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Mohali News: क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम में 644 प्रिंसिपल और शिक्षक हुए शामिल
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मोहाली। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने राज्य में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और स्कूल प्रबंधन को मजबूत करने के उद्देश्य से पहली बार क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम (कैपेसिटी बिल्डिंग ट्रेनिंग-कम-वर्कशॉप) की शुरुआत की है। यह कार्यक्रम 50 घंटे के अनिवार्य कंटीन्यूस प्रोफेशनल डेवलपमेंट (सीपीडी) फ्रेमवर्क के तहत आयोजित किया जा रहा है। पीएसईबी ऑडिटोरियम में आयोजित इस प्रशिक्षण के पहले चरण में मोहाली, पटियाला, फतेहगढ़ साहिब, शहीद भगत सिंह नगर और रोपड़ जिलों से 644 प्रिंसिपल और शिक्षकों ने भाग लिया। बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने कहा कि यह पहल शिक्षा में डिजिटलाइजेशन और अकादमिक उत्कृष्टता को जोड़ने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
उन्होंने बताया कि तकनीक आधारित सिस्टम और प्रशिक्षित स्टाफ से सीखने के परिणामों में सुधार आएगा और कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी। प्रशिक्षण में स्कूल क्वालिटी असेसमेंट, नेतृत्व क्षमता, डिजिटल गवर्नेंस और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, स्किल आधारित शिक्षा और स्टूडेंट-केंद्रित दृष्टिकोण से भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम में अंग्रेजी संचार कौशल को बढ़ाने के साथ-साथ मातृभाषा पंजाबी के महत्व पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा स्टेम शिक्षा को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में नवाचार को प्रोत्साहित करने पर भी चर्चा हुई।
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उन्होंने बताया कि तकनीक आधारित सिस्टम और प्रशिक्षित स्टाफ से सीखने के परिणामों में सुधार आएगा और कार्यप्रणाली अधिक पारदर्शी बनेगी। प्रशिक्षण में स्कूल क्वालिटी असेसमेंट, नेतृत्व क्षमता, डिजिटल गवर्नेंस और डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही शिक्षकों को आधुनिक शिक्षण तकनीकों, स्किल आधारित शिक्षा और स्टूडेंट-केंद्रित दृष्टिकोण से भी अवगत कराया गया। कार्यक्रम में अंग्रेजी संचार कौशल को बढ़ाने के साथ-साथ मातृभाषा पंजाबी के महत्व पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा स्टेम शिक्षा को बढ़ावा देने और ग्रामीण क्षेत्रों में नवाचार को प्रोत्साहित करने पर भी चर्चा हुई।
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