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कारोबारियों को मिलेगी दस्तावेजों से निजात
Mohali
Updated Fri, 04 May 2012 12:00 PM IST
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मोहाली। फूड सेफ्टी एक्ट को लेकर सहमे कारोबारियों को जल्द बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। इस नए बनाए कानून के तहत लाइसेंस लेने वालों को अभी तक बड़ी संख्या में कागजात जमा कराने होते हैं, जिनमें से कई कागजात हासिल करना कारोबारियों के लिए बेहद मुश्किल है। जिसे देखते हुए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने उन्हें राहत देने का फैसला किया है। जल्द ही कारोबारियों को कुछ कागजों से निजात मिलने की उम्मीद है।
फूड सेफ्टी एक्ट के तहत लाइसेंस लेने वाले कारोबारियों को स्टेट लाइसेंसिंग अथॉरिटी के पास आवेदन करते समय 18 तरह के कागजात जमा कराने का प्रावधान है। जिनमें फार्म बी, प्रोसेसिंग यूनिट का ले-आउट प्लान, डायरेक्टर्स की लिस्ट, उपकरणों की लिस्ट, सरकारी एजेंसी द्वारा जारी फोटो आईडी, फूड कैटेगरी, इंस्पेक्शन के समय जिम्मेदार व्यक्ति का अथॉरिटी लेटर, पानी शुद्ध होने की रिपोर्ट, व्यापारिक स्थल की सेल डीड या रेंट एग्रीमेंट, पार्टनरशिप डीड, कॉपरेटिव एक्ट के तहत सर्टिफिकेट, री-लेबलर्स की स्थिति में मैनुफैक्चरर का एनओसी, फूड सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम प्लान, दूध खरीदने का प्लान, मीट प्रोसेसिंग प्लांट के लिए रॉ मैटीरियल का स्रोत, पेस्टीसाइड रेसिड्यूज रिपोर्ट, रिकॉल प्लान और काउंसिल व प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से एनओसी शामिल हैं। पिछले दिनों अथॉरिटी द्वारा देश भर के नोडल अफसरों की मीटिंग बुलाई गई। जिसमें पंजाब की रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर डॉ. सतवंत कौर भल्ला व जिला सेहत अफसर डॉ. जय सिंह भी शामिल हुए। मीटिंग में फीडबैक दिया गया कि कारोबारी इतने ज्यादा कागजात से दहशत में हैं, इसलिए सिर्फ वही कागज उनसे लिए जाएं, जो एक्ट से संबंधित जरूरी हैं। जिसके बाद अथॉरिटी के चेयरमैन डॉ. के चंद्रमौलि ने इस पर सैद्धांतिक तौर पर सहमति जता दी है। जल्द ही इस संबंध में निर्देश जारी होने की उम्मीद है।
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फूड सेफ्टी एक्ट के तहत लाइसेंस लेने वाले कारोबारियों को स्टेट लाइसेंसिंग अथॉरिटी के पास आवेदन करते समय 18 तरह के कागजात जमा कराने का प्रावधान है। जिनमें फार्म बी, प्रोसेसिंग यूनिट का ले-आउट प्लान, डायरेक्टर्स की लिस्ट, उपकरणों की लिस्ट, सरकारी एजेंसी द्वारा जारी फोटो आईडी, फूड कैटेगरी, इंस्पेक्शन के समय जिम्मेदार व्यक्ति का अथॉरिटी लेटर, पानी शुद्ध होने की रिपोर्ट, व्यापारिक स्थल की सेल डीड या रेंट एग्रीमेंट, पार्टनरशिप डीड, कॉपरेटिव एक्ट के तहत सर्टिफिकेट, री-लेबलर्स की स्थिति में मैनुफैक्चरर का एनओसी, फूड सेफ्टी मैनेजमेंट सिस्टम प्लान, दूध खरीदने का प्लान, मीट प्रोसेसिंग प्लांट के लिए रॉ मैटीरियल का स्रोत, पेस्टीसाइड रेसिड्यूज रिपोर्ट, रिकॉल प्लान और काउंसिल व प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से एनओसी शामिल हैं। पिछले दिनों अथॉरिटी द्वारा देश भर के नोडल अफसरों की मीटिंग बुलाई गई। जिसमें पंजाब की रिटायर्ड डिप्टी डायरेक्टर डॉ. सतवंत कौर भल्ला व जिला सेहत अफसर डॉ. जय सिंह भी शामिल हुए। मीटिंग में फीडबैक दिया गया कि कारोबारी इतने ज्यादा कागजात से दहशत में हैं, इसलिए सिर्फ वही कागज उनसे लिए जाएं, जो एक्ट से संबंधित जरूरी हैं। जिसके बाद अथॉरिटी के चेयरमैन डॉ. के चंद्रमौलि ने इस पर सैद्धांतिक तौर पर सहमति जता दी है। जल्द ही इस संबंध में निर्देश जारी होने की उम्मीद है।
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