मोहाली की आशिया जिंदल ने पंजाब न्यायिक सेवा परीक्षा में किया टॉप, रंग लाई चार साल की मेहनत
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मोहाली की बेटी आशिया जिंदल ने पंजाब न्यायिक सेवा परीक्षा में टॉप किया है। आशिया चार साल से इस परीक्षा की तैयारी में जुटी थीं। इस मुकाम को हासिल करने के लिए उनका छोटा भाई हमेशा हौसला अफजाई करता रहा। वहीं, उनका कहना है कि उनकी मां भी उन्हें आगे बढ़ने लिए प्रेरित करती थीं।
आशिया जिंदल ने बताया कि वह बचपन से ही पढ़ाई-लिखाई में अच्छी थीं। इसका श्रेय वह अपनी मां को देती हैं। उन्होंने अपनी स्कूली पढ़ाई सेक्रेड हार्डस्कूल चंडीगढ़ से की है। इसके बाद उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी से बीए, एलएलबी और एएलएम पास की। उन्होंने पढ़ाई के साथ-साथ यूनिवर्सिटी की हर गतिविधि में हिस्सा लिया। लेकिन शुरू से ही उनका लक्ष्य पीसीएस का था।
मां का था बड़ा सपना, किया सच
आशिया बताती हैं कि उनकी मां उन्हें कभी एहसास ही नहीं होने देती थी कि उन्हें एक आम लड़की की जिंदगी बितानी है। उनका अपनी बेटी को बड़ा बनाने का सपना था और इसके साथ घर का भी हर काम सिखाया। उन्होंने बताया कि मां हमेशा में यह कहती हैं कि वे नहीं चाहती कि उनकी बेटी एक आम महिला की जिंदगी बिताए।
वे चाहती थी कि उनकी बेटी अपनी जिंदगी में मेहनत कर एक बड़ा मुकाम हासिल करें। उन्होंने इसके लिए दिल्ली से कोचिंग ली है। सैंपल पेपर देने महीने में दो बार दिल्ली भी जाती थीं। वह मोहाली से दिल्ली अपने पिता की कार खुद चलाकर ले जाती थीं और उसी शाम घर वापस पहुंचती थीं।
भाई और पिता ने हर कदम पर दिया साथ
बड़ी होने के नाते परिवार के सभी लोग मुझे मेहनत करने के लिए कहते हैं और प्यार करते हैं। वहीं छोटा भाई जो हमेशा अपनी क्लास में टॉप करता है उस पर कोई इतना ध्यान नहीं देता है। ऐसे में वो अपनी पढ़ाई के बीच भी मुझे मेहनत करने के लिए हमेशा कहता था और साथ देता था। कई बार रिजल्ट बेहतरीन न आने के कारण थोड़ा उदास होती तो छोटा भाई और पापा मुझे समझाते थे कि मैं जरूर पास हो जाऊंगी। शायद यही कारण है कि मुझे कामयाबी मिली है। क्योंकि पिछले चार साल से इस परीक्षा की तैयारी कर रही थी और इसका फल आज मिला है।
छात्रों ने परीक्षा प्रणाली पर किया था केस, इस कारण देरी से आया परिणाम
आशिया ने बताया कि उन्होंने जनवरी, 2019 को परीक्षा दी थी। जिसका परिणाम दिसंबर, 2019 को आ गया था। लेकिन 30 से 40 छात्रों की ओर से मनचाहा परिणाम न मिल पाने के कारण केस किया गया था। इस कारण परिणाम दिसंबर, 2020 को निकाला गया। उसके मुताबिक सभी छात्रों को साढे़ 17 नंबर ज्यादा दिए गए हैं। अब परिणाम आने पर पता चला कि मैंने टॉप किया है। क्योंकि मैंने इस परीक्षा के लिए बहुत मेहनत की थी। आशिया ने बताया कि मेरा फोकस ज्यादा पढ़ाई पर ही रहता था। इसलिए कपड़ों से ज्यादा मेरे पास किताबें हैं।