Mohali Murder: मरने तक बलविंदर पर वार करता रहा था सुखचैन... किसी ने मदद का हाथ तक नहीं बढ़ाया
बलजिंदर कौर के हत्यारे सुखचैन को पुलिस शनिवार दोपहर इलाज के लिए सिविल अस्पताल लेकर पहुंची तो भीड़ उग्र हो गई। गुस्साए लोग पुलिस से आरोपी को उनके हवाले करने की मांग करने लगे। लोगों ने कहा कि हमें इंसाफ चाहिए। हत्यारे को हमारे हवाले किया जाए, हम खुद हिसाब करेंगे।
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सिरफिरा सुखचैन बीच सड़क बेखौफ होकर बलजिंदर कौर पर तलवार से ताबड़तोड़ वार करता रहा लेकिन किसी ने उसे रोकने की कोशिश नहीं की। कुछ लोग तो वारदात की वीडियो बना रहे थे। जान बचाने के लिए सुखचैन सड़क की ओर भागी, सामने से आ रही एक गाड़ी से टकराई मगर गाड़ी चालक और उसमें सवार लोग मदद के लिए नहीं उतरे। एक स्कूटर सवार रुका और आगे बढ़ने की कोशिश की लेकिन वह भी हिम्मत नहीं जुटा सका।
पुलिस ने भी पहुंचने में देर की।सुखचैन सिंह हत्या की नीयत से पूरी तैयारी के साथ समराला से मोहाली आया था। बैग में उसने तलवार छुपा रखी थी। उसे यह भी पता था कि फेज-5 में रोजाना बलजिंदर बस से कहां और कब उतरती है। शनिवार सुबह बलजिंदर के बस से उतरकर ऑफिस जाते समय घात लगाकर पेड़ के नीचे खड़े सुखचैन ने बैग से तलवार निकालकर हमला बोल दिया और उसे मौत के घाट उतार दिया।
बताया जा रहा है कि बलजिंदर कौर और सुखचैन सिंह तीन साल से एक दूसरे के संपर्क में थे। दोनों एक दूसरे को अच्छे से जानते थे। सुखचैन ने बलजिंदर के सामने शादी का प्रस्ताव रखा था लेकिन बलजिंदर ने शादी से इंकार कर दिया था। सुखचैन अपने रिश्ते को लेकर काफी गंभीर था और बार-बार बलजिंदर पर शादी के लिए दवाब बना रहा था लेकिन बलजिंदर उससे शादी नहीं करना चाहती थी। एक साल पहले बलजिंदर ने सुखचैन से बात करनी बंद कर दी थी लेकिन सुखचैन बार-बार उससे संपर्क करने की कोशिश कर रहा था। साथ ही उसका पीछा भी कर रहा था।
छह महीने पहले भी दोनों के बीच एक विवाद हुआ था, जिसमें पंचायत बैठी थी। फैसला हुआ था कि सुखचैन आगे से कभी भी बलजिंदर कौर का पीछा नहीं करेगा लेकिन वह नहीं माना और लगातार बलजिंदर का पीछा करता रहा। शादी का प्रस्ताव ठुकराने की बात सुखचैन को खल गई थी और उसने बलजिंदर से बदला लेने की ठान ली थी।
डीएसपी सिटी-1 मोहित अग्रवाल ने कहा कि यह देखेंगे कि पुलिस आखिर क्यों समय पर नहीं पहुंची। उन्होंने कहा कि जब आरोपी बलजिंदर कौर को तलवार मार रहा था तो बड़ी संख्या में सड़क के दोनों ओर लोग थे किसी ने भी मदद नहीं कि लोग जमा होकर शोर भी मचा देते तो हत्यारा डरकर भाग जाता मगर किसी ने हिम्मत नहीं की। गिरफ्तारी के दौरान आरोपी ने पुलिस पर ही हमला किया, जिससे एक पुलिसकर्मी घायल हो गया, बावजूद इसके पुलिस ने कातिल को दबोच लिया। उसने जिस हथियार से लड़की की हत्या की है, उसे भी बरामद कर लिया गया है।
कब क्या हुआ
- 8:39 बजे : फेज-5 स्थित कॉल सेंटर में काम करने वाली तीन लड़कियां पैदल ऑफिस जा रही थीं
- 8:40 बजे : सड़क किनारे पेड़ के नीचे खड़ा सुखचैन सिंह बैग से तलवार निकालकर बलजिंदर की ओर बढ़ा और बलजिंदर कौर पर ताबड़तोड़ वार शुरू कर दिए
- 8:42 बजे : बलजिंदर की दोनों सहेलियां घबराकर पीछे की ओर भाग गईं। मौके पर मौजूद अन्य लोग भी भागने लगे। बलजिंदर भी जान बचाने के लिए भागी और सड़क पर गिर पड़ी। आरोपी उस पर लगातार वार करता रहा।
- 8:43 बजे : आरोपी बलजिंदर को बेसुध कर मौके से भाग निकला। आरोपी के भागने के बाद लोगों का जमावड़ा इकट्ठा हुआ
- 8:43 बजे : टेक्नीशियन का काम करने वाला एक लड़का फेज-6 अस्पताल की ओर जा रहा था, उसने आरोपी का पीछा किया, पुलिस भी पीछा लग गई
- 9.04 बजे : बलजिंदर कौर को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसको मृत घोषित कर दिया
- 12.47 बजे : पुलिस की गाड़ी मेडिकल करवाने के लिए आरोपी को लेकर अस्पताल पहुंची, जहां परिजनों ने हंगामा किया
अस्पताल में जमकर हंगामा, गुस्साए लोग बोले-हत्यारे को हमारे हवाले करो
बलजिंदर कौर के हत्यारे सुखचैन को पुलिस शनिवार दोपहर इलाज के लिए सिविल अस्पताल लेकर पहुंची तो भीड़ उग्र हो गई। गुस्साए लोग पुलिस से आरोपी को उनके हवाले करने की मांग करने लगे। लोगों ने कहा कि हमें इंसाफ चाहिए। हत्यारे को हमारे हवाले किया जाए, हम खुद हिसाब करेंगे। भीड़ में बलजिंदर कौर के परिजन ही नहीं बल्कि मोहाली के सिविल अस्पताल में इलाज के लिए आए लोग और युवा भी शामिल थे।
पुलिस ने जैसे-तैसे आरोपी को इमरजेंसी के अंदर पहुंचाया और अस्पताल के गेट पर चार पुलिस कर्मचारियों को तैनात कर दिया। साथ ही उनको हिदायत दे दी कि किसी व्यक्ति को भीतर न जाने दें। करीब पौन घंटे तक इमरजेंसी के बाहर भीड़ इकट्ठी रही। लोग प्रदर्शन और नारेबाजी करते रहे। लोगों को इंतजार था कि पुलिस कब हत्यारे को बाहर लेकर आती है। जानकारी मिलते ही कॉलेज के कुछ स्टूडेंट्स भी मौके पर पहुंच गए। सिविल अस्पताल में बलजिंदर कौर के पिता और ताया का बेटा भी पहुंच गया था। बलजिंदर कौर के माता-पिता के आंसू तो थमने का नाम नहीं ले रहे थे।
मृतका के चचेरे भाई धर्मप्रीत सिंह ने बताया कि वह पंजाब पुलिस के मुलाजिम हैं, उनको सुबह कॉल आई कि बलजिंदर पर किसी ने हमला किया है और वह अस्पताल में भर्ती है। उन्होंने बताया कि बलजिंदर से अक्सर उनकी बातचीत होती रहती थी। दो दिन पहले ही उन्होंने बात की थी, बलजिंदर सीधी-सादी लड़की थी, उसको किसी से कोई लेना-देना नहीं था। अस्पताल में लंबे समय तक भीड़ मौजूद रही।