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Mohali News: लापरवाही से वाहन चलाकर किसी की जान खतरे में डालने का आरोपी बरी
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मोहाली। लापरवाही से वाहन चलाकर किसी की जान खतरे में डालने के आरोपी को अदालत ने सबूतों के अभाव के चलते बरी कर दिया है। यह मामला जिला मोहाली में विचाराधीन था। अदालत में आरोपी के खिलाफ आरोप साबित नहीं हो पाए, इस कारण अदालत ने आरोपी दौलत सिंह पर लगे सभी चार्ज खत्म कर उसे बरी कर दिया है।
शिकायतकर्ता ने पहले कहा कि उसने हादसे के समय अपराधी वाहन चालक को देखा था, लेकिन जब अदालत में गवाही हुई तो उसने आरोपी को पहचाने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि दबाव में उसने उक्त आरोपी की पहचान की थी, क्योंकि उसका नाम उसे पुलिस ने बताया था। यह भी कहा कि उसे हादसे के दौरान चोट नहीं लगी। वह स्कूटर खुद चला रहा था और यह भी माना कि उससे स्कूटर की ब्रेक नहीं लगी, इस कारण वह गिर गए। अदालत को बताया गया कि कैंटर ने उन्हें टक्कर नहीं मारी। शिकायतकर्ता ने अदालत को बताया कि जिरह के दौरान उसने अपनी स्वतंत्र इच्छा से गवाही दी है, जबकि मुख्य परीक्षण के दौरान उसका साक्ष्य दबाव में था। यह भी बताया कि उसका मामले में कोई समझौता नहीं हुआ है। अदालत ने कहा कि सरकारी वकील की पूछताछ के बावजूद भी यह गवाह मुकदमे का सामना कर रहे आरोपी व्यक्ति के खिलाफ एक भी शब्द नहीं बोल पाया। जिस आधार पर यह कहा जा सके कि आरोपी दौलत सिंह दुर्घटना में शामिल था, इसलिए अदालत उसे इस मामले में बरी करती है।
दौलत सिंह पर हादसे में घायल भुपिंदर सिंह के बयान पर बनूड़ थाने के एसएचओ ने 31 जुलाई 2020 को केस दर्ज किया था। भूपिंदर सिंह ने पुलिस कहा था कि 28 जुलाई 2020 को वह जीजा राजिंदर कुमार के साथ उसके स्कूटर पर ससुराल गांव खानपुर से जा रहे थे और स्कूटर वह खुद चला रहा था। जब शाम को साढे 5 बजे बनूड़ बैरियर के पास पहुंचे तो लांडरां की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार कैंटर ने लापरवाही से उनके स्कूटर को टक्कर मार दी थी। इससे वह और उसका जीजा गंभीर घायल हो गए थे। उसके तीन दांत टूट गए और नाक व आंख के बाएं हिस्से पर चोटें आई हैँ। उसे जीएमसीएच-32 चंडीगढ़ में भर्ती करवाया था और यहां उसके बयान दर्ज कर पुलिस ने केस दर्ज किया था।
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शिकायतकर्ता ने पहले कहा कि उसने हादसे के समय अपराधी वाहन चालक को देखा था, लेकिन जब अदालत में गवाही हुई तो उसने आरोपी को पहचाने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि दबाव में उसने उक्त आरोपी की पहचान की थी, क्योंकि उसका नाम उसे पुलिस ने बताया था। यह भी कहा कि उसे हादसे के दौरान चोट नहीं लगी। वह स्कूटर खुद चला रहा था और यह भी माना कि उससे स्कूटर की ब्रेक नहीं लगी, इस कारण वह गिर गए। अदालत को बताया गया कि कैंटर ने उन्हें टक्कर नहीं मारी। शिकायतकर्ता ने अदालत को बताया कि जिरह के दौरान उसने अपनी स्वतंत्र इच्छा से गवाही दी है, जबकि मुख्य परीक्षण के दौरान उसका साक्ष्य दबाव में था। यह भी बताया कि उसका मामले में कोई समझौता नहीं हुआ है। अदालत ने कहा कि सरकारी वकील की पूछताछ के बावजूद भी यह गवाह मुकदमे का सामना कर रहे आरोपी व्यक्ति के खिलाफ एक भी शब्द नहीं बोल पाया। जिस आधार पर यह कहा जा सके कि आरोपी दौलत सिंह दुर्घटना में शामिल था, इसलिए अदालत उसे इस मामले में बरी करती है।
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दौलत सिंह पर हादसे में घायल भुपिंदर सिंह के बयान पर बनूड़ थाने के एसएचओ ने 31 जुलाई 2020 को केस दर्ज किया था। भूपिंदर सिंह ने पुलिस कहा था कि 28 जुलाई 2020 को वह जीजा राजिंदर कुमार के साथ उसके स्कूटर पर ससुराल गांव खानपुर से जा रहे थे और स्कूटर वह खुद चला रहा था। जब शाम को साढे 5 बजे बनूड़ बैरियर के पास पहुंचे तो लांडरां की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार कैंटर ने लापरवाही से उनके स्कूटर को टक्कर मार दी थी। इससे वह और उसका जीजा गंभीर घायल हो गए थे। उसके तीन दांत टूट गए और नाक व आंख के बाएं हिस्से पर चोटें आई हैँ। उसे जीएमसीएच-32 चंडीगढ़ में भर्ती करवाया था और यहां उसके बयान दर्ज कर पुलिस ने केस दर्ज किया था।
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