समय मांगा है। उनकी मांगों पर विचार करके इनमें से जायज मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश की जाएगी। -संजीव बत्रा, प्रोजेक्ट हेड, 108 एबुलेंस, पंजाब
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जीरकपुर। 108 एंबुलेंस कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर चले गए हैं। बुधवार को मोतिया रॉयल सिटी दफ्तर के बाहर 108 इंप्लाइज एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने पंजाब सरकार और 108 एंबुलेंस चलाने वाली कंपनी के खिलाफ नारेबाजी की।
पंजाब 108 इंप्लाइज यूनियन के पंजाब प्रधान मनप्रीत सिंह निज्जर और मनदीप ने कहा कि यूनियन मांगें माने जाने तक अपना संघर्ष जारी रखेगी। अपनी मांगों को लेकर यूनियन के प्रधान मनप्रीत सिंह निज्जर और उनके साथी जसकरन सिंह आईजी इंटेलिजेंस से मिले और मुख्यमंत्री के साथ उनकी मुलाकात करवाकर उनकी मांगे जल्द पूरा करने की बात कही। इस दौरान पंजाब प्रधान मनप्रीत निज्जर ने बताया कि अगर उनकी मांगें पूरी न की गई तो राज्य भर में करीब 14,500 कर्मचारी हड़ताल पर रहेंगे और इससे लोगों को होने वाली परेशानी की जिम्मेदारी पंजाब सरकार की होगी। इसकी जिम्मेदारी सरकार और कंपनी की होगी।
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छोटी गलती पर तबादला गलत : एंबुलेंस यूनियन
एबुलेंस यूनियन के कर्मचारियों ने कंपनी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि कंपनी के अधिकारी उन्हें आर्थिक और मानसिक तौर पर परेशान कर रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा की अगर किसी कर्मचारी से छोटी-मोटी गलती होती है तो कंपनी उनके साथ धक्का करती है और उनकी बदली 200-300 किलोमीटर दूर कर दी जाती है। 10-12 साल से एक ही कंपनी के पास इसका ठेका है और वह अब मनमानी कर रही है। उसे उन्होंने पंजाब से सरकार से बदलने की मांग की है। इसके अलावा उन्होंने मांग की है कि जिन मुलाजिमों को बिना वजह कंपनी से निकाला गया है, उन्हें जल्द से जल्द बहाल किया जाए।
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ये हैं एंबुलेंस कर्मियों की मांगें
- सभी 108 एंबुलेंस को सरकार अपने अधीन करे।
-निकाले गए कर्मचारियों को बिना शर्त बहाल किया जाए।
-हरियाणा की तर्ज पर 35 से 40 हजार रुपये वेतन मिले।
-सभी कर्मचारियों का 50 लाख रुपये का बीमा किया जाए।
-12 घंटे के बजाय ड्यूटी के 8 घंटे तय किए जाएं, या फिर ओवर टाइम के पैसे दिए जाएं।
कोट्स
यूनियन के कर्मचारियों की सबसे पहली मांग थी कि सरकार उन्हें पक्का करे। इसमें कुछ भी नहीं कर सकते। इसे लेकर वह पहले से सरकार के संपर्क में हैं। बाकी जो मांगें उनकी थीं, उनका डिमांड नोटिस हमारे पास आज आ गया है। उसके लिए सभी कर्मचारियों से 10 दिन का समय मांगा है। उनकी मांगों पर विचार करके इनमें से जायज मांगों को जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश की जाएगी। -संजीव बत्रा, प्रोजेक्ट हेड, 108 एबुलेंस, पंजाब