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बलमखीरे उतारने की तरफ प्रशासन का नहीं ध्यान
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मोहाली। शहर में सड़क किनारे लगे पेड़ों पर बड़ी संख्या में बलमखीरे लटक रहे हैं, जो हादसों को न्योता दे रहे हैं। ज्यादातर बलमखीरे सूखे पेड़ों पर लगे नजर आ रहे हैं जो कभी भी टूटकर सड़क पर गिर पड़ते हैं। कई बार पेड़ों से गिरे बलमखीरे नीचे से गुजर रहे वाहन चालकों को अपना निशाना बनाते हैं। यहीं नहीं इससे कई बार जानी नुकसान भी हो चुका है।
वहीं बलमखीरे से जब भी कोई वारदात होती है तो उस समय गमाडा और निगम पेड़ों पर लगे बलमखीरे तोड़ने का काम करके खानार्पूति कर देता है। वहीं इस काम को अच्छी तरह से न करने के कारण लोगों को परेशानी आ रही है। समाजसेवी संस्था सोच सेवा समिति के प्रधान अतुल शर्मा ने कहा कि वह पहले भी कई बार इस परेशानी से छुटकारा दिलाने के लिए प्रशासन से मांग कर चुके हैं लेकिन प्रशासन बिल्कुल सुनवाई नहीं कर रहा है।
शॉपिंग स्ट्रीट पर सबसे ज्यादा बलमखीरे
जानकारी के अनुसार शहर की लाइफलाइन मानी जाती शॉपिंग स्ट्रीट पर सबसे ज्यादा पेड़ हैं। वहीं इन पेड़ों से कई गुणा ज्यादा बलमखीरे हैं जो रोज अपने आप टूटकर सड़क पर गिरते रहते हैं। कई सूखे पेड़ों पर लगे बलमखीरे देखकर तो ऐसा लगता है कि पेड़ पर कोई फलों का गुच्छा लगा हो।
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वहीं बलमखीरे से जब भी कोई वारदात होती है तो उस समय गमाडा और निगम पेड़ों पर लगे बलमखीरे तोड़ने का काम करके खानार्पूति कर देता है। वहीं इस काम को अच्छी तरह से न करने के कारण लोगों को परेशानी आ रही है। समाजसेवी संस्था सोच सेवा समिति के प्रधान अतुल शर्मा ने कहा कि वह पहले भी कई बार इस परेशानी से छुटकारा दिलाने के लिए प्रशासन से मांग कर चुके हैं लेकिन प्रशासन बिल्कुल सुनवाई नहीं कर रहा है।
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शॉपिंग स्ट्रीट पर सबसे ज्यादा बलमखीरे
जानकारी के अनुसार शहर की लाइफलाइन मानी जाती शॉपिंग स्ट्रीट पर सबसे ज्यादा पेड़ हैं। वहीं इन पेड़ों से कई गुणा ज्यादा बलमखीरे हैं जो रोज अपने आप टूटकर सड़क पर गिरते रहते हैं। कई सूखे पेड़ों पर लगे बलमखीरे देखकर तो ऐसा लगता है कि पेड़ पर कोई फलों का गुच्छा लगा हो।
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