{"_id":"59526f824f1c1b333c8b46d3","slug":"91498574722-mohali-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पांच करोड़ की पहली किश्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पांच करोड़ की पहली किश्त
Updated Tue, 27 Jun 2017 08:19 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गमाडा ने निगम को जारी की पांच करोड़ की पहली किश्त
- शहर के मेंटिनेंस व पार्कों की देखभाल के काम में अब आएगी तेजी
- मेयर ने गमाडा से पैसे आने की पुष्टि की, उन्होंने कहा कि शहर को मिलेगी पहचान
-साल में गमाडा जारी करेगा पचास करोड़, निगम इसके लिए बैंक में खुलवाएगा खाता
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
नगर निगम के अधीन आए शहर के विभिन्न हिस्सों के मेंटिनेंस का काम अब जल्द ही रफ्तार पकड़ेगा। गमाडा ने नगर निगम को पहली किश्त के पांच करोड़ रुपये जारी कर दिए है। इसके बाद गमाडा द्वारा समय समय पर निगम को पैसे दिए जाएंगे। गमाडा द्वारा निगम को पचास करोड़ रुपये में हर साल जारी किए जाने हैं। पैसे जारी करने की पुष्टि नगर निगम के मेयर कुलवंत सिंह ने हाउस की मीटिंग में की।
जानकारी के मुताबिक, शहर में पहले पार्कों व अन्य मेंटिनेंस का काम गमाडा व नगर निगम में बंटा हुआ था। लेकिन इसके चलते लोगों को परेशानी उठानी पड़ती थी। इलाके का सही तरीके से विकास नहीं हो पा रहा था। इसके बाद नगर निगम के मेयर ने यह मुद्दा गत वर्ष तत्कालीन डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल के समक्ष उठाया था। साथ ही मांग की थी कि शहर में एक ही एजेंसी नियुक्त की जाए। जो कि शहर के विकास के कामों को देखे। इसके बाद डिप्टी सीएम ने गमाडा व नगर निगम के अधिकारियों की मीटिंग की। इसमें तय हुआ था कि शहर में मेंटिनेंस, पार्क, स्पोर्ट्स कांप्लेक्स संबंधी सारे काम नगर निगम द्वारा देखे जाएंगे। साथ ही गमाडा द्वारा निगम को सालाना पचास करोड़ की पेमेंट की जाएगी। इसके बाद दोनों एजेंसियों में एक एमओयू साइन हुआ था। इसके बाद लगभग सारा काम नगर निगम के अधीन आ गया है। वहीं, अब नगर निगम ने पार्कों की मेंटिनेंस का ठेका चंडीगढ़ की एक कंपनी को जारी कर दिया है। कंपनी जल्द ही इस काम को संभाल लेगी। इसके बाद लोगों को किसी भी प्रकार की मुश्किल नहीं उठानी पड़ेगी। नगर निगम के कमिश्नर राजेश धीमान ने भी इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि शहर का विकास बढ़िया तरीके से किया जाएगा। जिक्रयोग है कि गमाडा द्वारा नगर निगम को हर साल पचास करोड़ रुपये दिए जाएंगे। गमाडा से आने वाले पैसे के लिए नगर निगम द्वारा एक अलग अकाउंट खुलवाया जाएगा। इसमें सभी पैसे जमा किए जाएंगे। पूरे खर्च का हिसाब रहेगा। इसके बाद समय पड़ने पर पैसे का हिसाब किताब भी देखा जा सकेगा।
विज्ञापन
- शहर के मेंटिनेंस व पार्कों की देखभाल के काम में अब आएगी तेजी
- मेयर ने गमाडा से पैसे आने की पुष्टि की, उन्होंने कहा कि शहर को मिलेगी पहचान
-साल में गमाडा जारी करेगा पचास करोड़, निगम इसके लिए बैंक में खुलवाएगा खाता
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली।
नगर निगम के अधीन आए शहर के विभिन्न हिस्सों के मेंटिनेंस का काम अब जल्द ही रफ्तार पकड़ेगा। गमाडा ने नगर निगम को पहली किश्त के पांच करोड़ रुपये जारी कर दिए है। इसके बाद गमाडा द्वारा समय समय पर निगम को पैसे दिए जाएंगे। गमाडा द्वारा निगम को पचास करोड़ रुपये में हर साल जारी किए जाने हैं। पैसे जारी करने की पुष्टि नगर निगम के मेयर कुलवंत सिंह ने हाउस की मीटिंग में की।
जानकारी के मुताबिक, शहर में पहले पार्कों व अन्य मेंटिनेंस का काम गमाडा व नगर निगम में बंटा हुआ था। लेकिन इसके चलते लोगों को परेशानी उठानी पड़ती थी। इलाके का सही तरीके से विकास नहीं हो पा रहा था। इसके बाद नगर निगम के मेयर ने यह मुद्दा गत वर्ष तत्कालीन डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल के समक्ष उठाया था। साथ ही मांग की थी कि शहर में एक ही एजेंसी नियुक्त की जाए। जो कि शहर के विकास के कामों को देखे। इसके बाद डिप्टी सीएम ने गमाडा व नगर निगम के अधिकारियों की मीटिंग की। इसमें तय हुआ था कि शहर में मेंटिनेंस, पार्क, स्पोर्ट्स कांप्लेक्स संबंधी सारे काम नगर निगम द्वारा देखे जाएंगे। साथ ही गमाडा द्वारा निगम को सालाना पचास करोड़ की पेमेंट की जाएगी। इसके बाद दोनों एजेंसियों में एक एमओयू साइन हुआ था। इसके बाद लगभग सारा काम नगर निगम के अधीन आ गया है। वहीं, अब नगर निगम ने पार्कों की मेंटिनेंस का ठेका चंडीगढ़ की एक कंपनी को जारी कर दिया है। कंपनी जल्द ही इस काम को संभाल लेगी। इसके बाद लोगों को किसी भी प्रकार की मुश्किल नहीं उठानी पड़ेगी। नगर निगम के कमिश्नर राजेश धीमान ने भी इस बात की पुष्टि की है। उन्होंने कहा कि शहर का विकास बढ़िया तरीके से किया जाएगा। जिक्रयोग है कि गमाडा द्वारा नगर निगम को हर साल पचास करोड़ रुपये दिए जाएंगे। गमाडा से आने वाले पैसे के लिए नगर निगम द्वारा एक अलग अकाउंट खुलवाया जाएगा। इसमें सभी पैसे जमा किए जाएंगे। पूरे खर्च का हिसाब रहेगा। इसके बाद समय पड़ने पर पैसे का हिसाब किताब भी देखा जा सकेगा।
विज्ञापन