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Chandigarh: प्रशासन लागू नहीं कर पाया नीति, युवाओं ने दिखाया दम... पांच साल में 37 से 126 हुए स्टार्टअप
Mon, 05 Feb 2024 11:18 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
रिशु राज सिंह, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Mon, 05 Feb 2024 11:18 AM IST
सार
चंडीगढ़ स्टार्टअप के लिए सबसे अनुकूल है लेकिन अब तक यहां स्टार्टअप नीति नहीं है। जबकि केंद्र जनवरी 2016 में ही नीति ले आया था। चंडीगढ़ में नीति न होने के कई कारण हैं। अधिकारियों के बदलने के साथ फैसले बदलते रहे। कभी फैसला हुआ कि चंडीगढ़ केंद्र की नीति अपनाएगा। अधिकारी बदला तो तय हुआ कि चंडीगढ़ अपनी नीति बनाएगा। ऐसे करते-करते 2024 आ गया लेकिन स्टार्टअप नीति के मामले में चंडीगढ़ के हाथ खाली हैं।
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विस्तार
चंडीगढ़ प्रशासन की स्टार्टअप नीति पिछले कई वर्षों से कागजों में दौड़ रही है। प्रशासन भले अब तक स्टार्टअप नीति नहीं लागू कर पाया लेकिन शहर के युवाओं ने अपने दम पर कई बिजनेस बना डाले हैं। पिछले पांच साल में शहर में स्टार्टअप 37 से बढ़कर 126 हो गए हैं। इन स्टार्टअप ने एक हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार भी दिया है। जानकारों का मानना है कि प्रशासन की नीति और नीयत होती तो यह संख्या कई गुना ज्यादा होती।
चंडीगढ़ एक व्यवस्थित शहर है। पूर्व प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने नीति तैयार करने का काम शुरू कराया लेकिन उनके कार्यकाल के तीन साल बीत गए, नीति धरातल पर नहीं उतर पाई। कई मंच से पूर्व सलाहकार ने नीति के फायदे गिनाए लेकिन उसे लागू नहीं करा पाए।
चंडीगढ़ जैसे शहर में स्टार्टअप नीति का न होना दुर्भाग्यपूर्ण
चैंबर ऑफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज के वाइस-प्रेसिडेंट नवीन मंगलानी ने कहा कि चंडीगढ़ जैसे शहर में स्टार्टअप नीति का न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। युवा पीढ़ी पुश्तैनी बिजनेस को छोड़ स्टार्टअप पर जोर दे रहे हैं लेकिन प्रशासन उनका साथ नहीं दे रहा है। अगर चंडीगढ़ में स्टार्टअप नीति होती तो शहर की तस्वीर दूसरी होती।
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बता दें कि केंद्र सरकार ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए 16 जनवरी 2016 को स्टार्टअप इंडिया पहल शुरू की। प्रशासन ने 2018 से इस काम शुरू किया। करीब एक से डेढ़ साल तक काम करने के बाद फैसला हुआ कि यूटी केंद्र की ही नीति को अपनाएगा। इसमें करीब एक साल गुजर गए। फिर तय हुआ कि चंडीगढ़ की स्थिति के अनुसार अपनी नीति ही ठीक रहेगी तो वर्ष 2021 में फिर काम शुरू हुआ था। जनवरी 2022 में प्रशासन ने गंभीरता दिखाई और उद्योग विभाग को जिम्मेदारी सौंपी। विभाग ने कई बैठकें की और नीति का ड्राफ्ट तैयार किया।
30 अगस्त 2022 को जारी किया था ड्राफ्ट, युवाओं को कई लाभ देने का दावा
यूटी प्रशासन ने 30 अगस्त 2022 को स्टार्टअप नीति का ड्राफ्ट जारी किया था। पूर्व सलाहकार धर्मपाल ने कहा था कि व्यवसायों में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत ईकोसिस्टम बनाया जाएगा। स्टार्टअप नीति के तहत एक समर्पित स्टार्टअप हब, 50 करोड़ के फंड के साथ युवाओं को कई लाभ मिलेंगे। नीति में पंजीकृत स्टार्टअप को कॉलेटरल फ्री लोन, विद्यार्थियों को इंसेंटिव, उद्यमियों के लिए को-वर्किंग स्पेस, फंडिंग स्ट्रेटजी, बिजनेस मॉडल डेवलपमेंट, कंपनी रजिस्ट्रेशन में मदद, लीगल और डिजिटल मार्केटिंग में मेंटरशिप का प्रावधान है लेकिन शहर के युवा अब तक उन लाभों के इंतजार में हैं।
रैंकिंग में पिछड़ता चंडीगढ़
- स्टार्टअप इंडिया-2022 की रैंकिंग में कम जनसंख्या वाले राज्य व यूटी की कैटेगरी में चंडीगढ़ पहले लीडर की कैटेगरी में था, लेकिन नई रैंकिंग में एक पायदान नीचे आ गया।
- इंडिया इनोवेशन इंडेक्स-2022 में ओवरऑल चंडीगढ़ ने टॉप किया, लेकिन बिजनेस एनवायरमेंट के इंडेक्स में इज ऑफ डूइंग बिजनेस और कॉमन फैसिलिटी सेंटर का स्कोर शून्य रहा।
- व्यापार सुधार कार्य योजना (बीआरएपी) 2020 के कार्यान्वयन के आधार पर केंद्र सरकार ने 30 जून 2022 को एक सूची जारी की थी। इसके अनुसार उभरते हुए बिजनेस इकोसिस्टम की श्रेणी में चंडीगढ़ बिहार से भी पीछे बताया।
मान्यता प्राप्त स्टार्टअप और उनसे पैदा हुई नौकरियां
वर्ष स्टार्टअप नौकरियां
2023 126 1,328
2022 81 898
2021 63 978
2020 52 355
2019 37 312
(केंद्र सरकार द्वारा जारी आंकड़े)
हमारी तरफ से चंडीगढ़ के लिए स्टार्टअप पॉलिसी तैयार है। नए सलाहकार की नियुक्ति के बाद उनका इंतजार किया जा रहा है। उनके आने के बाद उन्हें एक बार पॉलिसी को लेकर प्रेजेंटेशन दी जाएगी। उसके बाद लागू करने की तैयारी है। - हरगुनजीत कौर, सचिव, उद्योग विभाग
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चंडीगढ़ एक व्यवस्थित शहर है। पूर्व प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल ने नीति तैयार करने का काम शुरू कराया लेकिन उनके कार्यकाल के तीन साल बीत गए, नीति धरातल पर नहीं उतर पाई। कई मंच से पूर्व सलाहकार ने नीति के फायदे गिनाए लेकिन उसे लागू नहीं करा पाए।
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चंडीगढ़ जैसे शहर में स्टार्टअप नीति का न होना दुर्भाग्यपूर्ण
चैंबर ऑफ चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज के वाइस-प्रेसिडेंट नवीन मंगलानी ने कहा कि चंडीगढ़ जैसे शहर में स्टार्टअप नीति का न होना दुर्भाग्यपूर्ण है। युवा पीढ़ी पुश्तैनी बिजनेस को छोड़ स्टार्टअप पर जोर दे रहे हैं लेकिन प्रशासन उनका साथ नहीं दे रहा है। अगर चंडीगढ़ में स्टार्टअप नीति होती तो शहर की तस्वीर दूसरी होती।
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बता दें कि केंद्र सरकार ने स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए 16 जनवरी 2016 को स्टार्टअप इंडिया पहल शुरू की। प्रशासन ने 2018 से इस काम शुरू किया। करीब एक से डेढ़ साल तक काम करने के बाद फैसला हुआ कि यूटी केंद्र की ही नीति को अपनाएगा। इसमें करीब एक साल गुजर गए। फिर तय हुआ कि चंडीगढ़ की स्थिति के अनुसार अपनी नीति ही ठीक रहेगी तो वर्ष 2021 में फिर काम शुरू हुआ था। जनवरी 2022 में प्रशासन ने गंभीरता दिखाई और उद्योग विभाग को जिम्मेदारी सौंपी। विभाग ने कई बैठकें की और नीति का ड्राफ्ट तैयार किया।
30 अगस्त 2022 को जारी किया था ड्राफ्ट, युवाओं को कई लाभ देने का दावा
यूटी प्रशासन ने 30 अगस्त 2022 को स्टार्टअप नीति का ड्राफ्ट जारी किया था। पूर्व सलाहकार धर्मपाल ने कहा था कि व्यवसायों में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एक मजबूत ईकोसिस्टम बनाया जाएगा। स्टार्टअप नीति के तहत एक समर्पित स्टार्टअप हब, 50 करोड़ के फंड के साथ युवाओं को कई लाभ मिलेंगे। नीति में पंजीकृत स्टार्टअप को कॉलेटरल फ्री लोन, विद्यार्थियों को इंसेंटिव, उद्यमियों के लिए को-वर्किंग स्पेस, फंडिंग स्ट्रेटजी, बिजनेस मॉडल डेवलपमेंट, कंपनी रजिस्ट्रेशन में मदद, लीगल और डिजिटल मार्केटिंग में मेंटरशिप का प्रावधान है लेकिन शहर के युवा अब तक उन लाभों के इंतजार में हैं।
रैंकिंग में पिछड़ता चंडीगढ़
- स्टार्टअप इंडिया-2022 की रैंकिंग में कम जनसंख्या वाले राज्य व यूटी की कैटेगरी में चंडीगढ़ पहले लीडर की कैटेगरी में था, लेकिन नई रैंकिंग में एक पायदान नीचे आ गया।
- इंडिया इनोवेशन इंडेक्स-2022 में ओवरऑल चंडीगढ़ ने टॉप किया, लेकिन बिजनेस एनवायरमेंट के इंडेक्स में इज ऑफ डूइंग बिजनेस और कॉमन फैसिलिटी सेंटर का स्कोर शून्य रहा।
- व्यापार सुधार कार्य योजना (बीआरएपी) 2020 के कार्यान्वयन के आधार पर केंद्र सरकार ने 30 जून 2022 को एक सूची जारी की थी। इसके अनुसार उभरते हुए बिजनेस इकोसिस्टम की श्रेणी में चंडीगढ़ बिहार से भी पीछे बताया।
मान्यता प्राप्त स्टार्टअप और उनसे पैदा हुई नौकरियां
वर्ष स्टार्टअप नौकरियां
2023 126 1,328
2022 81 898
2021 63 978
2020 52 355
2019 37 312
(केंद्र सरकार द्वारा जारी आंकड़े)
हमारी तरफ से चंडीगढ़ के लिए स्टार्टअप पॉलिसी तैयार है। नए सलाहकार की नियुक्ति के बाद उनका इंतजार किया जा रहा है। उनके आने के बाद उन्हें एक बार पॉलिसी को लेकर प्रेजेंटेशन दी जाएगी। उसके बाद लागू करने की तैयारी है। - हरगुनजीत कौर, सचिव, उद्योग विभाग