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Mohali News: वर्क वीजा पर कनाडा भेजने के नाम पर ठगे 6 लाख
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मोहाली। विदेश में भेजने का झांसा देकर लोगों से ठगी के मामले मोहाली में बढ़ते जा रहे है। ऐसा ही एक मामला फतेहगढ़ की रहने वाली सर्वजोत ग्रेवाल के साथ हुआ है। सर्वजोत काैर ने वर्क वीजा पर कनाड़ा जाने के लिए मोहाली स्थित एक इमिग्रेशन कंपनी में 6 लाख जमा करवाए थे। इसके बाद इमिग्रेशन कंपनी की ओर से न तो उसे विदेश भेजा गया और न उसके पैसे लाैटाए गए। इसके बाद सर्वजोत ने इसकी शिकायत एनआरआई विंग पुलिस स्टेशन फेज-7 मोहाली में दी। इस मामले मे कार्रवाई करते हुए पुलिस ने इमिग्रेशन के मालिक और एक कर्मचारी के खिलाफ धारा- 406,420,24 इमिग्रेशन एक्ट 1983 के तहत एफआईआर दर्ज कर ली है। दोनों आरोपियों की पहचान मालिक हरमन ग्रेवाल और कर्मचारी शरगुन के रूप में हुई है।
ऑफिस बंद कर आरोपी फरार
एनआरआई विंग पुलिस स्टेशन में इमिग्रेशन कंपनी के मालिक हरमन और कर्मचारी शरगुन के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद पुलिस जब आरोपियों का गिरफ्तार करने के लिए उनके ऑफिस सेक्टर-82 में पहुंची तो देखा कि वहां पर तो ताला लगा हुआ था। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए कई जगह पर छापेमारी की, इसके अलावा आरोपी जिन मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करते थे वो भी सर्विलेंस भी लगा दिए गए। आरोपियों को पकड़ने के लिए मोहाली पुलिस की ओर से अन्य राज्य की पुलिस के साथ संपर्क किया जा रहा है।
ऐसे की ठगी
पुलिस को दी शिकायत में सर्वजोत ने बताया कि उसने वर्क वीजा पर कनाड़ा जाना था। किसी के जरिये उसे पता लगा था कि मोहाली सेक्टर-82 में एक इमिग्रेशन कंपनी है जिसके बाद वो अपने परिजनों के साथ वहां पर गई। वहां जाने के बाद उसे पहले शरगुन मिली, जिसने उसे कनाड़ा जाने के लिए क्या प्रोसीजर है उसके बारे में बताया, उसने उसे इमिग्रेशन के मालिक हरमन से भी मिलवाया था। उन्होंने कहा था कि कनाड़ा में वर्क वीजा के लिए 6 लाख रुपये जमा करवाने होंगे। उसने कुछ दिन में ही 6 लाख रुपये इमिग्रेशन कंपनी में जमा करवा दिए। पैसे लेने के बाद इमिग्रेशन की ओर से उसे कहा गया कि कुछ दिन में कनाड़ा का वर्क वीजा आ जाएगा। दी गई समय अवधि बीतने के बाद भी जब वर्क वीजा नहीं आया तो वो फिर से इमिग्रेशन ऑफिस में गई। जहां जाने के बाद उन्होंने कहा कि कुछ समस्या आ जाती है कुछ दिन इंतजार करें वर्क वीजा आ जाएगा। लेकिन जब कई दिन बीतने के बाद भी बीजा नहीं आया तो सर्वजोत फिर से इमिग्रेशन के ऑफिस पहुंची तो वहां पर ताला लगा हुआ था।
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शिकायतकर्ता न सोचा कि शायद किसी काम से गए होंगे, लेकिन जब आस पास ऑफिस के लोगों से पूछा तो पता चला कि ये तो कई दिनों से नहीं आ रहे। फिर से सर्वजोत ने शरगुन के मोबाइल नंबर पर कॉल की लेकिन फोन स्वीच ऑफ था फिर उसने हरमन को फोन किया मगर उसका नंबर भी नहीं मिल रहा था। जिसके बाद सर्तजोत ने इसकी शिकायत पुलिस को दे दी।
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ऑफिस बंद कर आरोपी फरार
एनआरआई विंग पुलिस स्टेशन में इमिग्रेशन कंपनी के मालिक हरमन और कर्मचारी शरगुन के खिलाफ केस दर्ज करने के बाद पुलिस जब आरोपियों का गिरफ्तार करने के लिए उनके ऑफिस सेक्टर-82 में पहुंची तो देखा कि वहां पर तो ताला लगा हुआ था। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए कई जगह पर छापेमारी की, इसके अलावा आरोपी जिन मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करते थे वो भी सर्विलेंस भी लगा दिए गए। आरोपियों को पकड़ने के लिए मोहाली पुलिस की ओर से अन्य राज्य की पुलिस के साथ संपर्क किया जा रहा है।
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ऐसे की ठगी
पुलिस को दी शिकायत में सर्वजोत ने बताया कि उसने वर्क वीजा पर कनाड़ा जाना था। किसी के जरिये उसे पता लगा था कि मोहाली सेक्टर-82 में एक इमिग्रेशन कंपनी है जिसके बाद वो अपने परिजनों के साथ वहां पर गई। वहां जाने के बाद उसे पहले शरगुन मिली, जिसने उसे कनाड़ा जाने के लिए क्या प्रोसीजर है उसके बारे में बताया, उसने उसे इमिग्रेशन के मालिक हरमन से भी मिलवाया था। उन्होंने कहा था कि कनाड़ा में वर्क वीजा के लिए 6 लाख रुपये जमा करवाने होंगे। उसने कुछ दिन में ही 6 लाख रुपये इमिग्रेशन कंपनी में जमा करवा दिए। पैसे लेने के बाद इमिग्रेशन की ओर से उसे कहा गया कि कुछ दिन में कनाड़ा का वर्क वीजा आ जाएगा। दी गई समय अवधि बीतने के बाद भी जब वर्क वीजा नहीं आया तो वो फिर से इमिग्रेशन ऑफिस में गई। जहां जाने के बाद उन्होंने कहा कि कुछ समस्या आ जाती है कुछ दिन इंतजार करें वर्क वीजा आ जाएगा। लेकिन जब कई दिन बीतने के बाद भी बीजा नहीं आया तो सर्वजोत फिर से इमिग्रेशन के ऑफिस पहुंची तो वहां पर ताला लगा हुआ था।
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शिकायतकर्ता न सोचा कि शायद किसी काम से गए होंगे, लेकिन जब आस पास ऑफिस के लोगों से पूछा तो पता चला कि ये तो कई दिनों से नहीं आ रहे। फिर से सर्वजोत ने शरगुन के मोबाइल नंबर पर कॉल की लेकिन फोन स्वीच ऑफ था फिर उसने हरमन को फोन किया मगर उसका नंबर भी नहीं मिल रहा था। जिसके बाद सर्तजोत ने इसकी शिकायत पुलिस को दे दी।