{"_id":"69f514a8f30b00785c05e486","slug":"a-bolero-pickup-was-confiscated-after-paying-an-advance-of-rs-10000-a-case-was-registered-after-investigation-mohali-news-c-71-1-mli1010-141952-2026-05-02","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mohali News: पटवारी पर जमीन हड़पने का आरोप, फर्जी फर्द बनाकर करवाई रजिस्ट्री, मामला दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mohali News: पटवारी पर जमीन हड़पने का आरोप, फर्जी फर्द बनाकर करवाई रजिस्ट्री, मामला दर्ज
विज्ञापन
-
- 2
-
Link Copied
जीरकपुर। एक महिला की जमीन हड़पने के आरोप में पटवारी सहित दो लोगों पर मामला दर्ज किया गया है। पुलिस जांच में दस्तावेजों में हेराफेरी और साजिश का खुलासा हुआ है। आरोपियों की पहचान जगदीश शर्मा (पूर्व पटवारी) निवासी ग्रीन पार्क कॉलोनी जीरकपुर और मधु सिंह निवासी संगरूर के रूप में हुई है। आरोपियों को धोखाधड़ी, जालसाजी, कागजात से हेरफेर व षडयंत्र रचने की धाराओं में नामजद किया है।शिकायतकर्ता जसविंदर कौर निवासी देसू माजरा ने आरोप लगाया कि उसकी पैतृक जमीन, उसे पारिवारिक बंटवारे में मिली थी। उसको पटवारी जगदीश शर्मा ने अपने पद का दुरुपयोग कर हड़पने की कोशिश की।
शिकायत के अनुसार वर्ष 2012 में उसकी जमीन पर अदालत ने स्टेटस-क्वो लागू किया हुआ था। इसके बावजूद आरोपियों ने फर्जी फर्द तैयार कर रजिस्ट्री करवा ली। जांच के दौरान सामने आया कि जसविंदर कौर के नाम उस समय 9 बीघा 9 बिस्वा जमीन दर्ज थी। फर्जी दस्तावेजों में 15 बीघा 9 बिस्वा दिखाया गया है। आरोप है कि इसी फर्जी रिकॉर्ड के आधार पर पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर आरोपी ने अपनी मां के नाम पर करीब 6 बीघा जमीन की रजिस्ट्री करवा ली। पुलिस जांच में शामिल गवाहों जिनमें पूर्व पटवारी भी शामिल हैं, ने बयान दिया कि संबंधित फर्द पर उनके हस्ताक्षर स्कैन कर लगाए गए थे। रिकॉर्ड में हेराफेरी की गई थी। यह भी सामने आया कि पावर ऑफ अटॉर्नी बनाते समय संबंधित व्यक्ति तहसील कार्यालय में मौजूद नहीं था। न ही कोई भुगतान किया गया था। मामले में यह भी खुलासा हुआ कि बाद में जब शिकायतकर्ता को धोखाधड़ी का पता चला तो उसने पावर ऑफ अटॉर्नी रद्द करवा दी और उच्च अधिकारियों को शिकायत दी। पहले भी इस मामले में अदालत के निर्देश पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी, लेकिन बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया था। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि आरोपियों ने समझौते का फायदा उठाकर फिर से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इंतकाल करवाने की कोशिश की, जिसे तहसीलदार ने बाद में खारिज कर दिया।
पूरी जांच के बाद पुलिस अधिकारियों ने पाया कि पटवारी और उसके सहयोगी ने मिलकर साजिश के तहत धोखाधड़ी की है। इसके आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की सिफारिश की गई। एसएसपी मोहाली ने रिपोर्ट को मंजूरी देते हुए जीरकपुर थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने दो लोगों पर मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
शिकायत के अनुसार वर्ष 2012 में उसकी जमीन पर अदालत ने स्टेटस-क्वो लागू किया हुआ था। इसके बावजूद आरोपियों ने फर्जी फर्द तैयार कर रजिस्ट्री करवा ली। जांच के दौरान सामने आया कि जसविंदर कौर के नाम उस समय 9 बीघा 9 बिस्वा जमीन दर्ज थी। फर्जी दस्तावेजों में 15 बीघा 9 बिस्वा दिखाया गया है। आरोप है कि इसी फर्जी रिकॉर्ड के आधार पर पावर ऑफ अटॉर्नी बनाकर आरोपी ने अपनी मां के नाम पर करीब 6 बीघा जमीन की रजिस्ट्री करवा ली। पुलिस जांच में शामिल गवाहों जिनमें पूर्व पटवारी भी शामिल हैं, ने बयान दिया कि संबंधित फर्द पर उनके हस्ताक्षर स्कैन कर लगाए गए थे। रिकॉर्ड में हेराफेरी की गई थी। यह भी सामने आया कि पावर ऑफ अटॉर्नी बनाते समय संबंधित व्यक्ति तहसील कार्यालय में मौजूद नहीं था। न ही कोई भुगतान किया गया था। मामले में यह भी खुलासा हुआ कि बाद में जब शिकायतकर्ता को धोखाधड़ी का पता चला तो उसने पावर ऑफ अटॉर्नी रद्द करवा दी और उच्च अधिकारियों को शिकायत दी। पहले भी इस मामले में अदालत के निर्देश पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हुई थी, लेकिन बाद में दोनों पक्षों में समझौता हो गया था। जांच रिपोर्ट में कहा गया कि आरोपियों ने समझौते का फायदा उठाकर फिर से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर इंतकाल करवाने की कोशिश की, जिसे तहसीलदार ने बाद में खारिज कर दिया।
विज्ञापन
पूरी जांच के बाद पुलिस अधिकारियों ने पाया कि पटवारी और उसके सहयोगी ने मिलकर साजिश के तहत धोखाधड़ी की है। इसके आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज करने की सिफारिश की गई। एसएसपी मोहाली ने रिपोर्ट को मंजूरी देते हुए जीरकपुर थाना प्रभारी को एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू करने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने दो लोगों पर मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन